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Firozabad News: कांच नगरी में आलू से बेरुखी

संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Fri, 30 Jan 2026 02:47 AM IST
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Indifference to potatoes in the glass city
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फिरोजाबाद। कांच नगरी में औद्योगिक विकास के पहिए थमते नजर आ रहे हैं। टीटीजेड की पाबंदियों के कारण कांच और चूड़ी उद्योग पर लगी बंदिशों के बीच शासन ने आलू आधारित फूड प्रोसेसिंग को एक संजीवनी के रूप में पेश किया था। सरकारी प्रोत्साहन के बावजूद जिले के उद्यमियों ने इससे किनारा कर लिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों ने उद्योग विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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शासन ने ओडीओपी योजना के तहत फिरोजाबाद को आलू हब बनाने के लिए 35 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया है। चालू वित्तीय वर्ष में 6.18 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी का बजट आवंटित है, लेकिन हकीकत यह है कि खाद्य प्रसंस्करण की एक भी इकाई स्थापित करने के लिए अभी तक कोई ठोस प्रस्ताव विभाग को नहीं मिला है।
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उद्यमियों का कहना है कि वे केवल सब्सिडी के भरोसे जोखिम नहीं ले सकते। उद्यमी राजकुमार शर्मा और प्रतीश कुमार के अनुसार, जिले में तकनीकी प्रशिक्षण का अभाव सबसे बड़ी बाधा है। उद्यमियों का झुकाव आज भी कांच और उससे जुड़े पैकेजिंग कार्यों की ओर ही है।

उपायुक्त उद्योग संध्या यादव ने स्वीकार किया कि प्रशिक्षण और अनुभव की कमी के कारण उद्यमी इस ओर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से लगातार प्रयास कर रहे हैं। उद्यमियों की मांग को देखते हुए अब जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने हेतु पत्र भेजा जाएगा।




ओडीओपी प्रगति की वर्तमान स्थिति (22 जनवरी तक)
विवरण लक्ष्य/आंकड़े
नई इकाई स्थापना का लक्ष्य
206

कुल स्वीकृत ऋण
158

कांच/चूड़ी उद्योग से जुड़े प्रस्ताव
157

फूड प्रोसेसिंग यूनिट के प्रस्ताव
00 (शून्य)
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