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Gonda News: दो दिनों से मेहनौन विद्युत उपकेंद्र की बिजली गुल
Sat, 25 Jul 2026 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:05 PM IST
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उपकेंद्र में विरोध जताते लोग।
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मुजेहना/धानेपुर। धानेपुर बाजार में 33 केवी भूमिगत लाइन में आए फाॅल्ट ने मेहनौन विद्युत उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था ठप कर दी है। इससे 30 ग्राम पंचायतों समेत करीब 100 मजरों में दे दिनों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। करीब 10 हजार उपभोक्ता भीषण उमस, पेयजल संकट और अघोषित कटौती से परेशान हैं। शनिवार देर शाम तक टीमें फाॅल्ट का पता नहीं लगा सकीं। इससे नाराज उपभोक्ताओं और भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया और तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। पहले विभाग ने लाइन के किनारे पेड़ों की कटाई-छंटाई का हवाला देते हुए शाम तक आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिया, लेकिन देर रात तक बिजली नहीं आई। बाद में 33 केवी लाइन में फाॅल्ट होने की जानकारी दी गई। इसके बाद से विभागीय टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर फाॅल्ट तलाश रही हैं, लेकिन शनिवार देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी थी। अवर अभियंता अवनीश पांडेय ने बताया कि धानेपुर बाजार की भूमिगत 33 केवी लाइन में फाॅल्ट होने की आशंका है। फाॅल्ट मिलते ही मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
उधर, बिजली संकट से नाराज भाकपा (माले) लिबरेशन के जिला कमेटी सदस्य राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपकेंद्र में प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिनों से बिजली न मिलने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रदर्शन में जमील खान, कृष्ण नारायण वर्मा, जैशराज वर्मा, सदानंद, गंगाराम गिरी, राजीव कुमार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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तीन घंटे ठप रही झंझरी उपकेंद्र की आपूर्ति
शनिवार सुबह करीब पांच बजे रघुकुल नगर के पास 33 केवी लाइन में फाॅल्ट आने से झंझरी विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति भी बाधित हो गई। करीब आठ हजार उपभोक्ता तीन घंटे तक बिजली संकट से जूझते रहे। सुबह आठ बजे फाॅल्ट दूर होने के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली गुल रहने से लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
15 दिन में सुधार नहीं तो आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माले) नेताओं ने अघोषित बिजली कटौती, नियमित बिजली बिल न मिलने, खराब ट्रांसफार्मरों को समय पर न बदलने और विद्युत कर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और धरना-प्रदर्शन तेज किया जाएगा।
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शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। पहले विभाग ने लाइन के किनारे पेड़ों की कटाई-छंटाई का हवाला देते हुए शाम तक आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिया, लेकिन देर रात तक बिजली नहीं आई। बाद में 33 केवी लाइन में फाॅल्ट होने की जानकारी दी गई। इसके बाद से विभागीय टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर फाॅल्ट तलाश रही हैं, लेकिन शनिवार देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी थी। अवर अभियंता अवनीश पांडेय ने बताया कि धानेपुर बाजार की भूमिगत 33 केवी लाइन में फाॅल्ट होने की आशंका है। फाॅल्ट मिलते ही मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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उधर, बिजली संकट से नाराज भाकपा (माले) लिबरेशन के जिला कमेटी सदस्य राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपकेंद्र में प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिनों से बिजली न मिलने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रदर्शन में जमील खान, कृष्ण नारायण वर्मा, जैशराज वर्मा, सदानंद, गंगाराम गिरी, राजीव कुमार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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तीन घंटे ठप रही झंझरी उपकेंद्र की आपूर्ति
शनिवार सुबह करीब पांच बजे रघुकुल नगर के पास 33 केवी लाइन में फाॅल्ट आने से झंझरी विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति भी बाधित हो गई। करीब आठ हजार उपभोक्ता तीन घंटे तक बिजली संकट से जूझते रहे। सुबह आठ बजे फाॅल्ट दूर होने के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली गुल रहने से लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
15 दिन में सुधार नहीं तो आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माले) नेताओं ने अघोषित बिजली कटौती, नियमित बिजली बिल न मिलने, खराब ट्रांसफार्मरों को समय पर न बदलने और विद्युत कर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और धरना-प्रदर्शन तेज किया जाएगा।