{"_id":"6a383217b19d84d2bf0d1d07","slug":"the-victory-of-hussainiyat-and-the-defeat-of-the-oppressors-during-the-month-of-muharram-etawah-news-c-216-1-etw1012-144783-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: मोहर्रम के महीने में हुई हुसैनियत की फतह और जालिमों की हार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: मोहर्रम के महीने में हुई हुसैनियत की फतह और जालिमों की हार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फोटो: 45 मजलिस में तकरीर करते मौलाना मेहदी जैदी नजफी। स्रोत स्वयं
मोहर्रम के पांचवें दिन शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में हुई मजलिसें
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। मोहर्रम के पांचवें दिन शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और मकानों पर शहीदाने कर्बला की शहादत के गम में मजलिसों का आयोजन किया गया।
आलमपुरा इमाम बारगाह और दरगाह मौला अब्बास महेरे पर रजी हैदर की ओर से आयोजित मजलिस में तकरीर करते हुए मौलाना सैयद अली मेहदी जैदी नजफी ने कहा कि मोहर्रम वो महीना है जिसमें हुसैनियत को फतह हासिल हुई और जालिमों को हार मिली।
उन्होंने कहा कि कर्बला में 72 हुसैनी लाखों की फौज पर भारी पड़े। कर्बला वो जगह है जहां हुसैन की जियारत पर जाने वालों के गुनाह माफ होते हैं। इमाम हुसैन का रास्ता कामयाबी और निजात का रास्ता है। इमाम हुसैन ने मदीना छोड़ते वक्त वसीयत में अपना मकसद बता दिया था। उन्होंने कहा कि अगर मौला अली न होते तो दुनिया को यह भी पता न होता कि रसूल के कितने असहाब हैं। उन्होंने कहा अम्र बिन मारूफ पर अमल करना हर हुसैनी की जिम्मेदारी है। इसके अलावा पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े, शरीफ मंजिल सैदबाड़ा स्थित राहत अकील के कदीमी इमामबाड़े, मिश्री टोला में रजी हैदर के मकान पर आयोजित मजलिसों में मौलाना अनवारुल हसन जैदी, घटिया अज़मत अली इमामबाड़े व घटिया अजमत अली स्थित समर अब्बास नकवी के मकान पर आयोजित मजलिसों में मौलाना सैयद डा. एजाज अली बिहार ने तकरीर की। मजलिसों में सलीम रजा, जहूर नकवी, सफीर हैदर ने सोजख्वानी, तनवीर हसन, राहिल सगीर, अख्तर अब्बास ने नोहा ख्वानी की।
......................
आज निकलेगा सजैरी का जुलूस
मोहर्रम की छठे दिन 22 जून दिन सोमवार को सुबह आठ बजे शिया समुदाय की सजैरी का जुलूस निकलेगा। शावेज नकवी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मौलाना सैयद अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा के नेतृत्व और शब्बर अकील की देखरेख में जलूस मोहल्ला शाहगदा अली स्थित नईम उद्दीन के इमामबाड़े से मजलिस के बाद उठेगा। सजैरी का जुलूस चौहट्टा, कोतवाली चौराहा, आलमपुरा, शीशमहल, तिकोनिया, पक्की सराये, नगर पालिका चौराहा, तहसील चौराहा, शरीफ मंजिल सैदबाड़ा, साबित गंज, नया शहर, उर्दू मोहल्ला, नोरंगाबाद होकर इमामबाड़ा घटिया अजमतअली पर समाप्त होगा। उन्होंने समाज के लोगों से जुलूस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की।
विज्ञापन
मोहर्रम के पांचवें दिन शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में हुई मजलिसें
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। मोहर्रम के पांचवें दिन शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और मकानों पर शहीदाने कर्बला की शहादत के गम में मजलिसों का आयोजन किया गया।
आलमपुरा इमाम बारगाह और दरगाह मौला अब्बास महेरे पर रजी हैदर की ओर से आयोजित मजलिस में तकरीर करते हुए मौलाना सैयद अली मेहदी जैदी नजफी ने कहा कि मोहर्रम वो महीना है जिसमें हुसैनियत को फतह हासिल हुई और जालिमों को हार मिली।
उन्होंने कहा कि कर्बला में 72 हुसैनी लाखों की फौज पर भारी पड़े। कर्बला वो जगह है जहां हुसैन की जियारत पर जाने वालों के गुनाह माफ होते हैं। इमाम हुसैन का रास्ता कामयाबी और निजात का रास्ता है। इमाम हुसैन ने मदीना छोड़ते वक्त वसीयत में अपना मकसद बता दिया था। उन्होंने कहा कि अगर मौला अली न होते तो दुनिया को यह भी पता न होता कि रसूल के कितने असहाब हैं। उन्होंने कहा अम्र बिन मारूफ पर अमल करना हर हुसैनी की जिम्मेदारी है। इसके अलावा पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े, शरीफ मंजिल सैदबाड़ा स्थित राहत अकील के कदीमी इमामबाड़े, मिश्री टोला में रजी हैदर के मकान पर आयोजित मजलिसों में मौलाना अनवारुल हसन जैदी, घटिया अज़मत अली इमामबाड़े व घटिया अजमत अली स्थित समर अब्बास नकवी के मकान पर आयोजित मजलिसों में मौलाना सैयद डा. एजाज अली बिहार ने तकरीर की। मजलिसों में सलीम रजा, जहूर नकवी, सफीर हैदर ने सोजख्वानी, तनवीर हसन, राहिल सगीर, अख्तर अब्बास ने नोहा ख्वानी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
......................
आज निकलेगा सजैरी का जुलूस
मोहर्रम की छठे दिन 22 जून दिन सोमवार को सुबह आठ बजे शिया समुदाय की सजैरी का जुलूस निकलेगा। शावेज नकवी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मौलाना सैयद अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा के नेतृत्व और शब्बर अकील की देखरेख में जलूस मोहल्ला शाहगदा अली स्थित नईम उद्दीन के इमामबाड़े से मजलिस के बाद उठेगा। सजैरी का जुलूस चौहट्टा, कोतवाली चौराहा, आलमपुरा, शीशमहल, तिकोनिया, पक्की सराये, नगर पालिका चौराहा, तहसील चौराहा, शरीफ मंजिल सैदबाड़ा, साबित गंज, नया शहर, उर्दू मोहल्ला, नोरंगाबाद होकर इमामबाड़ा घटिया अजमतअली पर समाप्त होगा। उन्होंने समाज के लोगों से जुलूस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील की।