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Fatehpur News: हंगामे के बीच कोर्ट में पेश हुए दो अधिवक्ता समेत चारों जेल गए
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सुसाइड मामले के आरोपियों की फोटो
- फोटो : credit
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फतेहपुर। वकीलों के हंगामे के बीच पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में दो अधिवक्ताओं समेत चार आरोपियों को सीजेएम कोर्ट में बृहस्पतिवार को पेश किया। दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया है।
लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा गांव के रहने वाले सुशील श्रीवास्तव ने पुत्र अमर श्रीवास्तव, पत्नी सुशीला और भाई सुनील श्रीवास्तव की आत्महत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में सदर कोतवाली क्षेत्र के वर्मा चौराहा गढ़ीवा निवासी अधिवक्ता दिलीप चंद्र त्रिवेदी, उत्तरी गौतम नगर के अधिवक्ता संजय सिंह, मुराइनटोला निवासी शुभम कश्यप, मूल निवासी कोराईं व अस्थायी पता गढ़ीवा के सोनू और कानपुर निवासी रिश्तेदार राहुल श्रीवास्तव को सुसाइड नोट के आधार पर नामजद किया गया था। वहीं राहुल की तलाश की जा रही है।
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि सभी आरोपियों ने अमर को कर्ज दिया था। सीडीआर के माध्यम से आरोपियों और अमर के बीच बातचीत भी मिली। इन आधारों पर पुलिस शाम को आरोपियों को कोर्ट लेकर पहुंची। यहां पहले से भारी संख्या में वकील मौजूद थे।
एहतियात के तौर पर तीन सीओ, पीएसी और कई थानों का फोर्स भी कचहरी पहुंच गया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को कोर्ट के बरामदे में भारी पुलिस बल के साथ ले जाया गया। तभी वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया। वकीलों ने इतनी संख्या में पुलिस कर्मियों के जाने पर आपत्ति जताई। बरामदे में वकीलों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सीनियर अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
कोर्ट में पैरवी पक्ष से अधिवक्ता अभिलाष त्रिवेदी ने दलील पेश की। आरोप लगाया कि अधिवक्ता दिलीप को रात 10 बजे ही पकड़ लिया गया था जबकि प्राथमिकी रात दो बजे दर्ज की गई। सुसाइड नोट में दोहरी हैंडराइटिंग का तर्क भी रखा गया।
पुलिस के साक्ष्यों और 10 साल से अधिक सजा वाली धाराओं को देखते हुए कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया। पैरवी पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार शुक्रवार को सेशन कोर्ट में जमानत के संबंध में अपील दाखिल की जाएगी।
कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद चारों आरोपियों को जेल भेजा है। पांचवां आरोपी राहुल और अमर आपस में रिश्तेदार हैं। राहुल की तलाश की जा रही है। आरोपियों से प्रताड़ित होकर परिवार के तीन सदस्यों ने आत्महत्या की है।
- प्रमोद शुक्ला, सीओ सिटी।
धरपकड़ के बाद से ही वकील गुस्से में आए
वकील रात को अधिवक्ता साथियों की धरपकड़ के बाद से ही नाराज हैं। भारी संख्या में अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे और रात करीब दो बजे तक डटे रहे। इसके बाद सुबह से कचहरी परिसर में वकील लामबंद रहे। कुछ अधिवक्ता संगठनों की ओर से कार्य बहिष्कार किया गया। कुछ संगठन विरोध में शामिल नहीं हुए। वकीलों ने आरोप लगाया कि बिना जांच के कार्रवाई की गई है।
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लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा गांव के रहने वाले सुशील श्रीवास्तव ने पुत्र अमर श्रीवास्तव, पत्नी सुशीला और भाई सुनील श्रीवास्तव की आत्महत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में सदर कोतवाली क्षेत्र के वर्मा चौराहा गढ़ीवा निवासी अधिवक्ता दिलीप चंद्र त्रिवेदी, उत्तरी गौतम नगर के अधिवक्ता संजय सिंह, मुराइनटोला निवासी शुभम कश्यप, मूल निवासी कोराईं व अस्थायी पता गढ़ीवा के सोनू और कानपुर निवासी रिश्तेदार राहुल श्रीवास्तव को सुसाइड नोट के आधार पर नामजद किया गया था। वहीं राहुल की तलाश की जा रही है।
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पुलिस की विवेचना में सामने आया कि सभी आरोपियों ने अमर को कर्ज दिया था। सीडीआर के माध्यम से आरोपियों और अमर के बीच बातचीत भी मिली। इन आधारों पर पुलिस शाम को आरोपियों को कोर्ट लेकर पहुंची। यहां पहले से भारी संख्या में वकील मौजूद थे।
एहतियात के तौर पर तीन सीओ, पीएसी और कई थानों का फोर्स भी कचहरी पहुंच गया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को कोर्ट के बरामदे में भारी पुलिस बल के साथ ले जाया गया। तभी वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया। वकीलों ने इतनी संख्या में पुलिस कर्मियों के जाने पर आपत्ति जताई। बरामदे में वकीलों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। सीनियर अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
कोर्ट में पैरवी पक्ष से अधिवक्ता अभिलाष त्रिवेदी ने दलील पेश की। आरोप लगाया कि अधिवक्ता दिलीप को रात 10 बजे ही पकड़ लिया गया था जबकि प्राथमिकी रात दो बजे दर्ज की गई। सुसाइड नोट में दोहरी हैंडराइटिंग का तर्क भी रखा गया।
पुलिस के साक्ष्यों और 10 साल से अधिक सजा वाली धाराओं को देखते हुए कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया। पैरवी पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार शुक्रवार को सेशन कोर्ट में जमानत के संबंध में अपील दाखिल की जाएगी।
कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद चारों आरोपियों को जेल भेजा है। पांचवां आरोपी राहुल और अमर आपस में रिश्तेदार हैं। राहुल की तलाश की जा रही है। आरोपियों से प्रताड़ित होकर परिवार के तीन सदस्यों ने आत्महत्या की है।
- प्रमोद शुक्ला, सीओ सिटी।
धरपकड़ के बाद से ही वकील गुस्से में आए
वकील रात को अधिवक्ता साथियों की धरपकड़ के बाद से ही नाराज हैं। भारी संख्या में अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे और रात करीब दो बजे तक डटे रहे। इसके बाद सुबह से कचहरी परिसर में वकील लामबंद रहे। कुछ अधिवक्ता संगठनों की ओर से कार्य बहिष्कार किया गया। कुछ संगठन विरोध में शामिल नहीं हुए। वकीलों ने आरोप लगाया कि बिना जांच के कार्रवाई की गई है।