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Firozabad News: महिला के हक में जमीन का फर्जी बैनामा रद्द
Tue, 18 Aug 2026 12:02 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:02 AM IST
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फिरोजाबाद। जसराना तहसील के ग्राम गदनपुर में गाटा संख्या 151 (0.202 हेक्टेयर) की जमीन के दोहरे बैनामे के मामले में एडीजे (पॉक्सो-3) निर्दोष कुमार ने निचली अदालत का 2021 का आदेश निरस्त कर महिला राजनश्री पत्नी लाखन सिंह यादव के पक्ष में फैसला सुनाया है।
राजनश्री ने यह जमीन मानपाल सिंह और सरस्वती देवी से 29 नवंबर 2003 को खरीदी थी और तभी से उनका कब्जा था। इसके बावजूद पूर्व भू-स्वामियों ने छल-कपट कर 4 जून 2007 को यही जमीन अशोक कुमार के नाम दूसरी बार बेच दी थी। निचली अदालत ने मामूली तकनीकी विसंगति (गाटा संख्या 151 और 151 मि.) के आधार पर 2021 में वाद खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ राजनश्री ने एडीजे कोर्ट में अपील की थी।
एडीजे कोर्ट ने अभिलेखों और नायब तहसीलदार जसराना के आदेशों के आधार पर स्पष्ट पाया कि दोनों गाटा संख्या एक ही जमीन हैं और संपूर्ण रकबा पहले ही राजनश्री को बिक चुका था, जिससे दूसरा बैनामा पूरी तरह फर्जी और अनाधिकार था। अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए 4 जून 2007 के फर्जी बैनामे को रद्द कर दिया है।
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राजनश्री ने यह जमीन मानपाल सिंह और सरस्वती देवी से 29 नवंबर 2003 को खरीदी थी और तभी से उनका कब्जा था। इसके बावजूद पूर्व भू-स्वामियों ने छल-कपट कर 4 जून 2007 को यही जमीन अशोक कुमार के नाम दूसरी बार बेच दी थी। निचली अदालत ने मामूली तकनीकी विसंगति (गाटा संख्या 151 और 151 मि.) के आधार पर 2021 में वाद खारिज कर दिया था, जिसके खिलाफ राजनश्री ने एडीजे कोर्ट में अपील की थी।
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एडीजे कोर्ट ने अभिलेखों और नायब तहसीलदार जसराना के आदेशों के आधार पर स्पष्ट पाया कि दोनों गाटा संख्या एक ही जमीन हैं और संपूर्ण रकबा पहले ही राजनश्री को बिक चुका था, जिससे दूसरा बैनामा पूरी तरह फर्जी और अनाधिकार था। अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए 4 जून 2007 के फर्जी बैनामे को रद्द कर दिया है।
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