टूंडला। ई-रजिस्ट्री और निजीकरण की व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को टूंडला तहसील परिसर में वकीलों और बैनामा लेखकों का गुस्सा फूट पड़ा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रुमाल सिंह यादव के नेतृत्व में हुई एक आपात बैठक में इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। प्रस्ताव पास हुआ कि जब तक प्रदेश सरकार इस जनविरोधी फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक बैनामा लेखक संघ और अधिवक्ता निबंधन (रजिस्ट्री) व न्यायिक कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने नारेबाजी और रोष जताते हुए उपनिबंधक कार्यालय में तालाबंदी कर दी, जिससे न्यायिक व निबंधन कार्य पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान पूर्व बार अध्यक्ष भंवर सिंह सोलंकी, उपाध्यक्ष लीलाधर वर्मा, सचिव ममता सारस्वत, कोषाध्यक्ष प्रवीन कुमार, सहसचिव उपेंद्र बघेल, राजीव झा, अशोक यादव, सलीम खां, शील कुमार गुप्ता, चंदेश उपाध्याय, उमाशंकर निषाद, मुकेश सोलंकी, हरिओम शर्मा और राजबहादुर यादव आदि उपस्थित रहे। संवाद