{"_id":"6a0373a3341ab3c586046e86","slug":"misappropriation-of-rs-343-crore-caught-in-25-gram-panchayats-gonda-news-c-100-1-gon1003-158135-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: 25 ग्राम पंचायतों में पकड़ा 3.43 करोड़ का घालमेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: 25 ग्राम पंचायतों में पकड़ा 3.43 करोड़ का घालमेल
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 13 May 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोंडा। 25 ग्राम पंचायतों में 3.43 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद पंचायतीराज विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। ऑडिट के दौरान सरकारी धन के खर्च में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बावजूद संबंधित ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधान और सचिव अब तक खर्च से जुड़े जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके हैं।
इसके चलते ही वर्तमान में बाराबंकी में तैनात एडीओ आईएसबी अनिल कुमार सिंह, गाजीपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी विवेकानंद व सौरभ राय के साथ ही गोंडा में नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी पप्पू सिंह यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार पांडेय, पुष्पराज सिंह का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
11 मई 2026 को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में हलधरमऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में लंबित ऑडिट आपत्तियों और वित्तीय अनियमितताओं की समीक्षा की गई थी। समीक्षा में डुड़ही, हरसिंहपुर, भैरमपुर, झौहना समेत कुल 25 ग्राम पंचायतों में 3 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई थी। इन पंचायतों में वर्ष 2019-20 से विभिन्न विकास कार्यों, निर्माण कार्यों और पंचायत मद में खर्च की गई धनराशि का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश पंचायतीराज समिति की प्रस्तावित बैठक से पहले सभी लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 28 मई 2026 तक ग्राम पंचायतवार तिथियां निर्धारित की गई हैं। संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को प्रतिदिन सुबह 11 बजे जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराने और ऑडिट कार्य में सहयोग न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों की तैनाती जिन जिलों में है, वहां के जिला विकास अधिकारियों को भी पत्र भेजकर कार्रवाई को विभागीय स्तर पर आगे सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
Trending Videos
इसके चलते ही वर्तमान में बाराबंकी में तैनात एडीओ आईएसबी अनिल कुमार सिंह, गाजीपुर में तैनात ग्राम विकास अधिकारी विवेकानंद व सौरभ राय के साथ ही गोंडा में नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी पप्पू सिंह यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी अजय कुमार पांडेय, पुष्पराज सिंह का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
11 मई 2026 को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में हलधरमऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में लंबित ऑडिट आपत्तियों और वित्तीय अनियमितताओं की समीक्षा की गई थी। समीक्षा में डुड़ही, हरसिंहपुर, भैरमपुर, झौहना समेत कुल 25 ग्राम पंचायतों में 3 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई थी। इन पंचायतों में वर्ष 2019-20 से विभिन्न विकास कार्यों, निर्माण कार्यों और पंचायत मद में खर्च की गई धनराशि का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश पंचायतीराज समिति की प्रस्तावित बैठक से पहले सभी लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 28 मई 2026 तक ग्राम पंचायतवार तिथियां निर्धारित की गई हैं। संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को प्रतिदिन सुबह 11 बजे जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराने और ऑडिट कार्य में सहयोग न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों की तैनाती जिन जिलों में है, वहां के जिला विकास अधिकारियों को भी पत्र भेजकर कार्रवाई को विभागीय स्तर पर आगे सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।