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Gonda News: विज्ञान से रूबरू हुईं केजीबीवी की 300 बेटियां
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:37 PM IST
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लखनऊ के आंचलिक विज्ञान केंद्र के बाहर बैठीं गोंडा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की
- फोटो : लहरपुर के केसरीगंज में जाम के बीच फंसे वाहन।
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गोंडा। ग्रामीण अंचल की बेटियों ने रविवार को विज्ञान की दुनिया को करीब से देखा और नई ऊर्जा के साथ लौटीं। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बेलसर, वजीरगंज व नवाबगंज की करीब 300 छात्राओं ने लखनऊ में शैक्षिक भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
छात्राओं ने आंचलिक विज्ञान केंद्र, लखनऊ में विज्ञान के विविध प्रयोगों और मॉडलों को देखा। यहां आयोजित थ्री-डी मूवी शो ने विज्ञान को रोचक अंदाज में समझाया। इसके बाद छात्राओं ने इंदिरा गांधी तारामंडल, लखनऊ में ब्रह्मांड, ग्रह-नक्षत्र और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान केंद्र का भी अवलोकन किया। यहां उन्हें वायु, जल और मिट्टी में मौजूद प्रदूषकों की निगरानी तथा मानव स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव के बारे में वैज्ञानिकों ने जानकारी दी।
छात्रा अनुसूइया यादव ने बताया कि इस भ्रमण से विज्ञान को किताबों से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष रूप में देखने का अवसर मिला। नंदिनी तिवारी और अंशिका मिश्रा ने कहा कि प्रयोगशालाओं को देखकर वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा मिली। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक रक्क्षंदा सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है।
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छात्राओं ने आंचलिक विज्ञान केंद्र, लखनऊ में विज्ञान के विविध प्रयोगों और मॉडलों को देखा। यहां आयोजित थ्री-डी मूवी शो ने विज्ञान को रोचक अंदाज में समझाया। इसके बाद छात्राओं ने इंदिरा गांधी तारामंडल, लखनऊ में ब्रह्मांड, ग्रह-नक्षत्र और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान केंद्र का भी अवलोकन किया। यहां उन्हें वायु, जल और मिट्टी में मौजूद प्रदूषकों की निगरानी तथा मानव स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव के बारे में वैज्ञानिकों ने जानकारी दी।
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छात्रा अनुसूइया यादव ने बताया कि इस भ्रमण से विज्ञान को किताबों से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष रूप में देखने का अवसर मिला। नंदिनी तिवारी और अंशिका मिश्रा ने कहा कि प्रयोगशालाओं को देखकर वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा मिली। बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक रक्क्षंदा सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है।
