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Gonda News: हत्या व साक्ष्य मिटाने के दोषी को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 10 Mar 2026 11:40 PM IST
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गोंडा। हत्या और साक्ष्य मिटाने के दोषी भारत सिंह को मंगलवार को एडीजे राजेश कुमार तृतीय ने सश्रम आजीवन कारावास व 90 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला तरबगंज के ग्राम बनगांव मुरावनपुरवा का है। गांव निवासी बृजनाथ सिंह ने दर्ज कराई एफआईआर में बताया था कि उनके भाई विश्वनाथ सिंह गांव के बाहर ढाबली पर रहते थे। सात मई 2019 की रात भाई से उनकी मुलाकात हुई थी। अगले दिन सुबह जब वह उन्हें खाना देने पहुंचे तो वह नहीं मिले और उनका मोबाइल भी बंद मिला।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बनगांव डीहा निवासी भारत सिंह ने रंजिश के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर विश्वनाथ सिंह की हत्या कर शव को छिपा दिया। 13 मई को ग्रामसभा रांगी स्थित बारह फाटक के नाले में विश्वनाथ सिंह का सिर मिलने से सनसनी फैल गई।
पुलिस ने मामले में भारत सिंह, इंसान अली, छोटकऊ सिंह और शिवमूरत सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान इंसान अली, छोटकऊ सिंह और शिव मूरत सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई और साक्ष्य के अभाव में 23 दिसंबर 2025 को न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था।
मंगलवार को हुई अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने भारत सिंह को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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मामला तरबगंज के ग्राम बनगांव मुरावनपुरवा का है। गांव निवासी बृजनाथ सिंह ने दर्ज कराई एफआईआर में बताया था कि उनके भाई विश्वनाथ सिंह गांव के बाहर ढाबली पर रहते थे। सात मई 2019 की रात भाई से उनकी मुलाकात हुई थी। अगले दिन सुबह जब वह उन्हें खाना देने पहुंचे तो वह नहीं मिले और उनका मोबाइल भी बंद मिला।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि बनगांव डीहा निवासी भारत सिंह ने रंजिश के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर विश्वनाथ सिंह की हत्या कर शव को छिपा दिया। 13 मई को ग्रामसभा रांगी स्थित बारह फाटक के नाले में विश्वनाथ सिंह का सिर मिलने से सनसनी फैल गई।
पुलिस ने मामले में भारत सिंह, इंसान अली, छोटकऊ सिंह और शिवमूरत सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान इंसान अली, छोटकऊ सिंह और शिव मूरत सिंह की पत्रावली अलग कर दी गई और साक्ष्य के अभाव में 23 दिसंबर 2025 को न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था।
मंगलवार को हुई अंतिम सुनवाई के बाद अदालत ने भारत सिंह को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।