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Farrukhabad News: चेक बाउंस मामले में एक वर्ष की सजा, आठ लाख जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:51 AM IST
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फर्रुखाबाद। चेक बाउंस के एक मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और आठ लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी पर आठ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।
कोतवाली फतेहगढ़ के तलैया लेन निवासी हसीन खां अफरीदी ने अदालत में परिवाद दायर कर बताया कि गांव अमेठी जदीद निवासी शानू खां ने उनसे करीब 5,53,500 रुपये के लहंगे आदि सामान खरीदा था। भुगतान के लिए आरोपी ने 31 जनवरी 2019 को एक चेक दिया, जिसे परिवादी ने पंजाब नेशनल बैंक की फतेहगढ़ शाखा में जमा किया।
बैंक ने 2 फरवरी 2019 को चेक यह टिप्पणी करते हुए लौटा दिया कि खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं है। इसके बाद हसीन खां ने आरोपी शानू को विधिक नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी माना। एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें से 7.50 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दो माह के भीतर देने के आदेश दिए। शेष 50 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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कोतवाली फतेहगढ़ के तलैया लेन निवासी हसीन खां अफरीदी ने अदालत में परिवाद दायर कर बताया कि गांव अमेठी जदीद निवासी शानू खां ने उनसे करीब 5,53,500 रुपये के लहंगे आदि सामान खरीदा था। भुगतान के लिए आरोपी ने 31 जनवरी 2019 को एक चेक दिया, जिसे परिवादी ने पंजाब नेशनल बैंक की फतेहगढ़ शाखा में जमा किया।
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बैंक ने 2 फरवरी 2019 को चेक यह टिप्पणी करते हुए लौटा दिया कि खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं है। इसके बाद हसीन खां ने आरोपी शानू को विधिक नोटिस भेजा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी माना। एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें से 7.50 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दो माह के भीतर देने के आदेश दिए। शेष 50 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।