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Gonda News: इसी सप्ताह शुरू होगा डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:18 PM IST
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महिला अस्पताल में बना डीईआईसी। - संवाद
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गोंडा। लंबे इंतजार के बाद महिला अस्पताल में डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) शुरू होने की उम्मीद है। इसी सप्ताह में इसका संचालन शुरू कराने का दावा किया जा रहा है। इस सेंटर में जन्मजात गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों के उपचार व ऑपरेशन की मुफ्त व्यवस्था रहेगी।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की ओर से डीईआईसी की स्थापना के लिए 65 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। करीब दो साल से इसका निर्माण चल रहा था। कार्यक्रम के जिला समन्वयक उमाशंकर ने बताया कि डीईआइसी का कार्य पूरा हो चुका है। इसी सप्ताह संचालन शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कई बच्चे जन्मजात बीमारियों से पीड़ित होते हैं। कटे होंठ व तालू, टेढ़े पैर व दिल में छेद जैसी जन्मजात बीमारियों का उपचार बिल्कुल घरेलू माहौल में कराया जाएगा। हर कमरे की सजावट व बच्चों के खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। खेल-खेल में ही डॉक्टर बच्चे की जांच करेंगे। सेंटर पर एक मोबाइल वैन होगी जो ग्रामीण क्षेत्रों व स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर ऐसे बच्चों को ढूंढ़कर सेंटर तक लाएगी।
मुफ्त कराया जाएगा महंगा ऑपरेशन
जन्मजात मोतियाबिंद, बड़ा सिर, मूक-बधिर, जन्मजात हृदय संबंधी रोग, मुड़े हुए पैर व कटे होंठ आदि बीमारियों से पीड़ित बच्चों का बड़े अस्पतालों में मुफ्त ऑपरेशन कराया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच कर सामान्य उपचार इसी सेंटर में करेगी। इसके साथ ही बच्चों की स्क्रीनिंग कर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। वहां ऑपरेशन के साथ मरीज व उनके तीमारदार के खानपान व रहने की व्यवस्था भी मुफ्त होगी। आने-जाने का खर्च भी आरबीएसके के तहत होगा।
सीएमओ ने दिए थे सुधार के निर्देश
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों का महंगे से महंगा उपचार मुफ्त में होगा। जल्द ही डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की ओर से डीईआईसी की स्थापना के लिए 65 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। करीब दो साल से इसका निर्माण चल रहा था। कार्यक्रम के जिला समन्वयक उमाशंकर ने बताया कि डीईआइसी का कार्य पूरा हो चुका है। इसी सप्ताह संचालन शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कई बच्चे जन्मजात बीमारियों से पीड़ित होते हैं। कटे होंठ व तालू, टेढ़े पैर व दिल में छेद जैसी जन्मजात बीमारियों का उपचार बिल्कुल घरेलू माहौल में कराया जाएगा। हर कमरे की सजावट व बच्चों के खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। खेल-खेल में ही डॉक्टर बच्चे की जांच करेंगे। सेंटर पर एक मोबाइल वैन होगी जो ग्रामीण क्षेत्रों व स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर ऐसे बच्चों को ढूंढ़कर सेंटर तक लाएगी।
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मुफ्त कराया जाएगा महंगा ऑपरेशन
जन्मजात मोतियाबिंद, बड़ा सिर, मूक-बधिर, जन्मजात हृदय संबंधी रोग, मुड़े हुए पैर व कटे होंठ आदि बीमारियों से पीड़ित बच्चों का बड़े अस्पतालों में मुफ्त ऑपरेशन कराया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच कर सामान्य उपचार इसी सेंटर में करेगी। इसके साथ ही बच्चों की स्क्रीनिंग कर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। वहां ऑपरेशन के साथ मरीज व उनके तीमारदार के खानपान व रहने की व्यवस्था भी मुफ्त होगी। आने-जाने का खर्च भी आरबीएसके के तहत होगा।
सीएमओ ने दिए थे सुधार के निर्देश
सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों का महंगे से महंगा उपचार मुफ्त में होगा। जल्द ही डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।