{"_id":"69d4095fb76365d7910e245d","slug":"controversy-over-writing-schools-name-in-urdu-hindu-organizations-express-resentment-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-152368-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: विद्यालय के नाम को उर्दू में लिखने पर विवाद, हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: विद्यालय के नाम को उर्दू में लिखने पर विवाद, हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी
विज्ञापन
विज्ञापन
खखरेरू (फतेहपुर)। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ धाता ब्लॉक के अंजना कबीर कंपोजिट विद्यालय में नाम उर्दू में लिखे जाने को लेकर सोमवार को विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
परिषदीय विद्यालयों का नाम और स्थान हमेशा हिंदी भाषा में लिखा जाता है लेकिन अंजना कबीर कंपोजिट विद्यालय के नए भवन में हिंदी के साथ उर्दू भाषा में भी नाम अंकित किया गया है। इसे लेकर हिंदू सुरक्षा परिषद के पदाधिकारी आशीष शुक्ला ने आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि जब विद्यालय में उर्दू भाषा की पढ़ाई नहीं होती तो उर्दू में नाम लिखने का औचित्य नहीं बनता। यदि उर्दू में नाम लिखा जा सकता है तो संस्कृत में क्यों नहीं लिखा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग जल्द इस मामले में सुधार नहीं करता है तो आंदोलन किया जाएगा।
खंड शिक्षाधिकारी धाता संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि विद्यालय में ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
परिषदीय विद्यालयों का नाम और स्थान हमेशा हिंदी भाषा में लिखा जाता है लेकिन अंजना कबीर कंपोजिट विद्यालय के नए भवन में हिंदी के साथ उर्दू भाषा में भी नाम अंकित किया गया है। इसे लेकर हिंदू सुरक्षा परिषद के पदाधिकारी आशीष शुक्ला ने आपत्ति जताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब विद्यालय में उर्दू भाषा की पढ़ाई नहीं होती तो उर्दू में नाम लिखने का औचित्य नहीं बनता। यदि उर्दू में नाम लिखा जा सकता है तो संस्कृत में क्यों नहीं लिखा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग जल्द इस मामले में सुधार नहीं करता है तो आंदोलन किया जाएगा।
खंड शिक्षाधिकारी धाता संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि विद्यालय में ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।