{"_id":"6963e86c6bb2f26d510e2bdf","slug":"ancient-statue-of-lord-mahavir-swami-found-during-excavation-of-jain-temple-firozabad-news-c-169-1-sagr1026-165059-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: जैन मंदिर की खुदाई में निकली भगवान महावीर स्वामी की प्राचीन प्रतिमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: जैन मंदिर की खुदाई में निकली भगवान महावीर स्वामी की प्राचीन प्रतिमा
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:44 PM IST
विज्ञापन
डला के जैन मंदिर में निकली भगवान महावीर की प्रतिमा को सिर पर रखकर ले जाते श्रद्धालुसंवाद
- फोटो : डला के जैन मंदिर में निकली भगवान महावीर की प्रतिमा को सिर पर रखकर ले जाते श्रद्धालु संवाद
विज्ञापन
टूंडला। शहर के प्राचीन टूंडली स्थित जैन मंदिर परिसर में भवन निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान रविवार सुबह सैकड़ों साल पुरानी महावीर स्वामी की अष्टधातु की प्रतिमा निकली है। पांच इंच की प्राचीन प्रतिमा के निकलने से जैन समाज में खुशी की लहर है। प्रतिमा अत्यंत कलात्मक एवं पुरातात्विक महत्व की बताई जा रही है।
टूंडली के प्राचीन जैन मंदिर में सुबह 11 बजे करीब जैन मंदिर परिसर में पुनर्निमाण के साथ ही नींव के लिए खुदाई चल रही थी। खुदाई के दौरान मजदूरों प्रतिमा दिखाई दी। मौके पर काम करा रहे जैन समाज के लोगों ने जब प्रतिमा को बाहर निकाला। विशेषज्ञों एवं जैन धर्मावलंबियों के अनुसार यह मूर्ति प्राचीन काल में मंदिर में स्थापित रही होगी, जो समय के साथ भूमि में दब गई होगी। मूर्ति के प्राप्त होते ही जैन समाज में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बन गया। जैन समाज के बुजुर्ग, युवा महिला, पुरुषों ने अपने सिर पर प्रतिमा को रखते हुए जयकारे लगाए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। भगवान महावीर स्वामी के जयकारों के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए।
ज्योतिषाचार्य पांडेय जयंत जैन ने बताया कि यह यह ऐतिहासिक प्रतिमा न केवल जैन समाज के लिए, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान डॉ सौरभ जैन, हेमंत जैन, संजीव जैन, संजय जैन, अनिल जैन, डॉ सुभाष जैन, राजीव श्रीवास्तव, गुंजन जैन, अतुल जैन, पंकज जैन, मयंक जैन मौजूद रहे।
Trending Videos
टूंडली के प्राचीन जैन मंदिर में सुबह 11 बजे करीब जैन मंदिर परिसर में पुनर्निमाण के साथ ही नींव के लिए खुदाई चल रही थी। खुदाई के दौरान मजदूरों प्रतिमा दिखाई दी। मौके पर काम करा रहे जैन समाज के लोगों ने जब प्रतिमा को बाहर निकाला। विशेषज्ञों एवं जैन धर्मावलंबियों के अनुसार यह मूर्ति प्राचीन काल में मंदिर में स्थापित रही होगी, जो समय के साथ भूमि में दब गई होगी। मूर्ति के प्राप्त होते ही जैन समाज में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बन गया। जैन समाज के बुजुर्ग, युवा महिला, पुरुषों ने अपने सिर पर प्रतिमा को रखते हुए जयकारे लगाए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। भगवान महावीर स्वामी के जयकारों के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य पांडेय जयंत जैन ने बताया कि यह यह ऐतिहासिक प्रतिमा न केवल जैन समाज के लिए, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान डॉ सौरभ जैन, हेमंत जैन, संजीव जैन, संजय जैन, अनिल जैन, डॉ सुभाष जैन, राजीव श्रीवास्तव, गुंजन जैन, अतुल जैन, पंकज जैन, मयंक जैन मौजूद रहे।