{"_id":"697e01f16e9c90cc7d0d40d0","slug":"three-month-old-lung-burst-due-to-pneumonia-in-firozabad-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: निमोनिया से तीन माह के मासूम का फेफड़ा फटा, छाती में भर गई हवा; चिकित्सकों ने बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: निमोनिया से तीन माह के मासूम का फेफड़ा फटा, छाती में भर गई हवा; चिकित्सकों ने बचाई जान
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 31 Jan 2026 06:52 PM IST
विज्ञापन
सार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में तीन माह के मासूम की निमोनिया से हालत बिगड़ गई। फेफड़ा फट गया। छाती में हवा भर गई। सांस लेने में बच्चे को दिक्कत होने लगी।
शिशु(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
फिरोजाबाद के रसूलपुर निवासी 3 माह के बालक को निमोनिया के कारण गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा। जिसमें उसका फेफड़ा और अंदर की झिल्ली फट गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत 100 शैया मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने समय रहते उपचार शुरू किया।
बच्चे के पिता दानिश ने बताया कि फेफड़ा फटने से बच्चे की छाती में हवा भर गई, जिसका असर धीरे-धीरे सिर तक पहुंचने लगा। बच्चे को सांस लेने में दिक्क्त होने लगी। इससे बच्चे की स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। चिकित्सकों के अनुसार यह स्थिति जानलेवा हो सकती थी, लेकिन त्वरित इलाज से हालात काबू में आए।
100 शैय्या में बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता के नेतृत्व में बच्चे का उपचार किया गया। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने शरीर के आवश्यक स्थानों पर छोटे-छोटे कट लगाकर छाती में भरी हवा बाहर निकाली और बच्चे को लगातार निगरानी में रखा। उपचार टीम में डॉ. अंकिता भी शामिल रहीं
मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि निमोनिया के कारण बच्चे का फेफड़ा फट गया था, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी। समय पर सही इलाज मिलने से बच्चे की हालत में सुधार हुआ है और फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
Trending Videos
बच्चे के पिता दानिश ने बताया कि फेफड़ा फटने से बच्चे की छाती में हवा भर गई, जिसका असर धीरे-धीरे सिर तक पहुंचने लगा। बच्चे को सांस लेने में दिक्क्त होने लगी। इससे बच्चे की स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। चिकित्सकों के अनुसार यह स्थिति जानलेवा हो सकती थी, लेकिन त्वरित इलाज से हालात काबू में आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
100 शैय्या में बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता के नेतृत्व में बच्चे का उपचार किया गया। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने शरीर के आवश्यक स्थानों पर छोटे-छोटे कट लगाकर छाती में भरी हवा बाहर निकाली और बच्चे को लगातार निगरानी में रखा। उपचार टीम में डॉ. अंकिता भी शामिल रहीं
मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि निमोनिया के कारण बच्चे का फेफड़ा फट गया था, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी। समय पर सही इलाज मिलने से बच्चे की हालत में सुधार हुआ है और फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
