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Farrukhabad News: चिप्सोना भी रिकॉर्ड मंदी की गिरफ्त में
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कमालगंज। हाइब्रिड सफेद आलू के बाद सदाबहार माना जाने वाला चिप्सोना आलू भी रिकॉर्ड मंदी की गिरफ्त में आ गया। मंडी में चिप्सोना के 250 रुपये पैकेट के दाम ही किसानों के हाथ में आए। वहीं व्यापारियों के न आने से आढ़तियों ने किसानों को फिलहाल मंडी में आलू न लाने का सुझाव दिया है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति कमालगंज की आलू मंडी में शुक्रवार रात तक केवल 600 पैकेट आलू आया। सफेद आलू ख्याति व पुखराज 100 से 200 रुपये पैकेट यानी 200 से 400 रुपये क्विंटल बिका। वहीं चिप्सोना आलू 200 से 250 रुपये पैकेट (50 किलो) ही बिक पाया। आढ़ती साजिम खान ने बताया कि कन्नौज के इंदुइया निवासी किसान संजीव का 101 पैकेट सफेद आलू केवल 90 रुपये पैकेट के हिसाब से बिक पाया। वहीं अच्छा सफेद आलू 141 रुपये पैकेट बिका। व्यापारी इशरत ने बताया कि प्लांटर से आलू की खोदाई के कारण खेत में आलू चुटहिल हो रहा है। इससे धूप पड़ते ही आलू दागी हो रहा। इसके कारण गुणवत्ता कमतर हो रही है। महरूपु बीजल के किसान अनवार अहमद का चिप्सोना आलू 231 रुपये पैकेट ही बिक पाया। व्यापारी इशरत निराला ने बताया कि छोटे साइज के चिप्सोना को भाव गिराकर खरीदा जा रहा है। वहीं अच्छा चिप्सोना आलू खेतों में 350 रुपये पैकेट तक बिक जा रहा।
मंडी में सड़े आलू से फैल रही दुर्गंध
व्यापारियों का कहना है कि इस समय मंडी में खराब आलू को अलग कर अच्छा-अच्छा निकालकर पैकेट में भरा जा रहा है। इससे खराब आलू मंडी में ही छूट रहा है। इस सड़े आलू की मंडी में दुर्गंध फैल रही है। इसलिए मंडी में कर्मचारी लगाकर सड़े आलू को हटवाया जाए। अन्यथा बीमारी फैल सकती है।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति कमालगंज की आलू मंडी में शुक्रवार रात तक केवल 600 पैकेट आलू आया। सफेद आलू ख्याति व पुखराज 100 से 200 रुपये पैकेट यानी 200 से 400 रुपये क्विंटल बिका। वहीं चिप्सोना आलू 200 से 250 रुपये पैकेट (50 किलो) ही बिक पाया। आढ़ती साजिम खान ने बताया कि कन्नौज के इंदुइया निवासी किसान संजीव का 101 पैकेट सफेद आलू केवल 90 रुपये पैकेट के हिसाब से बिक पाया। वहीं अच्छा सफेद आलू 141 रुपये पैकेट बिका। व्यापारी इशरत ने बताया कि प्लांटर से आलू की खोदाई के कारण खेत में आलू चुटहिल हो रहा है। इससे धूप पड़ते ही आलू दागी हो रहा। इसके कारण गुणवत्ता कमतर हो रही है। महरूपु बीजल के किसान अनवार अहमद का चिप्सोना आलू 231 रुपये पैकेट ही बिक पाया। व्यापारी इशरत निराला ने बताया कि छोटे साइज के चिप्सोना को भाव गिराकर खरीदा जा रहा है। वहीं अच्छा चिप्सोना आलू खेतों में 350 रुपये पैकेट तक बिक जा रहा।
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मंडी में सड़े आलू से फैल रही दुर्गंध
व्यापारियों का कहना है कि इस समय मंडी में खराब आलू को अलग कर अच्छा-अच्छा निकालकर पैकेट में भरा जा रहा है। इससे खराब आलू मंडी में ही छूट रहा है। इस सड़े आलू की मंडी में दुर्गंध फैल रही है। इसलिए मंडी में कर्मचारी लगाकर सड़े आलू को हटवाया जाए। अन्यथा बीमारी फैल सकती है।