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Firozabad News: सर्फ-साबुन का जबरन वितरण बढ़ा रहा कार्ड धारकों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 11 May 2026 11:18 PM IST
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शिकोहाबाद। नगर क्षेत्र में राशन कार्ड धारकों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर उचित दर की दुकानों पर राशन के साथ जबरन सर्फ और साबुन दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर राशन कार्डों से नाम कटने और नए नाम जुड़वाने में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्ड धारकों का आरोप है कि पूर्ति कार्यालय में उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
लोगों का कहना है कि पूर्ति कार्यालय में अक्सर वेबसाइट न चलने का बहाना बनाकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। साथ ही पूर्ति निरीक्षक के नियमित रूप से कार्यालय में न बैठने के कारण भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पहुंचे साढूपुर निवासी तेजपाल ने बताया कि वह राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए कई दिनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका काम नहीं हो सका है। वहीं साढूपुर निवासी पिंटे ने बताया कि परिवार के सदस्यों के नाम संयोजित कराने के लिए वह लगातार कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर वापस कर देते हैं। कार्ड धारकों ने कंप्यूटर ऑपरेटरों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। इसका एक मामला शंभूनगर निवासी देवेंद्र तिवारी के साथ सामने आया, जिनके परिवार के मुखिया होने के बावजूद उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया। वर्तमान में उनकी पत्नी और बेटी के नाम पर ही राशन मिल रहा है। इससे परिवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई कार्ड धारकों ने आरोप लगाया कि राशन वितरण के दौरान दुकानदार जबरन सर्फ और साबुन भी थमा रहे हैं। विरोध करने पर राशन न देने या विवाद करने की बात कही जाती है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इधर पूर्ति निरीक्षक संगीता यादव ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से अवकाश पर थीं तथा सोमवार को जिलाधिकारी फिरोजाबाद की बैठक में शामिल होने के कारण कार्यालय नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने कहा राशन कार्डों से नाम हटाने की प्रक्रिया शासन स्तर से जारी सूची के आधार पर की जा रही है।
फोटो-203-पूर्ति कार्यालय में नाम संयोजन के लिए लगी कार्ड धारकों की भीड़। स्रोत संवाद
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लोगों का कहना है कि पूर्ति कार्यालय में अक्सर वेबसाइट न चलने का बहाना बनाकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। साथ ही पूर्ति निरीक्षक के नियमित रूप से कार्यालय में न बैठने के कारण भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पहुंचे साढूपुर निवासी तेजपाल ने बताया कि वह राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए कई दिनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका काम नहीं हो सका है। वहीं साढूपुर निवासी पिंटे ने बताया कि परिवार के सदस्यों के नाम संयोजित कराने के लिए वह लगातार कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर वापस कर देते हैं। कार्ड धारकों ने कंप्यूटर ऑपरेटरों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। इसका एक मामला शंभूनगर निवासी देवेंद्र तिवारी के साथ सामने आया, जिनके परिवार के मुखिया होने के बावजूद उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया। वर्तमान में उनकी पत्नी और बेटी के नाम पर ही राशन मिल रहा है। इससे परिवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई कार्ड धारकों ने आरोप लगाया कि राशन वितरण के दौरान दुकानदार जबरन सर्फ और साबुन भी थमा रहे हैं। विरोध करने पर राशन न देने या विवाद करने की बात कही जाती है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इधर पूर्ति निरीक्षक संगीता यादव ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से अवकाश पर थीं तथा सोमवार को जिलाधिकारी फिरोजाबाद की बैठक में शामिल होने के कारण कार्यालय नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने कहा राशन कार्डों से नाम हटाने की प्रक्रिया शासन स्तर से जारी सूची के आधार पर की जा रही है।
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फोटो-203-पूर्ति कार्यालय में नाम संयोजन के लिए लगी कार्ड धारकों की भीड़। स्रोत संवाद