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जन्मतिथि के फेर में गई कुर्सी: नगर पंचायत अध्यक्ष को हटाया, उम्र के दस्तावेजों में मिला नाै महीने का अंतर
Mon, 10 Aug 2026 07:26 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 10 Aug 2026 07:26 PM IST
सार
दस्तावेजों में जन्मतिथि के अंतर पर नगर पंचायत अध्यक्ष को कुर्सी गंवानी पड़ी। इसको लेकर प्रदेश सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। दोबारा चुनाव तक डीएम नगर पंचायत अध्यक्ष पद की कमान संभालेंगे।
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नगर पंचायत अध्यक्ष पद से हटाई गईं माया देवी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
जन्मतिथि के फेर में फंसी नगर पंचायत एका की अध्यक्ष मायादेवी को पद से हटा दिया गया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग-1 ने 8 अगस्त को आदेश जारी करते हुए उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। अब नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए फिर से चुनाव होगा। तब तक नगर पंचायत की कमान डीएम या उनकी ओर से नामित अधिकारी संभालेंगे।
ग्राम एका निवासी उमेश चंद्र की शिकायत पर हाईकोर्ट के आदेशानुसार यह पूरी जांच कराई गई थी। वर्ष 2017 के नगर निकाय चुनाव में नामांकन दाखिल करते समय (10 नवंबर 2017) मायादेवी ने अपना हाईस्कूल का अंक पत्र छिपाया और अपनी उम्र 30 वर्ष से अधिक दर्शाने वाले अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। जबकि उनके हाईस्कूल शैक्षणिक अभिलेख के अनुसार उनकी वास्तविक जन्मतिथि 01 अगस्त 1988 थी। नगर पालिका अधिनियम के अनुसार अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य है।
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ग्राम एका निवासी उमेश चंद्र की शिकायत पर हाईकोर्ट के आदेशानुसार यह पूरी जांच कराई गई थी। वर्ष 2017 के नगर निकाय चुनाव में नामांकन दाखिल करते समय (10 नवंबर 2017) मायादेवी ने अपना हाईस्कूल का अंक पत्र छिपाया और अपनी उम्र 30 वर्ष से अधिक दर्शाने वाले अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। जबकि उनके हाईस्कूल शैक्षणिक अभिलेख के अनुसार उनकी वास्तविक जन्मतिथि 01 अगस्त 1988 थी। नगर पालिका अधिनियम के अनुसार अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष पूर्ण होना अनिवार्य है।
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नामांकन की तारीख तक मायादेवी की आयु 29 वर्ष 03 माह ही थी। जांच और सुनवाई के दौरान मायादेवी ने दावा किया था कि उनकी हाईस्कूल की मार्कशीट 2010 में खो गई थी और राशन कार्ड व अन्य कागजात में उनकी जन्मतिथि 1986 ही दर्ज है। डीएम की जांच में उनके कक्षा 5, कक्षा 8 और 2002 में उत्तीर्ण हाईस्कूल के मूल शैक्षणिक अभिलेख में जन्मतिथि 01.08.1988 और प्राथमिक अभिलेख में 01.01.1988 ही पाई गई। शासन ने उनके स्पष्टीकरण को भ्रामक और गुमराह करने वाला पाया। इसके बाद अब उनको हटाने का आदेश जारी हो गया है।
जिलाधिकारी संभालेंगे कमान
डीएम संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि शासनादेश में स्पष्ट लिखा है कि मायादेवी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। जब तक राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उप चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं कर ली जाती तब तक नगर पंचायत एका के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग वह (डीएम) या उनके द्वारा नामित उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारी करेंगे।
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डीएम संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि शासनादेश में स्पष्ट लिखा है कि मायादेवी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। जब तक राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उप चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं कर ली जाती तब तक नगर पंचायत एका के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग वह (डीएम) या उनके द्वारा नामित उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारी करेंगे।
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मायादेवी बोलीं- कोर्ट में अपील करूंगी
पद से हटाए जाने की कार्रवाई के बाद मायादेवी सागर ने प्रशासनिक फैसले को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा कि वो इस आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगी। उन्होंने बताया कि वह दो-तीन दिनों से बाहर हैं और उन्हें कार्रवाई से जुड़ा कोई भी पत्र अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी 2024 को हाईकोर्ट की डबल बेंच से फैसला आया था और 5 अगस्त 2025 से इस मामले में स्टे जारी है। स्टे लागू होने के बावजूद वित्तीय अधिकार सीज करना और पद से हटाना नियम के खिलाफ है। मायादेवी सागर ने कहा कि फैसले के खिलाफ कोर्ट में अपील कर न्याय मांगूंगी।
पद से हटाए जाने की कार्रवाई के बाद मायादेवी सागर ने प्रशासनिक फैसले को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा कि वो इस आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगी। उन्होंने बताया कि वह दो-तीन दिनों से बाहर हैं और उन्हें कार्रवाई से जुड़ा कोई भी पत्र अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि 16 जनवरी 2024 को हाईकोर्ट की डबल बेंच से फैसला आया था और 5 अगस्त 2025 से इस मामले में स्टे जारी है। स्टे लागू होने के बावजूद वित्तीय अधिकार सीज करना और पद से हटाना नियम के खिलाफ है। मायादेवी सागर ने कहा कि फैसले के खिलाफ कोर्ट में अपील कर न्याय मांगूंगी।