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Etawah News: छोटे व्यापारियों को मिली राहत, बड़े वर्ग को निराशा
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व्यापारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया, कहीं राहत तो कहीं निराशा
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर व्यापारियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। जहां कुछ व्यापारियों का मानना है कि सरकार ने छोटे व्यापारियों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है, वहीं एक बड़ा वर्ग इस बजट से निराशा हाथ लगने की बात कह रहा है। उनका मानना है कि बजट में कुछ खास वर्गों के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणाएं नहीं की गई हैं, जिससे उनकी उम्मीदें धराशायी हो गई हैं।
बजट पेश होने के बाद स्थानीय व्यापारियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कुछ व्यापारियों ने कहा कि सरकार ने छोटे और मध्यम वर्ग के व्यवसायों को ध्यान में रखते हुए कुछ राहतें दी हैं, जैसे कि करों में छूट या कुछ विशेष योजनाओं का विस्तार। उनका मानना है कि इससे उनके कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक मंदी के दौर से उबरने में मदद मिलेगी। वहीं, कई प्रमुख व्यापारियों और उद्योगपतियों ने बजट को निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि बजट में बड़े निवेशों को आकर्षित करने या मौजूदा उद्योगों को बड़ी राहत देने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं।
व्यापारियों का एक वर्ग यह भी सवाल उठा रहा है कि बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटित संसाधनों का वितरण किस प्रकार किया गया है। उनकी मांग है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है और इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचेगा। कुछ व्यापारियों का मानना है कि बजट में भविष्य की आर्थिक दिशा को लेकर स्पष्टता का अभाव है, जिससे उन्हें अपने कारोबार की योजना बनाने में कठिनाई हो रही है। कुल मिलाकर, बजट को लेकर व्यापारियों में एक अनिश्चितता का माहौल है, और वे आगामी दिनों में इसके प्रभावों का बारीकी से मूल्यांकन करेंगे।
फोटो 27:::मनोज।
बजट में टैक्स छूट और सब्सिडी पर दिया गया ध्यान
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला प्रभारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि इस साल का बजट व्यापारियों के लिए कुछ हद तक राहत भरा है, क्योंकि इसमें टैक्स छूट और सब्सिडी पर ध्यान दिया गया है। कुछ सेक्टरों में खर्च बढ़ाया गया है, जिससे रोजगार के मौके बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ लोगों को अभी भी महंगाई का असर महसूस हो सकता है। कुल मिलाकर, बजट में कुछ सुधार हैं, लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं।
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फोटो 28::::अलोक दीक्षित।
वाले बैंक की ब्याज दरों को कम नहीं किया
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित ने कहा कि बजट में व्यापारी समाज के लिए की जा रही है। किसी भी घोषणा को नहीं किया गया। इससे व्यापारी जगत में भारी निराशा है। जीएसटी जैसे कानून में जेल, सजा ,जुर्माना को समाप्त नहीं किया गया। व्यापारियों, उद्योगपतियों के लोन वे लिमिट पर लगने वाले बैंक की ब्याज दरों को कम नहीं किया। सरकार कीप ओर से आवासीय क्षेत्र में चल रहे कॉमर्शियल औद्योगिक संस्थानों को नियमित करने की कोई घोषणा नहीं की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर व्यापारियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। जहां कुछ व्यापारियों का मानना है कि सरकार ने छोटे व्यापारियों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है, वहीं एक बड़ा वर्ग इस बजट से निराशा हाथ लगने की बात कह रहा है। उनका मानना है कि बजट में कुछ खास वर्गों के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणाएं नहीं की गई हैं, जिससे उनकी उम्मीदें धराशायी हो गई हैं।
बजट पेश होने के बाद स्थानीय व्यापारियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कुछ व्यापारियों ने कहा कि सरकार ने छोटे और मध्यम वर्ग के व्यवसायों को ध्यान में रखते हुए कुछ राहतें दी हैं, जैसे कि करों में छूट या कुछ विशेष योजनाओं का विस्तार। उनका मानना है कि इससे उनके कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक मंदी के दौर से उबरने में मदद मिलेगी। वहीं, कई प्रमुख व्यापारियों और उद्योगपतियों ने बजट को निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि बजट में बड़े निवेशों को आकर्षित करने या मौजूदा उद्योगों को बड़ी राहत देने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किए गए हैं।
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व्यापारियों का एक वर्ग यह भी सवाल उठा रहा है कि बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटित संसाधनों का वितरण किस प्रकार किया गया है। उनकी मांग है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है और इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचेगा। कुछ व्यापारियों का मानना है कि बजट में भविष्य की आर्थिक दिशा को लेकर स्पष्टता का अभाव है, जिससे उन्हें अपने कारोबार की योजना बनाने में कठिनाई हो रही है। कुल मिलाकर, बजट को लेकर व्यापारियों में एक अनिश्चितता का माहौल है, और वे आगामी दिनों में इसके प्रभावों का बारीकी से मूल्यांकन करेंगे।
फोटो 27:::मनोज।
बजट में टैक्स छूट और सब्सिडी पर दिया गया ध्यान
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला प्रभारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि इस साल का बजट व्यापारियों के लिए कुछ हद तक राहत भरा है, क्योंकि इसमें टैक्स छूट और सब्सिडी पर ध्यान दिया गया है। कुछ सेक्टरों में खर्च बढ़ाया गया है, जिससे रोजगार के मौके बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ लोगों को अभी भी महंगाई का असर महसूस हो सकता है। कुल मिलाकर, बजट में कुछ सुधार हैं, लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं।
फोटो 28::::अलोक दीक्षित।
वाले बैंक की ब्याज दरों को कम नहीं किया
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित ने कहा कि बजट में व्यापारी समाज के लिए की जा रही है। किसी भी घोषणा को नहीं किया गया। इससे व्यापारी जगत में भारी निराशा है। जीएसटी जैसे कानून में जेल, सजा ,जुर्माना को समाप्त नहीं किया गया। व्यापारियों, उद्योगपतियों के लोन वे लिमिट पर लगने वाले बैंक की ब्याज दरों को कम नहीं किया। सरकार कीप ओर से आवासीय क्षेत्र में चल रहे कॉमर्शियल औद्योगिक संस्थानों को नियमित करने की कोई घोषणा नहीं की।
