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Gonda News: सरयू का जलस्तर घटा, कटान ने बढ़ाई चिंता
Sat, 25 Jul 2026 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:44 PM IST
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कटान करती नदी।
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करनैलगंज/विश्नोहरपुर (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर घटने के साथ तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गई है। कई गांवों में कृषि भूमि नदी में समा रही है, जबकि कुछ स्थानों पर आबादी भी खतरे की जद में आ गई है। बाढ़ खंड ने संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षात्मक कार्य तेज कर दिए हैं।
बाढ़ खंड के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.040 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.070 मीटर है। अयोध्या में जलस्तर 92.420 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 31 सेंटीमीटर नीचे है। वहां नदी का रुख बढ़ाव की ओर है। विभाग के अनुसार गिरिजा बैराज से 1,17,776 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,533 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तीनों बैराजों से कुल 2,46,938 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।
दत्तनगर बाड़ी मांझा में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब छह बीघा कृषि भूमि और आधा दर्जन छप्पर कटान की भेंट चढ़ गए, जिससे ग्रामीणों ने पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। साकीपुर के बाड़ी मांझा में भी शुक्रवार रात से कटान शुरू हो गई। यहां नरसिंह दूबे, अंबर यादव, नंदलाल यादव और राम फेर की करीब 22 बीघा धान व गन्ने की फसल नदी में समा गई। फिलहाल कटान खेतों तक सीमित है, लेकिन आबादी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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साकीपुर के शुक्लपुरवा मांझा जाने वाले मार्ग पर पानी भरने से तीन घर चारों ओर से घिर गए हैं। लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा निजी नावें हैं। ढेमवा चौकी के पास नाले में पानी भरने से चौकी भी कटान की जद में आ गई है। वहीं व्योंदा मांझा के करीब आधा दर्जन मजरों में पानी घुसने से ग्रामीणों को आवागमन और पशुओं के चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
करनैलगंज क्षेत्र के बहुवन मदार मांझा और मांझा रायपुर के सामने भी नदी तेजी से कटान कर रही है। यहां बाढ़ खंड की ओर से बल्ली पाइलिंग, बोल्डर पिचिंग समेत सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।
इनसेट : कटान रोकने के लिए सुरक्षा कार्य तेज
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि बहुवन मदार मांझा के पास स्पर सहित सभी आवश्यक सुरक्षा कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि बैराजों से लंबे समय तक अधिक पानी छोड़ा गया या पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश हुई तो सरयू का जलस्तर फिर बढ़ सकता है।
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बाढ़ खंड के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.040 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.070 मीटर है। अयोध्या में जलस्तर 92.420 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 31 सेंटीमीटर नीचे है। वहां नदी का रुख बढ़ाव की ओर है। विभाग के अनुसार गिरिजा बैराज से 1,17,776 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,533 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तीनों बैराजों से कुल 2,46,938 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।
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दत्तनगर बाड़ी मांझा में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब छह बीघा कृषि भूमि और आधा दर्जन छप्पर कटान की भेंट चढ़ गए, जिससे ग्रामीणों ने पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। साकीपुर के बाड़ी मांझा में भी शुक्रवार रात से कटान शुरू हो गई। यहां नरसिंह दूबे, अंबर यादव, नंदलाल यादव और राम फेर की करीब 22 बीघा धान व गन्ने की फसल नदी में समा गई। फिलहाल कटान खेतों तक सीमित है, लेकिन आबादी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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साकीपुर के शुक्लपुरवा मांझा जाने वाले मार्ग पर पानी भरने से तीन घर चारों ओर से घिर गए हैं। लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा निजी नावें हैं। ढेमवा चौकी के पास नाले में पानी भरने से चौकी भी कटान की जद में आ गई है। वहीं व्योंदा मांझा के करीब आधा दर्जन मजरों में पानी घुसने से ग्रामीणों को आवागमन और पशुओं के चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
करनैलगंज क्षेत्र के बहुवन मदार मांझा और मांझा रायपुर के सामने भी नदी तेजी से कटान कर रही है। यहां बाढ़ खंड की ओर से बल्ली पाइलिंग, बोल्डर पिचिंग समेत सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।
इनसेट : कटान रोकने के लिए सुरक्षा कार्य तेज
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि बहुवन मदार मांझा के पास स्पर सहित सभी आवश्यक सुरक्षा कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि बैराजों से लंबे समय तक अधिक पानी छोड़ा गया या पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश हुई तो सरयू का जलस्तर फिर बढ़ सकता है।