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Fatehpur News: धाता से हटाए गए गेहूं क्रय केंद्र, बढ़ीं किसानों की मुश्किलें
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धाता। क्षेत्र में खाद्य एवं विपणन विभाग की मनमानी से गेहूं खरीद व्यवस्था चरमराने लगी है। कस्बे में संचालित दोनों तौल कांटे हटाकर मुख्य सड़क से दूर हरदासपुर थोन के पास स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इससे किसानों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
किसानों का कहना है कि पहले धाता में खरीद केंद्र होने से कम दूरी तय कर आसानी से गेहूं बेच पाते थे लेकिन अब केंद्र दूर होने से समय की बर्बादी के साथ परिवहन लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में उन्हें औने-पौने दाम पर व्यापारियों को गेहूं बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किशुनपुर और ब्रह्मरौली क्षेत्र के किसानों को क्रय केंद्र तक पहुंचने के लिए 37 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है।
आरोप है कि विभाग जगह की कमी का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बच रहा है। पहले से धाता में दो तौल कांटे होने के बावजूद भीड़ की स्थिति बनी रहती थी। केंद्र हटने से हालात और खराब हो गए हैं।
वहीं साधन सहकारी समिति नरसिंहपुर कबरहा में पीसीएफ का एक क्रय केंद्र है लेकिन वहां भी गेहूं खरीद शुरू नहीं हो सकी है। केंद्र के सचिव आरपी सिंह ने बताया कि बोरियों की आपूर्ति न होने से खरीद रुकी हुई है।
किसान नेता बल्लू सिंह, अनंत सिंह, धर्मेंद्र, रावेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, रमेश, भाकियू टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, महेश फौजी, रबीकरन सिंह आदि ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
इन गांवों के किसान हैं प्रभावित
धाता विकास खंड के किशुनपुर, बम्हरौली, ऐरयी, तुलसीपुर, मखौवा, प्रसिद्धपुर, अढ़ौली, टेकारी, गोकुलपुर, गोपालपुर, रसूलपुर, भुरचुनी, सोनारी, अजरौली, पल्लावां, नरसिंहपुर कबरहा, सैदपुर, रमपुरवा, जनकपुर, केटमयी, बछरौली, सेमरहटा, भूला, बबुरार, गलेहरा, बिरधौलपुर, सरवनपुर, हरदवां, सरसौली, पलवा आदि गांवों के किसान इस फैसले से प्रभावित हो रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि पहले धाता में खरीद केंद्र होने से कम दूरी तय कर आसानी से गेहूं बेच पाते थे लेकिन अब केंद्र दूर होने से समय की बर्बादी के साथ परिवहन लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में उन्हें औने-पौने दाम पर व्यापारियों को गेहूं बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किशुनपुर और ब्रह्मरौली क्षेत्र के किसानों को क्रय केंद्र तक पहुंचने के लिए 37 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ रही है।
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आरोप है कि विभाग जगह की कमी का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बच रहा है। पहले से धाता में दो तौल कांटे होने के बावजूद भीड़ की स्थिति बनी रहती थी। केंद्र हटने से हालात और खराब हो गए हैं।
वहीं साधन सहकारी समिति नरसिंहपुर कबरहा में पीसीएफ का एक क्रय केंद्र है लेकिन वहां भी गेहूं खरीद शुरू नहीं हो सकी है। केंद्र के सचिव आरपी सिंह ने बताया कि बोरियों की आपूर्ति न होने से खरीद रुकी हुई है।
किसान नेता बल्लू सिंह, अनंत सिंह, धर्मेंद्र, रावेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, रमेश, भाकियू टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, महेश फौजी, रबीकरन सिंह आदि ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
इन गांवों के किसान हैं प्रभावित
धाता विकास खंड के किशुनपुर, बम्हरौली, ऐरयी, तुलसीपुर, मखौवा, प्रसिद्धपुर, अढ़ौली, टेकारी, गोकुलपुर, गोपालपुर, रसूलपुर, भुरचुनी, सोनारी, अजरौली, पल्लावां, नरसिंहपुर कबरहा, सैदपुर, रमपुरवा, जनकपुर, केटमयी, बछरौली, सेमरहटा, भूला, बबुरार, गलेहरा, बिरधौलपुर, सरवनपुर, हरदवां, सरसौली, पलवा आदि गांवों के किसान इस फैसले से प्रभावित हो रहे हैं।
