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Farrukhabad News: आर्ट गैलरी में लगा कंपिल के प्राचीन श्वेतांबर जैन मंदिर का चित्र
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कंपिल। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर लखनऊ की आर्ट गैलरी में कंपिल के श्वेतांबर जैन मंदिर का चित्र प्रदर्शित किया गया है। यह कदम मंदिर को पर्यटन के पटल पर विशेष स्थान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय समाजसेवी पुखराज डागा ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह से मिलकर कंपिल के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन जैन तीर्थ परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया था। पर्यटन मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस प्राचीन तीर्थ नगरी के महत्व को प्रमुखता दी। आर्ट गैलरी में कंपिल के श्वेतांबर जैन मंदिर को डिजिटल फ्रेम में त्रिलोक तीर्थधाम बागपत और बहेलना दिगंबर जैन मंदिर मुजफ्फरनगर के साथ शामिल किया गया। पुखराज डागा ने बताया कि राजा द्रुपद की राजधानी रही कांपिल्य आज का कंपिल अब पर्यटन के मानचित्र पर अपना विशेष स्थान बनाने की दौड़ में शामिल हो गया है। यहां जैन के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ की जन्मभूमि है। लिहाजा इसे सबसे प्रमुख श्वेतांबर जैन मंदिर श्री विमलनाथ श्वेतांबर जैन तीर्थ के नाम से जाना जाता है।
कहा कि तीर्थ स्थल के रूप में विकास के लिए कासगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि गैर प्रांतों से आने वाले श्रद्धालु आसानी से कंपिल पहुंच सकें। नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि उदयपाल सिंह यादव ने इस उपलब्धि को कंपिल की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। जिला पर्यटन अधिकारी दीप्ती वत्स ने बताया कि जिला प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण मंदिर के फोटो को आर्ट गैलरी में लगाया गया।
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स्थानीय समाजसेवी पुखराज डागा ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह से मिलकर कंपिल के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन जैन तीर्थ परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया था। पर्यटन मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस प्राचीन तीर्थ नगरी के महत्व को प्रमुखता दी। आर्ट गैलरी में कंपिल के श्वेतांबर जैन मंदिर को डिजिटल फ्रेम में त्रिलोक तीर्थधाम बागपत और बहेलना दिगंबर जैन मंदिर मुजफ्फरनगर के साथ शामिल किया गया। पुखराज डागा ने बताया कि राजा द्रुपद की राजधानी रही कांपिल्य आज का कंपिल अब पर्यटन के मानचित्र पर अपना विशेष स्थान बनाने की दौड़ में शामिल हो गया है। यहां जैन के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ की जन्मभूमि है। लिहाजा इसे सबसे प्रमुख श्वेतांबर जैन मंदिर श्री विमलनाथ श्वेतांबर जैन तीर्थ के नाम से जाना जाता है।
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कहा कि तीर्थ स्थल के रूप में विकास के लिए कासगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि गैर प्रांतों से आने वाले श्रद्धालु आसानी से कंपिल पहुंच सकें। नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि उदयपाल सिंह यादव ने इस उपलब्धि को कंपिल की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। जिला पर्यटन अधिकारी दीप्ती वत्स ने बताया कि जिला प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण मंदिर के फोटो को आर्ट गैलरी में लगाया गया।
