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कलार व स्वर्णकारों को पिछड़ा वर्ग से बाहर करें : राजपूत

Thu, 20 Aug 2026 12:37 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:37 AM IST
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Exclude Kalar and Goldsmith communities from the Backward Classes category: Rajput
फर्रुखाबाद। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बुधवार को पांच सदस्यीय टीम के साथ जनपद भ्रमण पर पहुंचे। उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में पिछड़ा वर्ग के लोगों से संवाद कर आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक व शैक्षिक स्तर पर चर्चा की। जिला पंचायत सदस्य जीत सिंह राजपूत ने कलार व स्वर्णकारों को पिछड़ा वर्ग से बाहर कर सामान्य में रखने की मांग की।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के साथ ही विधानसभा चुनाव भी नजदीक है। इसके चलते पिछड़ा वर्ग आयोग की पांच सदस्यीय टीम सभी जनपदों का भ्रमण कर सर्वे कर रही है। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह के साथ सदस्य सेवानिवृत्त जिला जज बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त एडीजे संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस अरविंद कुमार चौरसिया व सेवानिवृत्त आईएएस एसपी सिंह यहां पहुंचे। उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में पिछड़ा वर्ग की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव से पिछड़ा वर्ग की शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक स्थिति की जानकारी ली।
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जिला पंचायत अध्यक्ष व प्रशासक ने बताया कि पिछड़ा वर्ग की आबादी 8,14,760 है। जनसंख्या की दृष्टि से 27 प्रतिशत आरक्षण कम है। जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उनके क्षेत्र में सामान्य वर्ग की भी स्थिति अच्छी नहीं है। 60 फीसद सामान्य वर्ग के लोग हैं। 40 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग के हैं।
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जिला पंचायत सदस्य जीत सिंह राजपूत ने कहा कि वैश्य में कलार के अलावा स्वर्णकारों को आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद पिछड़ा वर्ग का लाभ दिया जा रहा है। इन्हें पिछड़ा वर्ग से निकालकर सामान्य वर्ग में लाना चाहिए। जिले में 17.33 प्रतिशत दो लाख 41 हजार 115 अनुसूचित जाति के लोग हैं। जिला पंचायत की कुल 30 सीटों में से छह सदस्य अनुसूचित जाति के हैं, जबकि पांच सीट ही आरक्षित होनी चाहिए।

पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य ने बताया कि शासन ने छह माह में आयोग से रिपोर्ट मांगी है। 20 मई से भ्रमण कार्यक्रम शुरू होने से 20 अक्तूबर तक वह सभी जिलों की स्थिति की रिपोर्ट सौंपेंगे।
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