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Farrukhabad News: 15 हजार के इनामी हत्यारोपी के नाम पट्टा होने की जांच तहसीलदार को सौंपी
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फर्रुखाबाद। 15 हजार के इनामी हत्यारोपी के खिलाफ वर्ष 2011 में कंपिल के गांव इकलहरा में आवासीय जमीन का पट्टा होने के मामले में कायमगंज एसडीएम ने मामले की जांच तहसीलदार को दी है। उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी पट्टा कैसे हुआ।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव फरीदपुर सैदवाड़ा निवासी सोनपाल ने वर्ष 1991 में अपनी भाभी सुखदेवी पत्नी नेकराम की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उसके खिलाफ थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। फरार होने के चलते उस पर 15 हजार का इनाम भी घोषित हुआ था। कुछ दिन पूर्व पुलिस को पता चला कि हत्या करने के बाद सोनपाल अपनी पत्नी के साथ दिल्ली जाकर रहने लगा था। बाद में वह कंपिल के गांव इकलहरा में आकर बस गया था। प्रधान ने 100 वर्गमीटर आवासीय भूमि का 17 मार्च 2011 को पट्टा भी करा दिया। इसकी खबर अमर उजाला में छपने के बाद एसडीएम अभिषेक वर्मा ने मामले की जांच करने के आदेश तहसीलदार को दिए हैं।
मुकदमा दर्ज कराने वाले फुफेरे भाई की भी हो चुकी मौत
शमसाबाद के मोहल्ला घटिया निवासी कल्लू ने बताया कि वर्ष 1991 में उनके पिता लालमन की मौत हो गई थी तभी उनके मामा की बेटी सुखदेवी उनके घर आई थी। इसी दौरान सोनपाल ने उसे गोली मार दी थी। भाई पप्पू ने सोनपाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सुखदेवी का मायका शाहजहांपुर थाना कलान के गांव हरेली में था। कल्लू ने बताया कि उनके बड़े भाई पप्पू की वर्ष 1996 में मृत्यु हो चुकी है।
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शमसाबाद क्षेत्र के गांव फरीदपुर सैदवाड़ा निवासी सोनपाल ने वर्ष 1991 में अपनी भाभी सुखदेवी पत्नी नेकराम की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उसके खिलाफ थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। फरार होने के चलते उस पर 15 हजार का इनाम भी घोषित हुआ था। कुछ दिन पूर्व पुलिस को पता चला कि हत्या करने के बाद सोनपाल अपनी पत्नी के साथ दिल्ली जाकर रहने लगा था। बाद में वह कंपिल के गांव इकलहरा में आकर बस गया था। प्रधान ने 100 वर्गमीटर आवासीय भूमि का 17 मार्च 2011 को पट्टा भी करा दिया। इसकी खबर अमर उजाला में छपने के बाद एसडीएम अभिषेक वर्मा ने मामले की जांच करने के आदेश तहसीलदार को दिए हैं।
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मुकदमा दर्ज कराने वाले फुफेरे भाई की भी हो चुकी मौत
शमसाबाद के मोहल्ला घटिया निवासी कल्लू ने बताया कि वर्ष 1991 में उनके पिता लालमन की मौत हो गई थी तभी उनके मामा की बेटी सुखदेवी उनके घर आई थी। इसी दौरान सोनपाल ने उसे गोली मार दी थी। भाई पप्पू ने सोनपाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सुखदेवी का मायका शाहजहांपुर थाना कलान के गांव हरेली में था। कल्लू ने बताया कि उनके बड़े भाई पप्पू की वर्ष 1996 में मृत्यु हो चुकी है।
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