सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   The former head had planned to kill him by digging a pit in the field.

Etawah News: पूर्व प्रधान ने खेत में गड्ढा खोदकर मारने की बनाई थी योजना

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
The former head had planned to kill him by digging a pit in the field.
विज्ञापन
इटावा। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट ने हत्या के प्रयास में थाना वैदपुरा के ग्राम जैतिया में 10 साल हुए खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के 11 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हमले में घायल हुईं नारायणी देवी का आरोप है कि पट्टे की जमीन पर कब्जा करने को लेकर पूर्व प्रधान रामशंकर व उनके परिवार के सदस्य खूनी संघर्ष की पहले की योजना बना रखी थी। वह खेत पर लाठी-डंडा व कुल्हाड़ी आदि लेकर पहुंचे थे। साथ ही खेत पर एक गड्ढा खोद रखा था। उनकी योजना थी जैसे ही दूसरे पक्ष के रामकिशोर समेत अन्य ग्रामीण पट्टे की जमीन पर कब्जा लेने आए आएंगे तो उन्हें मारकर गड्ढे में दफना देंगे।
Trending Videos

बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट चतुर्थ संजय कुमार ने पूर्व प्रधान रामशंकर समेत 11 दोषियों सुरेंद्र, रामदास, श्याम प्रताप, रिंकू बाबू, दिनेश, सुनील, नीतेश, विकास, दशरथ व ताराचंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों को सजा मिलने के बाद पीड़ित पक्ष के रामकिशोर समेत अन्य पट्टेधारकों ने कोर्ट के निर्णय की जहां सराहना की। वहीं, विपक्षीगण ने कोर्ट के निर्णय को जल्दबाजी में लिए जाने की बात कही। सुरेंद्र के बेटे अखिलेश ने सोमवार को इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट में गवाही के एक दिन पहले पीड़ित रामकिशोर को लगी थी गोली रामकिशोर के चाचा सत्यदेव ने बताया कि उसके भतीजे की कटाखेड़ा में जनसेवा केंद्र है। एक अप्रैल को जानलेवा हमले की कोर्ट में पीड़ित पक्ष के लोगों की गवाही होनी थी। मंगलवार को पीड़ित रामकिशोर व उसका भाई अनुज जनसेवा केंद्र से शाम करीब छह बजे घर लौट रहे थे। इस दौरान उन पर फिर से जानलेवा हमला हो गया। कई राउंड की फायरिंग में एक गोली रामकिशोर के पेट में लगी, इससे वह लहूलुहान हो गए। रामकिशोर समय पर इलाज मिलने पर फिर से बच गए। उन्होंने इस मामले में रामदास व नीतेश के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। तीन अप्रैल को इस मामले की सुनवाई होनी है। जानलेवा हमले में उम्रकैद की सजा पाए 11 लोगों में रामदास व नीतेश भी जेल जा चुके हैं।






इटावा। थाना वैदपुरा के ग्राम जैतिया में पूर्व प्रधान रामशंकर सहित एक ही परिवार के ग्यारह लोगों को उम्रकैद की सजा मिली है। वर्चस्व की लड़ाई में ग्यारह सदस्यों के जेल जाने से अब घर में केवल दो बेटे, महिलाएं और बच्चे रह गए हैं। घरों पर सन्नाटा पसरा रहा। जानलेवा हमले में दोषी सुरेंद्र के पुत्र अखिलेश ने बताया कि उनके परिवार में हमेशा से प्रधानी रही है। उनके बाबा देवीदयाल साल 1960 से साल 1972 तक प्रधान रहे। ताऊ बालेश्वर प्रसाद साल 1995 से साल 2003 तक प्रधान रहे। चाचा रामशंकर साल 2003 के उपचुनाव में जीते और साल 2005 तक प्रधान रहे, फिर साल 2015 से साल 2021 तक दोबारा प्रधान रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed