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गर्मी में शिक्षक-छात्र बेहाल: न बिजली, न पानी... रास्ते बदहाल
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फोटो-10 प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा में परिसर में खड़ी घास। संवाद
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शमसाबाद/नवाबगंज। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों की हालत बदहाल है। कनेक्शन होने के बाद विद्यालयों की बिजली गुल है। छात्र-छात्राओं को गर्मी में पंखों की हवा मिल सके इसलिए विभाग बिजली बिल पर मोटी रकम खर्च कर रहा है। उमस भरी गर्मी में छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक भी बेहाल नजर आते हैं। पेयजल व्यवस्था भी बेपटरी है। स्कूलों बड़ी-बड़ी घास खड़ी है तो कहीं स्कूल तक जाने के लिए संपर्क मार्ग ही नहीं है। पगडंडी से होकर जाना पड़ता है।
केस-1
सुबह 11:50 बजे भगवानपुर प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चे बाहर खेलते मिले। प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार प्रशिक्षण पर थे। विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। सहायक अध्यापक कृष्णपाल ने बताया कि 15 दिन से दिन में बिजली नहीं आ रही है। बिजली न आने से पानी का भी संकट है। शौचालय में भी नहीं पानी है। इससे बच्चों को दिक्कत होती है। पंखे लगे होने के बाद भी नहीं चल रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बच्चों के साथ शिक्षक भी बेहाल हैं। भोजन भी करीब 12 बजे मिल पाया, क्योंकि रोटी और दाल बनने पर काफी लेट हो गई है।
केस-2
सुबह 11:30 बजे प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा में इंचार्ज प्रधानाध्यापक राज बब्बर स्टाफ के साथ कक्ष में बैठे मिले, जबकि बच्चे परिसर व बाहर ई-रिक्शा में बैठे उसके पास घूमते दिखे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि 68 में से 58 बच्चे उपस्थित थे तथा दाल-रोटी बनने में देरी से भोजन समय पर नहीं मिल सका। इसलिए बच्चे इधर-उधर चले गए। दिन में कई दिन से बिजली न आने से पंखे नहीं चलते हैं। इन्वर्टर की व्यवस्था नहीं है। पीने के लिए हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। हैंडवॉश यूनिट नहीं है। शौचालय के लिए रखी टंकी खाली है। विद्यालय परिसर में उगी लंबी घास खड़ी है।
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केस-3
दोपहर 12 बजे बसोला प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की छुट्टी कर दी गई। विद्यालय के बाहर जलभराव व बड़े गड्ढों से होकर बच्चों को घर जाना पड़ा। प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने बताया कि 15 दिन पहले बंदरों ने केबल तोड़ दी थी तब बिजली नहीं आ रही है। इससे शौचालय में पानी सप्लाई व अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि समय से पहले छुट्टी और मध्याह्न भोजन में देरी के मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पगडंडी के सहारे स्कूल पहुंच रहे नौनिहाल
केस-4
नवाबगंज विकास खंड प्राथमिक विद्यालय कछपुरा की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रधानाध्यापक मानवेंद्र सिंह ने बताया कि विद्युत कनेक्शन होने के बावजूद स्कूल तक करीब 400 मीटर लंबी लाइन नहीं खींची गई। विद्युत विभाग की ओर से इतनी दूरी तक केबल खींचने से मना किए जाने से विद्यालय में बिजली व्यवस्था कागजों तक सिमटकर रह गई है। उमस भरी गर्मी में पंखे न चलने से बच्चों के साथ उन्हें भी परेशान होना पड़ता है। पानी की टंकी भी रखी है पर मोटर न चलने से उसमें पानी नहीं पहुंचता। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय के रास्ते और बिजली की समस्या के बारे में कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। कायाकल्प के नाम पर केवल दो कमरों में टाइल्स लगाए गए हैं, जबकि अन्य काम नहीं कराए गए।
वर्जन
