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Farrukhabad News: सीएम से गुहार लगाना भी नहीं आया काम, 100 से अधिक दिए प्रार्थनापत्र

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:18 AM IST
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Even pleading with the CM did not work
फोटो-15 गांव गुजरपुर पमारान में सूनी पड़ी गली। संवाद
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अमृतपुर। गूजरपुर पमारान गांव के साइकिल मिस्त्री ओमवीर राठौर का आठ माह बाद कंकाल बरामद हुआ है। उनकी पत्नी धर्मशिला ने पति की तलाश के लिए मुख्यमंत्री सहित सौ से अधिक अधिकारियों से गुहार लगाई थी। पुलिस की निष्क्रियता के कारण मामले में देरी हुई। इस घटना से पुलिस के सूचना तंत्र और खुफिया विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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थाना क्षेत्र के गांव गूजरपुर पमारान निवासी साइकिल मिस्त्री का 20 जुलाई को अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पत्नी धर्मशिला ने पति के दोस्त रामू यादव सहित छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। धर्मशिला का कहना है कि पति की तलाश के 24 जुलाई, 25 जुलाई, 29 जुलाई, 13 नवंबर 2025 और 16 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिए गए। वहीं 24 जुलाई, 7 अगस्त और 27 अगस्त 2025 को डीएम से भी गुहार लगाई थी। इसके अलावा 2 अगस्त 2025, 7 फरवरी 2026 और 23 मार्च 2026 को संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिए गए। 13 अगस्त 2025 को पुलिस महानिदेशक को भी शिकायत भेजी थी।
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धर्मशिला ने 30 जुलाई 2025 को नगर विकास राज्यमंत्री राकेश सिंह राठौर और 7 अगस्त व 27 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रार्थना पत्र देकर पति की सकुशल बरामदगी की मांग की।
धर्मशिला का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी न तो पुलिस और न ही प्रशासन ने मामले में गंभीरता दिखाई। यदि समय रहते पुलिस और अधिकारी सक्रिय हो जाते, तो उसके पति का सुराग मिल सकता था। इससे वह न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होती रही।
गांव में दहशत, एसपी ने परिजनों को दिया सुरक्षा का भरोसा

ओमवीर राठौर का कंकाल मिलने के बाद गूजरपुर पमारान गांव में सन्नाटा पसरा है। परिवार दहशत में है और ग्रामीण आक्रोशित हैं। धर्मशिला ने कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, उन्हें अपनी सुरक्षा का डर रहेगा। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने गुरुवार को धर्मशिला और उनकी मां राजेश्वरी देवी को अपने कार्यालय बुलाया। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और सुरक्षा का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने शेष आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही।
पूर्व प्रधान से पूछताछ न होने से नाराजगी

ओमवीर के अपहरण मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद थाना पुलिस नामजद पूर्व प्रधान देवेंद्र यादव से पूछताछ नहीं कर सकी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सीधे आरोपी से पूछताछ करने के बजाय उसके पिता को थाने बुलाकर जानकारी ली। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही सभी नामजद आरोपियों से सख्ती से पूछताछ होती तो मामले का जल्द खुलासा हो सकता था। पुलिस की इस ढिलाई से पीड़ित परिवार में नाराजगी है।

फोटो-15 गांव गुजरपुर पमारान में सूनी पड़ी गली। संवाद

फोटो-15 गांव गुजरपुर पमारान में सूनी पड़ी गली। संवाद

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