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Gonda News: गले में फंसा खतरनाक मांझा, फाइनेंस कर्मी घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:39 PM IST
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मांझा से घायल हुए खुर्शीद आलम। स्रोत : परिजन।
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नवाबगंज (गोंडा)। खतरनाक मांझे की चपेट में आकर शनिवार शाम बाइक सवार फाइनेंस कर्मी खुर्शीद आलम गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने रविवार को नगर कोतवाली पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
para_count-1 कस्बे के मुठ्ठीगंज मोहल्ला निवासी अधिवक्ता अब्दुल वहीद ने बताया कि छोटे भाई खुर्शीद आलम गोंडा स्थित एक निजी बैंक में फाइनेंस का काम करते हैं। शनिवार शाम वह बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान गोंडा शहर में जिगर कॉलेज के सामने अचानक हवा में उड़ रही पतंग में लगा खतरनाक मांझा उनके गले में फंस गया। इससे गले में गहरा घाव हो गया। खुर्शीद ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बाइक रोकी और रुमाल से घाव बांधकर किसी तरह घर पहुंचे। इसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले गए। अब हालत खतरे से बाहर है। para_count-1
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para_count-2 मामले में अब्दुल वहीद ने नगर कोतवाली में शिकायत देकर खतरनाक मांझे की बिक्री और उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में खुलेआम खतरनाक मांझा बिक रहा है। इससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। para_count-2
para_count-3 खतरनाक मांझा पक्षियों और राहगीरों के लिए भी घातक para_count-3
para_count-3 अधिवक्ता अब्दुल वहीद ने बताया कि खतरनाक मांझा नायलॉन व धातु के मिश्रण से बनाया जाता है, जो बेहद धारदार होता है। यह इंसानों के साथ पक्षियों के लिए भी खतरनाक साबित होता है। इससे पक्षियों के पंख और गर्दन कटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। para_count-3
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para_count-4 खतरनाक मांझे के मामले में सीएम दिखा चुके हैं सख्ती para_count-4
para_count-4 एडवोकेट प्रवीण श्रीवास्तव बताते हैं कि खतरनाक मांझे से लगातार हो रहे हादसों पर सीएम योगी आदित्यनाथ सख्ती दिखा चुके हैं। वहीं, प्रदेश में नायलॉन व सिंथेटिक मांझे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह प्रतिबंध मानव जीवन, पक्षियों और वाहनों के लिए खतरा होने के कारण लगाया गया है। इसके बाद भी गोंडा में इसकी बिक्री गंभीर विषय है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। para_count-4
para_count-5 बिक्री व भंडारण भी प्रतिबंधित para_count-5
para_count-5 खतरनाक मांझे का निर्माण, बिक्री, खरीद, भंडारण और उपयोग प्रतिबंधित है। समय-समय पर दुकानों और गोदामों पर जांच के बाद कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी जांच शुरू कर दी गई है। यदि मांझे से किसी की मौत होती है, तो इसे हत्या के रूप में भी दर्ज किया जा सकता है। para_count-5
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para_count-6 बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी, नगर कोतवाल
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para_count-2 मामले में अब्दुल वहीद ने नगर कोतवाली में शिकायत देकर खतरनाक मांझे की बिक्री और उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में खुलेआम खतरनाक मांझा बिक रहा है। इससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। para_count-2
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para_count-5 बिक्री व भंडारण भी प्रतिबंधित para_count-5
para_count-5 खतरनाक मांझे का निर्माण, बिक्री, खरीद, भंडारण और उपयोग प्रतिबंधित है। समय-समय पर दुकानों और गोदामों पर जांच के बाद कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी जांच शुरू कर दी गई है। यदि मांझे से किसी की मौत होती है, तो इसे हत्या के रूप में भी दर्ज किया जा सकता है। para_count-5
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para_count-6 बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी, नगर कोतवाल