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घाटमपुर के लाल ने लियो पारगिल चोटी पर फहराया तिरंगा
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लियो पारगिल चोटी फतेह करने वाले घाटमपुर के कुलदीप सिंह।
- फोटो : GHATAMPUR
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घाटमपुर (कानपुर)। कस्बे के मोहल्ला जवाहर नगर (उत्तरी) निवासी आईटीबीपी के डिप्टी कमांडर कुलदीप सिंह सचान ने चीन सीमा स्थित 22222 फीट की ऊंचाई वाली पारगिल चोटी पर तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाया। उनकी इस सफलता का समाचार मिलते ही घाटमपुर को लोग खुशी से झूम उठे। कुलदीप के माता-पिता खुशी के मारे गदगद हैं।
मूलरूप से ग्राम पंचायत तेजपुर-कुंवरपुर के निवासी सीताराम सचान कपड़े के व्यापारी हैं। जवाहर नगर उत्तरी में उनका निजी मकान है। परिवार में पत्नी मनोरमा सचान के अलावा दो बेटे हैं। बताया कि छोटे बेटे कुलदीप उर्फ लकी सचान ने पहले दिल्ली में रहकर आईएएस की तैयारी की थी और प्रारंभिक परीक्षा भी पास कर ली थी। इसी दौरान उसका रुझान देश सेवा की ओर हुआ और वर्ष 2010 में पहले प्रयास में ही उसका चयन इंडो तिब्बत बार्डर पुलिस फोर्स (आईटीबीपी) में हो गया। वर्तमान में उसकी तैनाती कुल्लू में डिप्टी कमांडेंट के पद पर द्वितीय वाहिनी में है।
कुलदीप के पिता ने बताया कि 25 अगस्त को उसने फोन पर बताया कि वह 16 सदस्यीय दल के साथ पर्वतारोहण अभियान में दिनांक 31 अगस्त को जा रहा है। बताया कि दल को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भारत-चीन की सीमा पर स्थित 22222 फिट ऊंची लियो पारगिल चोटी को चढ़ाई कर फतह करना है। बताया कि कोविड-19 के संकट काल में लियो पारगिल चोटी को फतेह करना काफी मुश्किल और चुनौती भरा कार्य था। इसके बावजूद अदम्य साहस का परिचय देते हुए दल के सदस्यों ने लक्ष्य को हासिल किया। कुलदीप के साथ कांस्टेबल प्रदीप नेगी, काको केदारता और आशीष नेगी शामिल रहे और उन्होंने 31 अगस्त को चोटी पर भारतीय झंडा फहराया।
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क्रिकेट खेलने के शौकीन हैं कुलदीप
घाटमपुर। लियो पारगिल चोटी पर तिरंगा लहराने वाले कुलदीप उर्फ लकी सचान क्रिकेट के काफी शौकीन हैं। घाटमपुर में उनके कोच रहे कस्बा निवासी क्रिकेटर भूपकिशोर विश्वकर्मा ने बताया कि लकी अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी हैं। बताया कि पढ़ाई से समय निकालकर वह मैदान में आ जाते थे और फिर क्रिकेट में अपने हाथ आजमाते थे। कुलदीप की मां मनोरमा सचान ने बताया कि लकी अक्सर उनसे झूठ बोलकर क्रिकेट खेलने निकल जाता था। जिसपर घर लौटने पर डांट और मार भी पड़ती थी। बताया कि बीते बुधवार की रात टीवी पर समाचार सुना कि उनके बेटे ने लियो पारगिल चोटी पर झंडा फहराकर देश का नाम ऊंचा किया है तो यह खबर सुनकर उनका मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया है। बताया कि फोन पर बधाइयां मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।
मूलरूप से ग्राम पंचायत तेजपुर-कुंवरपुर के निवासी सीताराम सचान कपड़े के व्यापारी हैं। जवाहर नगर उत्तरी में उनका निजी मकान है। परिवार में पत्नी मनोरमा सचान के अलावा दो बेटे हैं। बताया कि छोटे बेटे कुलदीप उर्फ लकी सचान ने पहले दिल्ली में रहकर आईएएस की तैयारी की थी और प्रारंभिक परीक्षा भी पास कर ली थी। इसी दौरान उसका रुझान देश सेवा की ओर हुआ और वर्ष 2010 में पहले प्रयास में ही उसका चयन इंडो तिब्बत बार्डर पुलिस फोर्स (आईटीबीपी) में हो गया। वर्तमान में उसकी तैनाती कुल्लू में डिप्टी कमांडेंट के पद पर द्वितीय वाहिनी में है।
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कुलदीप के पिता ने बताया कि 25 अगस्त को उसने फोन पर बताया कि वह 16 सदस्यीय दल के साथ पर्वतारोहण अभियान में दिनांक 31 अगस्त को जा रहा है। बताया कि दल को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भारत-चीन की सीमा पर स्थित 22222 फिट ऊंची लियो पारगिल चोटी को चढ़ाई कर फतह करना है। बताया कि कोविड-19 के संकट काल में लियो पारगिल चोटी को फतेह करना काफी मुश्किल और चुनौती भरा कार्य था। इसके बावजूद अदम्य साहस का परिचय देते हुए दल के सदस्यों ने लक्ष्य को हासिल किया। कुलदीप के साथ कांस्टेबल प्रदीप नेगी, काको केदारता और आशीष नेगी शामिल रहे और उन्होंने 31 अगस्त को चोटी पर भारतीय झंडा फहराया।
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क्रिकेट खेलने के शौकीन हैं कुलदीप
घाटमपुर। लियो पारगिल चोटी पर तिरंगा लहराने वाले कुलदीप उर्फ लकी सचान क्रिकेट के काफी शौकीन हैं। घाटमपुर में उनके कोच रहे कस्बा निवासी क्रिकेटर भूपकिशोर विश्वकर्मा ने बताया कि लकी अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी हैं। बताया कि पढ़ाई से समय निकालकर वह मैदान में आ जाते थे और फिर क्रिकेट में अपने हाथ आजमाते थे। कुलदीप की मां मनोरमा सचान ने बताया कि लकी अक्सर उनसे झूठ बोलकर क्रिकेट खेलने निकल जाता था। जिसपर घर लौटने पर डांट और मार भी पड़ती थी। बताया कि बीते बुधवार की रात टीवी पर समाचार सुना कि उनके बेटे ने लियो पारगिल चोटी पर झंडा फहराकर देश का नाम ऊंचा किया है तो यह खबर सुनकर उनका मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया है। बताया कि फोन पर बधाइयां मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।

लियो पारगिल चोटी पर तिरंगा फहराते - फोटो : GHATAMPUR

गर्व से गदगद कुलदीप के माता-पिता - फोटो : GHATAMPUR

कुलदीप के क्रिकेट कोच भूपकिशोर विश्वकर्मा- फोटो : GHATAMPUR