जहां भी व्यवस्था गड़बड़ है उसे दुरुस्त कराया जाएगा। जिन स्कूलों में बिजली नहीं है। उसे भी ठीक कराया जाएगा। कछपुरा के लिए लाइन नहीं बनाई गई है। इसकी हमें अभी तक जानकारी किसी शिक्षक ने नहीं दी थी। लाइन बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराकर स्कूल तक बिजली पहुंचाई जाएगी।
विश्वनाथ प्रताप सिंह, बीएसए
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केस-1
सुबह 11:50 बजे भगवानपुर प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चे बाहर खेलते मिले। प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार प्रशिक्षण पर थे। विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। सहायक अध्यापक कृष्णपाल ने बताया कि 15 दिन से दिन में बिजली नहीं आ रही है। बिजली न आने से पानी का भी संकट है। शौचालय में भी नहीं पानी है। इससे बच्चों को दिक्कत होती है। पंखे लगे होने के बाद भी नहीं चल रहे हैं। उमस भरी गर्मी में बच्चों के साथ शिक्षक भी बेहाल हैं। भोजन भी करीब 12 बजे मिल पाया, क्योंकि रोटी और दाल बनने पर काफी लेट हो गई है।
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केस-2
सुबह 11:30 बजे प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा में इंचार्ज प्रधानाध्यापक राज बब्बर स्टाफ के साथ कक्ष में बैठे मिले, जबकि बच्चे परिसर व बाहर ई-रिक्शा में बैठे उसके पास घूमते दिखे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि 68 में से 58 बच्चे उपस्थित थे तथा दाल-रोटी बनने में देरी से भोजन समय पर नहीं मिल सका। इसलिए बच्चे इधर-उधर चले गए। दिन में कई दिन से बिजली न आने से पंखे नहीं चलते हैं। इन्वर्टर की व्यवस्था नहीं है। पीने के लिए हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। हैंडवॉश यूनिट नहीं है। शौचालय के लिए रखी टंकी खाली है। विद्यालय परिसर में उगी लंबी घास खड़ी है।
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केस-3
दोपहर 12 बजे बसोला प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की छुट्टी कर दी गई। विद्यालय के बाहर जलभराव व बड़े गड्ढों से होकर बच्चों को घर जाना पड़ा। प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने बताया कि 15 दिन पहले बंदरों ने केबल तोड़ दी थी तब बिजली नहीं आ रही है। इससे शौचालय में पानी सप्लाई व अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि समय से पहले छुट्टी और मध्याह्न भोजन में देरी के मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पगडंडी के सहारे स्कूल पहुंच रहे नौनिहाल
केस-4
नवाबगंज विकास खंड प्राथमिक विद्यालय कछपुरा की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रधानाध्यापक मानवेंद्र सिंह ने बताया कि विद्युत कनेक्शन होने के बावजूद स्कूल तक करीब 400 मीटर लंबी लाइन नहीं खींची गई। विद्युत विभाग की ओर से इतनी दूरी तक केबल खींचने से मना किए जाने से विद्यालय में बिजली व्यवस्था कागजों तक सिमटकर रह गई है। उमस भरी गर्मी में पंखे न चलने से बच्चों के साथ उन्हें भी परेशान होना पड़ता है। पानी की टंकी भी रखी है पर मोटर न चलने से उसमें पानी नहीं पहुंचता। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय के रास्ते और बिजली की समस्या के बारे में कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। कायाकल्प के नाम पर केवल दो कमरों में टाइल्स लगाए गए हैं, जबकि अन्य काम नहीं कराए गए।
वर्जन
जहां भी व्यवस्था गड़बड़ है उसे दुरुस्त कराया जाएगा। जिन स्कूलों में बिजली नहीं है। उसे भी ठीक कराया जाएगा। कछपुरा के लिए लाइन नहीं बनाई गई है। इसकी हमें अभी तक जानकारी किसी शिक्षक ने नहीं दी थी। लाइन बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराकर स्कूल तक बिजली पहुंचाई जाएगी।
विश्वनाथ प्रताप सिंह, बीएसए

फोटो-10 प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा में परिसर में खड़ी घास। संवाद

फोटो-10 प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा में परिसर में खड़ी घास। संवाद

फोटो-10 प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा में परिसर में खड़ी घास। संवाद