{"_id":"699c969ff13075b5db02e8e5","slug":"savita-hoisted-the-flag-of-victory-on-the-strength-of-courage-gonda-news-c-100-1-gon1001-152851-2026-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: हौसले के दम पर सविता ने फहराया जीत का परचम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: हौसले के दम पर सविता ने फहराया जीत का परचम
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:34 PM IST
विज्ञापन
सविता तिवारी केरल में जीत के बाद विक्ट्री का चिह्न दिखाकर खुशी जाहिर करतीं। स्रोत: स्वयं
विज्ञापन
गोंडा। मुफलिसी में पला-बढ़ा बचपन, सीमित संसाधन और जिम्मेदारियों से भरा जीवन। इसके बावजूद सविता ने हौसले के दम पर ऊंची कूद में देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त कर जीत का परचम फहरा कर जिले का नाम रोशन किया है। नवाबगंज के घूसे तिवारी पुरवा निवासी किसान राजितराम तिवारी की बेटी सविता तिवारी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा की चमक बिखेरी है।
वर्तमान में पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय नगवा में अनुदेशक के पद पर तैनात सविता ने केरल के तिरुवनंतपुरम में 28 जनवरी से 01 फरवरी तक आयोजित 46वीं राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ऊंची कूद स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में 27 राज्यों के 200 से अधिक एथलीटों ने प्रतिभाग किया। अब अगस्त 2026 में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वह देश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में जुटी हैं। (संवाद)
संघर्ष की जमीन पर खिले सपनों के फूल
सविता बताती हैं कि स्कूल के समय से उन्होंने एथलेटिक्स में नाम कमाने का सपना देखा था। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण खेल सामग्री और सुविधाएं जुटाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी अभ्यास नहीं छोड़ा। नंदिनीनगर खेल मैदान में कोच संदीप वर्मा के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास कर अपने हुनर को निखारा। राज्य स्तर पर मास्टर्स एथलेटिक्स ऑफ इंडिया (एमएएफआई) की प्रतियोगिता में विजय हासिल करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर मिला।
पूरा किया हौसले को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प
वहां उन्होंने अपनी प्रतिभा से सभी का ध्यान खींचा। सविता की सफलता यह साबित करती है कि सपनों की उड़ान संसाधनों से नहीं, हौसले को अंजाम तक पहुंचाने के संकल्प से तय होती है। गांव की गलियों से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंची सविता अब जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। सविता केवल एथलेटिक्स तक सीमित नहीं रहीं। वह फुटबॉल की ऑल इंडिया विश्व विद्यालयीय प्रतियोगिता, हॉकी की ऑल इंडिया विश्व विद्यालयीय प्रतियोगिता व क्रिकेट की ऑल इंडिया विश्व विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में भी विजेता टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।
Trending Videos
वर्तमान में पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय नगवा में अनुदेशक के पद पर तैनात सविता ने केरल के तिरुवनंतपुरम में 28 जनवरी से 01 फरवरी तक आयोजित 46वीं राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ऊंची कूद स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में 27 राज्यों के 200 से अधिक एथलीटों ने प्रतिभाग किया। अब अगस्त 2026 में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वह देश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में जुटी हैं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
संघर्ष की जमीन पर खिले सपनों के फूल
सविता बताती हैं कि स्कूल के समय से उन्होंने एथलेटिक्स में नाम कमाने का सपना देखा था। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण खेल सामग्री और सुविधाएं जुटाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी अभ्यास नहीं छोड़ा। नंदिनीनगर खेल मैदान में कोच संदीप वर्मा के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास कर अपने हुनर को निखारा। राज्य स्तर पर मास्टर्स एथलेटिक्स ऑफ इंडिया (एमएएफआई) की प्रतियोगिता में विजय हासिल करने के बाद उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर मिला।
पूरा किया हौसले को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प
वहां उन्होंने अपनी प्रतिभा से सभी का ध्यान खींचा। सविता की सफलता यह साबित करती है कि सपनों की उड़ान संसाधनों से नहीं, हौसले को अंजाम तक पहुंचाने के संकल्प से तय होती है। गांव की गलियों से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंची सविता अब जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। सविता केवल एथलेटिक्स तक सीमित नहीं रहीं। वह फुटबॉल की ऑल इंडिया विश्व विद्यालयीय प्रतियोगिता, हॉकी की ऑल इंडिया विश्व विद्यालयीय प्रतियोगिता व क्रिकेट की ऑल इंडिया विश्व विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में भी विजेता टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।
