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Etawah News: कचहरी में प्रदर्शन करने वाले तीन अधिवक्ता 25 साल बाद दोषमुक्त
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इटावा। जिला कचहरी में 26 साल पहले हुए वकील रणवीर सिंह सेंगर परिवार हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग लेकर अधिवक्ताओं की पुलिस-प्रशासन से झड़प हुई थी। बाद में हुए लाठीचार्ज में 50 से अधिक अधिवक्ता घायल हो गए थे। इस मामले में सीबीआई ने अधिवक्ता सुनील टंडन, सुनील वाजपेयी और धर्मेंद्र मिश्र को आरोपित बनाया था। मामले की सुनवाई लखनऊ सीबीआई कोर्ट में चली। स्पेशल बेंच की न्यायाधीश मधु डोगरा ने तीनों अधिवक्ताओं को दोषमुक्त कर दिया है।
आरोपित वकीलों के अधिवक्ता राजपाल सिंह भदौरिया ने बताया कि दो मई 2000 को रामनगर निवासी अधिवक्ता रणवीर सिंह सेंगर की परिवार समेत हत्या कर दी गई थी। जिला कचहरी के अधिवक्ता इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलित थे। 15 सितंबर 2000 को जिला कचहरी में इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
अधिवक्ता राजपाल के मुताबिक पुलिस-प्रशासन ने वकीलों पर लाठीचार्ज भी किया था। तत्कालीन एडीएम पीके पांडेय ने इस मामले में 37 अधिवक्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अक्तूबर 2000 में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई ने लंबी चली जांच के बाद साल 2011 में पांच अधिवक्ताओं के खिलाफ लखनऊ बेंच की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
इसमें अधिवक्ता वीरेंद्र यादव, अवनीश चौहान, सुनील टंडन, सुनील वाजपेयी व धर्मेंद्र मिश्र को आरोपित बनाया था। कोर्ट की सुनवाई के दौरान वीरेंद्र यादव व अवनीश चौहान की मौत हो गई। मंगलवार को लखनऊ में स्पेशल सीबीआई कोर्ट में अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा है। इसके बाद कोर्ट ने बाकी के तीनों वकीलों को दोषमुक्त सिद्ध कर दिया।
15 सितंबर 2000 में सिविल लाइंस इलाके में रामनगर रेलवे क्राॅसिंग के पास वरिष्ठ अधिवक्ता रणवीर सिंह सेंगर, पत्नी शशि प्रभा वकील बेटियां इंदु और बीना सेंगर और उनके कुत्ते की गला काटकर हत्या कर दी गई थी।
दोषमुक्त होने पर जिला बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं का स्वागत किया गया। जिला बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री नितिन तिवारी सहित डीबीए के पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं का फूल माला पहनाकर सम्मान किया। सीनियर एडवोकेट शांति स्वरूप पाठक, विमल तिवारी, देवेंद्र पांडे, आदित्य मोहन शर्मा ने बधाई दी। डीबीए पदाधिकारियों में संयुक्त मंत्री योगेश यादव, सुनील यादव, वरिष्ठ सदस्य प्रमोद तिवारी, सदस्य सौरभ झा, सुभाष चंद्र, राजीव त्रिपाठी, अजीत ऋषिश्वर अनिल कुमार, इंद्रपाल सिंह, हिमांशु यादव, विवेक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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आरोपित वकीलों के अधिवक्ता राजपाल सिंह भदौरिया ने बताया कि दो मई 2000 को रामनगर निवासी अधिवक्ता रणवीर सिंह सेंगर की परिवार समेत हत्या कर दी गई थी। जिला कचहरी के अधिवक्ता इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलित थे। 15 सितंबर 2000 को जिला कचहरी में इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
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अधिवक्ता राजपाल के मुताबिक पुलिस-प्रशासन ने वकीलों पर लाठीचार्ज भी किया था। तत्कालीन एडीएम पीके पांडेय ने इस मामले में 37 अधिवक्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अक्तूबर 2000 में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई ने लंबी चली जांच के बाद साल 2011 में पांच अधिवक्ताओं के खिलाफ लखनऊ बेंच की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
इसमें अधिवक्ता वीरेंद्र यादव, अवनीश चौहान, सुनील टंडन, सुनील वाजपेयी व धर्मेंद्र मिश्र को आरोपित बनाया था। कोर्ट की सुनवाई के दौरान वीरेंद्र यादव व अवनीश चौहान की मौत हो गई। मंगलवार को लखनऊ में स्पेशल सीबीआई कोर्ट में अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा है। इसके बाद कोर्ट ने बाकी के तीनों वकीलों को दोषमुक्त सिद्ध कर दिया।
15 सितंबर 2000 में सिविल लाइंस इलाके में रामनगर रेलवे क्राॅसिंग के पास वरिष्ठ अधिवक्ता रणवीर सिंह सेंगर, पत्नी शशि प्रभा वकील बेटियां इंदु और बीना सेंगर और उनके कुत्ते की गला काटकर हत्या कर दी गई थी।
दोषमुक्त होने पर जिला बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं का स्वागत किया गया। जिला बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री नितिन तिवारी सहित डीबीए के पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं का फूल माला पहनाकर सम्मान किया। सीनियर एडवोकेट शांति स्वरूप पाठक, विमल तिवारी, देवेंद्र पांडे, आदित्य मोहन शर्मा ने बधाई दी। डीबीए पदाधिकारियों में संयुक्त मंत्री योगेश यादव, सुनील यादव, वरिष्ठ सदस्य प्रमोद तिवारी, सदस्य सौरभ झा, सुभाष चंद्र, राजीव त्रिपाठी, अजीत ऋषिश्वर अनिल कुमार, इंद्रपाल सिंह, हिमांशु यादव, विवेक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।