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Gonda News: जिम्मेदारों की ढिलाई से बिना खर्च वापस हुए 140 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:26 PM IST
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समाज कल्याण विभाग में छुट्टी के दिन काम करते कर्मचारी। - संवाद
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गोंडा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन मंगलवार को सरकारी विभागों में बजट खपाने की आपाधापी रही। महावीर जयंती के अवकाश के बावजूद खुले अधिकांश कार्यालयों में जुटे अधिकारियों व कर्मचारियों की तमाम कोशिशों के बावजूद स्वीकृति के बाद भी खर्च न हो पाने वाली 140 करोड़ की राशि शासन को सरेंडर करनी पड़ी।
लोक निर्माण विभाग, बेसिक शिक्षा, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित कई विभागों में अंतिम समय तक भुगतान प्रक्रिया जारी रही। अधिशासी अभियंता सुरेश राम ने बताया कि चीनी मिल और पुल निर्माण से संबंधित कार्यों का भुगतान समय से नहीं हो सका। वहीं प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने दावा किया कि उनके स्तर पर आवंटित बजट खर्च कर दिया गया है। हालांकि अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों जिलों को मिलाकर करीब 140 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए। उन्होंने बताया कि देर से बजट आवंटित होने के कारण समय रहते भुगतान न हो पाने से बची राशि सरेंडर करनी पड़ी।
विकास भवन में दिनभर चला कामकाज
विकास भवन में मनरेगा, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग समेत कई कार्यालय खुले रहे। कर्मचारियों के मुताबिक वेतन और चिकित्सा मद की कुछ धनराशि खर्च नहीं हो सकी, जिसे वापस करना पड़ा। जिला समाज कल्याण और बेसिक शिक्षा विभाग में भी अधिकारी अंतिम समय तक भुगतान निपटाने में जुटे रहे, लेकिन कई मदों में बजट खर्च नहीं हो पाया। अधिकारियों का कहना है कि यदि बजट समय से मिल जाता तो अधिकांश राशि खर्च हो सकती थी।
राजस्व बढ़ाने में जुटा बिजली विभाग
देवीपाटन जोन के पावर कॉर्पोरेशन कार्यालयों में भी अवकाश के दिन काम जारी रहा। बिजली बिल राहत योजना के अंतिम दिन होने के कारण वसूली पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन राजस्व वसूली और लंबित कार्यों को तेजी से निपटाया गया।
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विकास भवन में दिनभर चला कामकाज
विकास भवन में मनरेगा, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग समेत कई कार्यालय खुले रहे। कर्मचारियों के मुताबिक वेतन और चिकित्सा मद की कुछ धनराशि खर्च नहीं हो सकी, जिसे वापस करना पड़ा। जिला समाज कल्याण और बेसिक शिक्षा विभाग में भी अधिकारी अंतिम समय तक भुगतान निपटाने में जुटे रहे, लेकिन कई मदों में बजट खर्च नहीं हो पाया। अधिकारियों का कहना है कि यदि बजट समय से मिल जाता तो अधिकांश राशि खर्च हो सकती थी।
राजस्व बढ़ाने में जुटा बिजली विभाग
देवीपाटन जोन के पावर कॉर्पोरेशन कार्यालयों में भी अवकाश के दिन काम जारी रहा। बिजली बिल राहत योजना के अंतिम दिन होने के कारण वसूली पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन राजस्व वसूली और लंबित कार्यों को तेजी से निपटाया गया।