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Farrukhabad News: प्रसूता व नवजात की मौत, शव मांगने पर परिजन को पीटा, हाईवे किया जाम
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फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला नरायनपुर निवासी महिला की शनिवार सुबह बघार स्थित मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में प्रसव के बाद नवजात बेटी सहित मौत हो गई। शव मांगने पर अस्पताल कर्मियों व गार्डों ने परिजन से मारपीट की। इससे गुस्साए परिजन ने मोहल्ले के लोगों के साथ इटावा-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर 45 मिनट बाद जाम खुलवाया।
नरायनपुर के पापड़ी विक्रेता जितेंद्र कुमार ने पत्नी सविता को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार दोपहर मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शनिवार सुबह सविता ने बेटी को जन्म दिया। जितेंद्र ने बताया कि सामान्य प्रसव कराने की बात कहकर उनसे 10 हजार रुपये जमा कराए गए। अल्ट्रासाउंड कराने पर बताया गया था कि बच्चे के दिमाग में पानी भरा है। प्रसव के बाद उसने बेटी को गोद में लिया और पत्नी से भी बात हुई।
कुछ देर बाद अस्पताल कर्मियों ने बेटी की मौत और पत्नी के वेंटिलेटर पर होने की जानकारी दी। इसके बाद कर्मचारियों ने उनके साथ अस्पताल में मौजूद परिवार की महिलाओं के भी रजिस्टर पर अंगूठे लगवाए। बाद में बताया कि पत्नी सविता की मौत हो गई। उन्होंने शव देने को कहा तो कर्मचारियों ने काफी देर तक वार्ड में घुसने भी नहीं दिया और विवाद करने लगे। कर्मचारी व गार्डों पर महिलाओं से भी मारपीट का आरोप लगाया। बुजुर्ग पिता ओमप्रकाश के ऊपर से एंबुलेंस का पहिया निकाल दिया। शव अस्पताल से गायब कर दिया। इससे वे लोग वापस घर आए।
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कुछ देर बाद परिजन के साथ पहुंची भीड़ ने गांव विजाधरपुर के सामने पेट्रोल पंप के पास इटावा-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। वाहनों की कतारें लग गईं। सेंट्रल जेल चौकी प्रभारी शिवकुमार, फतेहगढ़ कोतवाल तेज सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझाया। आश्वासन दिया कि तहरीर दो, कार्रवाई करेंगे। शव लोहिया अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया गया है। चाहो तो वहां से शव ला सकते हो। इसके बाद भीड़ शांत हुई। पति जितेंद्र का आरोप है कि कर्मचारियों ने गलत इलाज कर पत्नी को मार डाला। उन्होंने अस्पताल व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
जितेंद्र कुमार के तीन बच्चे हैं। चौथे बच्चे के जन्म के दौरान सविता की मौत हो गई। इससे तीन अन्य बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। जितेंद्र रो-रोकर कह रहा था कि अब उनके बच्चों को कौन पालेगा। किसके सहारे रहेंगे।
अराजक तत्वों ने परिजन को भड़काया
मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन व सपा के प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि वह बाहर हैं। मामले की जानकारी हुई है। गलत इलाज करने, अस्पताल से शव न देने और परिजन से मारपीट का आरोप गलत है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी अराजक तत्व के भड़काने से परिजन बहकावे में आ गए।
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नरायनपुर के पापड़ी विक्रेता जितेंद्र कुमार ने पत्नी सविता को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार दोपहर मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शनिवार सुबह सविता ने बेटी को जन्म दिया। जितेंद्र ने बताया कि सामान्य प्रसव कराने की बात कहकर उनसे 10 हजार रुपये जमा कराए गए। अल्ट्रासाउंड कराने पर बताया गया था कि बच्चे के दिमाग में पानी भरा है। प्रसव के बाद उसने बेटी को गोद में लिया और पत्नी से भी बात हुई।
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कुछ देर बाद अस्पताल कर्मियों ने बेटी की मौत और पत्नी के वेंटिलेटर पर होने की जानकारी दी। इसके बाद कर्मचारियों ने उनके साथ अस्पताल में मौजूद परिवार की महिलाओं के भी रजिस्टर पर अंगूठे लगवाए। बाद में बताया कि पत्नी सविता की मौत हो गई। उन्होंने शव देने को कहा तो कर्मचारियों ने काफी देर तक वार्ड में घुसने भी नहीं दिया और विवाद करने लगे। कर्मचारी व गार्डों पर महिलाओं से भी मारपीट का आरोप लगाया। बुजुर्ग पिता ओमप्रकाश के ऊपर से एंबुलेंस का पहिया निकाल दिया। शव अस्पताल से गायब कर दिया। इससे वे लोग वापस घर आए।
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कुछ देर बाद परिजन के साथ पहुंची भीड़ ने गांव विजाधरपुर के सामने पेट्रोल पंप के पास इटावा-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। वाहनों की कतारें लग गईं। सेंट्रल जेल चौकी प्रभारी शिवकुमार, फतेहगढ़ कोतवाल तेज सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझाया। आश्वासन दिया कि तहरीर दो, कार्रवाई करेंगे। शव लोहिया अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया गया है। चाहो तो वहां से शव ला सकते हो। इसके बाद भीड़ शांत हुई। पति जितेंद्र का आरोप है कि कर्मचारियों ने गलत इलाज कर पत्नी को मार डाला। उन्होंने अस्पताल व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
जितेंद्र कुमार के तीन बच्चे हैं। चौथे बच्चे के जन्म के दौरान सविता की मौत हो गई। इससे तीन अन्य बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। जितेंद्र रो-रोकर कह रहा था कि अब उनके बच्चों को कौन पालेगा। किसके सहारे रहेंगे।
अराजक तत्वों ने परिजन को भड़काया
मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन व सपा के प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि वह बाहर हैं। मामले की जानकारी हुई है। गलत इलाज करने, अस्पताल से शव न देने और परिजन से मारपीट का आरोप गलत है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी अराजक तत्व के भड़काने से परिजन बहकावे में आ गए।