{"_id":"69dbbc50f240c01e41031724","slug":"electric-current-running-over-the-roofs-of-schools-gonda-news-c-100-1-gon1001-156071-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: स्कूलों की छतों के ऊपर से दाैड़ रहा करंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: स्कूलों की छतों के ऊपर से दाैड़ रहा करंट
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 12 Apr 2026 09:07 PM IST
विज्ञापन
स्कूल की छत से गुजरा हाईटेंशन लाइन का तार।
विज्ञापन
गोंडा। परिषदीय विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग अब सख्त नजर आ रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन (एचटी) लाइनों को हटाने के लिए विस्तृत सूचना मांगी है। सभी स्कूलों को गूगल शीट के माध्यम से एचटी लाइन और ट्रांसफार्मर की वर्तमान स्थिति के साथ फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
हाल ही में विद्युत लाइन की चपेट में आकर पत्रकार रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिसर में एचटी लाइन वाले स्कूलों के शिक्षक व विद्यार्थी सहमे हुए हैं। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा मुद्दा माना है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। एचटी लाइन हटाने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, उच्च शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण निगम व अधिशासी अभियंता शामिल हैं।
धीमी प्रगति पर नाराजगी
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के दो सौ छह विद्यालयों से एचटी लाइन हटाने के लिए करीब 1.55 करोड़ रुपये बिजली विभाग को दिए जा चुके हैं। हालांकि, आठ महीने बीतने के बाद भी केवल बारह विद्यालयों से ही लाइन हटाई जा सकी है। इस धीमी प्रगति पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Trending Videos
हाल ही में विद्युत लाइन की चपेट में आकर पत्रकार रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिसर में एचटी लाइन वाले स्कूलों के शिक्षक व विद्यार्थी सहमे हुए हैं। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा मुद्दा माना है। उन्होंने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। एचटी लाइन हटाने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, उच्च शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण निगम व अधिशासी अभियंता शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
धीमी प्रगति पर नाराजगी
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के दो सौ छह विद्यालयों से एचटी लाइन हटाने के लिए करीब 1.55 करोड़ रुपये बिजली विभाग को दिए जा चुके हैं। हालांकि, आठ महीने बीतने के बाद भी केवल बारह विद्यालयों से ही लाइन हटाई जा सकी है। इस धीमी प्रगति पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।