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Fatehpur News: जहर खाने से नहीं हुई थी तीनों की मौत
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फाइल फोटो-28-सुनील। स्रोत परिजन
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फतेहपुर। एक परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संभावना जताई जा रही कि तीनों ने पहले जहर खाया फिर तड़पने पर धारदार वस्तु से गले और हाथ पर चोट पहुंचाई। इससे अधिक खून बहने से मौत हो गई। हालांकि गले के घाव को लेकर डॉक्टर संदिग्ध हैं। इसे पुलिस की विवेचना का हिस्सा माना जा रहा है।
लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा गांव के रहने वाले अमर श्रीवास्तव, मां सुशीला और चाचा सुनील श्रीवास्तव के बंद कमरे में बुधवार शाम मिले थे। दरवाजा तोड़कर अमर का पिता सुशील और स्थानीय लोग अंदर पहुंचे थे। यहां अमर और सुशीला मृत मिले थे।
कमरे में सुनील श्रीवास्तव कुर्सी की टेक लिए जमीन पर बैठे थे। उनकी जिला अस्पताल लेकर जाते समय मौत हो गई थी। तीनों के गले और हाथ की नस कटी थी। एक सुसाइड नोट भी मिला था। शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टर पैनल व वीडियोग्राफी के बीच कराया गया।
पोस्टमार्टम में सल्फास के अंश और अधपचा खाना मिला है। गले पर गहरी चोट मिली है। शार्प इंजरी की चोट से अधिक खून बहने की वजह से मौत की पुष्टि हुई है। जहर की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित किया गया है।
माना जा रहा है कि तीनों ने पहले जहर खाया होगा। तड़पने के दौरान ब्लेड से चोट पहुंचाई है। गले पर कट के निशान तिरछे मिले हैं। अक्सर आत्महत्या में निशान सीधे होते हैं। यह झटपटाहट या फिर एक-दूसरे को मारने से भी हो सकते हैं। ये पुलिस की विवेचना में साफ होगा।
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कमरे में सुनील श्रीवास्तव कुर्सी की टेक लिए जमीन पर बैठे थे। उनकी जिला अस्पताल लेकर जाते समय मौत हो गई थी। तीनों के गले और हाथ की नस कटी थी। एक सुसाइड नोट भी मिला था। शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टर पैनल व वीडियोग्राफी के बीच कराया गया।
पोस्टमार्टम में सल्फास के अंश और अधपचा खाना मिला है। गले पर गहरी चोट मिली है। शार्प इंजरी की चोट से अधिक खून बहने की वजह से मौत की पुष्टि हुई है। जहर की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित किया गया है।
माना जा रहा है कि तीनों ने पहले जहर खाया होगा। तड़पने के दौरान ब्लेड से चोट पहुंचाई है। गले पर कट के निशान तिरछे मिले हैं। अक्सर आत्महत्या में निशान सीधे होते हैं। यह झटपटाहट या फिर एक-दूसरे को मारने से भी हो सकते हैं। ये पुलिस की विवेचना में साफ होगा।