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Etawah News: लिपिक व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से डिप्टी सीएमओ कर रहे थे वसूली

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 10:51 PM IST
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The Deputy CMO was collecting money through a clerk and an ASHA worker.
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इटावा। कानपुर विजिलेंस टीम के बुधवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव को 55 हजार की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद भ्रष्टाचार से जुड़ी पुरानी परतें खुलने लगी हैं। निजी क्लीनिक व अस्पताल चलाने वाले डिप्टी सीएमओ से पीड़ित खुलकर विरोध करने पर उतर आए है। एक निजी क्लीनिक संचालक ने सोशल साइट पर यहां तक कह दिया है कि डिप्टी सीएमओ पर अगर कड़ी कार्रवाई होती है तो वह एक लाख रुपये का चेक सरकार को इनाम स्वरूप देंगे।

ताखा क्षेत्र के सरसईनावर के रेश यादव ने बताया कि उनका क्षेत्र में निजी क्लीनिक है। उनका आरोप है कि डिप्टी सीएमओ निजी क्लीनिक चलाने के नाम पर हर माह 20 से 30 हजार रुपये की मांग करते थे। उन्होंने बताया कि 20 मार्च 2019, 13 जून 2020, 13 सितंबर 2022 व 13 मई 2025 को उससे हर बार 50-50 हजार रुपये लिए गए। बाद में उसने रुपये देने से मना कर दिया तो उसका क्लीनिक बंद कराने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप है कि डिप्टी सीएमओ कार्यालय में तैनात एक क्लर्क व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से वसूली करते थे। इस दौरान दो दफा उन्होंने अपने आवास पर बुलाकर रुपये लिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसकी वजह से वह धक हारकर बैठ गए।
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कुछ भी बोलने से बचते रहे अधिकारी-कर्मी
डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव पर बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद दूसरे दिन कार्यालय में चर्चा का विषय बनी रहीं। अधिकारी व कर्मी इस मामले में कुछ भी बोलने से बचते रहे। सभी अपने-अपने काम में व्यस्त थे। साथ ही विभागीय कार्य निपटाने में लगे हुए थे।
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झोलाछाप पर कार्रवाई के नाम पर होती थी वसूली
जिले में बिना पंजीकरण के कई अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। पंजीकरण का पटल डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास के पास था। वह बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई का भय दिखाकर रुपये देने का दबाव बनाते थे। ऐसा करने पर क्लीनिक सीज करने की धमकी देते थे। ऐसे में उनका हर माह सोशल होता था। इसकी वह शिकायत भी नहीं कर पाते थे।
पूर्व सीएमओ, डिप्टी सीएमओ 18 लोगों पर उप लोकायुक्त में चल रहा मामला
थाना फ्रेंडस कॉलोनी के विजय नगर चौराहा निवासी प्रमोद गुप्ता ने 15 अप्रैल 2024 को उप लोकायुक्त से प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने पूर्व सीएमओ डॉ. गीताराम, एसीएमओ बीएल संजय, डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव, डिप्टी सीएओ यतेंद्र राजपूत, लिपिक हरीश कुमार, संदीप पाल समेत 18 लोगों पर शहर में खोले गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हुई गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया कि इन सेंटराें को खोलने में मानकों की अनदेखी की गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अपने चहेतों व परिचितों के घरों व गैराज में इन सेंटरों को खुला दिया। उन्होंने बताया कि सेंटर खुलने के लिए 25/50 की जगह का मानक था। वहीं, जो सेंटर खोले गए उसकी जगह 20/3 से भी कम थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सेंटरों के नाम पर 42 से 45 हजार से अधिक किराया निकाला जा रहा है जो मानकों की अनदेखी है। उन्होंने बताया उन्होंने इसकी प्रतिलिपि पीएमओ कार्यालय, सीएम कार्यालय, डीजी हेल्थ, एडीजी हेल्थ, डीएम इटावा समेत अन्य अफसरों को की थी। इसकी शिकायत पर हुई जांच में यह मामला सही पाया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके बयान हो चुके हैं जबकि आरोपी पक्ष के प्रस्तुत न होने पर कार्रवाई अटकी है।
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