{"_id":"6a2863eda1fb1c63cd01befa","slug":"allegation-jewellery-worth-rs-1-crore-missing-from-bank-locker-farrukhabad-news-c-222-1-frk1012-143456-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोप : बैंक लाॅकर से एक करोड़ के गहने गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोप : बैंक लाॅकर से एक करोड़ के गहने गायब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के मोहल्ला राजन नगला न्यू इंदिर कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार रामकुमार वर्मा ने स्टेट बैंक के लॉकर से एक करोड़ रुपये के गहने गायब होने का आरोप लगाकर कोतवाली पुलिस में तहरीर दी है। पुलिस ने स्टेट बैंक शाखा में छानबीन की।
सेवानिवृत्त सूबेदार रामकुमार वर्मा ने फतेहगढ़ स्थित स्टेट बैंक में वर्ष 2023 में लॉकर लिया था। छह जून को वह अपने लॉकर से गहने निकालने पहुंचे। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैंक से चाबी ली और लॉकर खोलकर चेक किया। उनका आरोप है कि उनके लॉकर से करीब एक करोड़ रुपये के सभी गहने गायब हो गए हैं। उन्होंने इसकी जानकारी मुख्य प्रबंधक उमेश चंद्रा को दी। उन्होंने कहा कि बैंक ने आपको लॉकर किराये पर दिया है। उसमें आपने क्या रखा और क्या निकाला, इससे बैंक को कोई मतलब नहीं होता है। रामकुमार वर्मा ने फतेहगढ़ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई कार्रवाई नहीं की तो मंगलवार को सेवानिवृत्त सूबेदार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर वहां मौजूद सीओ अभय वर्मा से शिकायत की।
स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक उमेश चंद्रा ने बताया कि लॉकर वही खोल सकता है, जिसके नाम आवंटित है। उसकी दो चाबियां होती हैं। एक जिसके नाम आवंटित है, उसके पास रहती है और दूसरी बैंक में होती है। दोनों चाबी एक साथ लगाने पर ही लॉकर खुलता है। किसी के भी लॉकर से कुछ गायब नहीं हो सकता है। इससे पहले वह 15 जुलाई 2025 को लॉकर चेक करने आए थे। उन्होंने बैंक में जो शिकायत की है, उसमें 50 लाख रुपये के गहने गायब होने का उल्लेख किया है। पुलिस को भी लॉकर खाेलने आदि की प्रक्रिया बता दी गई थी। रामकुमार का कहना है कि 50 लाख से अधिक के गहने हैं, उन्होंने रसीदों के हिसाब से 50 लाख लिख दिए थे।
विज्ञापन
सीओ अभय वर्मा ने बताया कि पहले बैंक मामले की जांच कराएगी। बैंक की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
Trending Videos
सेवानिवृत्त सूबेदार रामकुमार वर्मा ने फतेहगढ़ स्थित स्टेट बैंक में वर्ष 2023 में लॉकर लिया था। छह जून को वह अपने लॉकर से गहने निकालने पहुंचे। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैंक से चाबी ली और लॉकर खोलकर चेक किया। उनका आरोप है कि उनके लॉकर से करीब एक करोड़ रुपये के सभी गहने गायब हो गए हैं। उन्होंने इसकी जानकारी मुख्य प्रबंधक उमेश चंद्रा को दी। उन्होंने कहा कि बैंक ने आपको लॉकर किराये पर दिया है। उसमें आपने क्या रखा और क्या निकाला, इससे बैंक को कोई मतलब नहीं होता है। रामकुमार वर्मा ने फतेहगढ़ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई कार्रवाई नहीं की तो मंगलवार को सेवानिवृत्त सूबेदार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर वहां मौजूद सीओ अभय वर्मा से शिकायत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक उमेश चंद्रा ने बताया कि लॉकर वही खोल सकता है, जिसके नाम आवंटित है। उसकी दो चाबियां होती हैं। एक जिसके नाम आवंटित है, उसके पास रहती है और दूसरी बैंक में होती है। दोनों चाबी एक साथ लगाने पर ही लॉकर खुलता है। किसी के भी लॉकर से कुछ गायब नहीं हो सकता है। इससे पहले वह 15 जुलाई 2025 को लॉकर चेक करने आए थे। उन्होंने बैंक में जो शिकायत की है, उसमें 50 लाख रुपये के गहने गायब होने का उल्लेख किया है। पुलिस को भी लॉकर खाेलने आदि की प्रक्रिया बता दी गई थी। रामकुमार का कहना है कि 50 लाख से अधिक के गहने हैं, उन्होंने रसीदों के हिसाब से 50 लाख लिख दिए थे।
सीओ अभय वर्मा ने बताया कि पहले बैंक मामले की जांच कराएगी। बैंक की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।