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Gonda News: 15 दिन से बिजली संकट, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Mon, 06 Jul 2026 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:03 AM IST
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ट्रांसफार्मर को पानी डालकर ठंडा करता कर्मचारी।
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टिकरी। नवाबगंज के रामापुर के मजरा बजरडिहवा में ट्रांसफार्मर फुंकने से 15 दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी में बिजली न होने से लोग परेशान हैं। गांव में पेयजल का संकट भी खड़ा हो गया है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक परेशान हैं।
ग्रामीण रामजग जायसवाल ने बताया कि अवर अभियंता फोन नहीं उठाते हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने शनिवार देर शाम प्रदर्शन कर आक्रोश जताया और तत्काल दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। लोगों का कहना है कि बिजली न होने से मोबाइल चार्ज करना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो वे आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में दीनानाथ, सुभाष, गुरदयाल, शिवभवन, रामजनक, रोशनलाल निषाद आदि शामिल रहे। उमरिया विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता अजय गुप्त ने बताया कि जल्द आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
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उसरैना में एक सप्ताह से नहीं आ रही बिजली
कटरा बाजार। ग्रामीण उपकेंद्र के परसिया रानी फीडर से जुड़े उसरैना गांव में बिजली आपूर्ति एक सप्ताह से पटरी से उतरी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि 18 घंटे की जगह मुश्किल से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। करीब 100 घरों के 500 लोग परेशान हैं। ग्रामीण लखन लाल शुक्ल ने बताया कि बिजली संकट से पेयजल व खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
बताया कि लाइनमैन ने जगह-जगह हल्के तारों से फ्यूज बांधकर हाईटेंशन लाइन की व्यवस्था खराब कर दी है। महापारा से उसरैना तक करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन के नीचे लगे पेड़ों की दो वर्षों से छंटाई नहीं हुई है। इससे फॉल्ट व दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लाइनमैन अवैध वसूली के चलते निर्बाध बिजली नहीं दे रहे हैं। जेई फोन नहीं उठाते हैं। पिछले महीने कुछ उपभोक्ताओं से बिल जमा कराने के नाम पर रुपये लिए गए, लेकिन रसीद नहीं दी गई। आपूर्ति सुचारु न होने पर ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उपखंड अधिकारी राम कैलाश सिंह यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। जांच कर आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
तीन घंटे अंधेरे में रहे एक लाख लोग
खरगूपुर। इटियाथोक के बेंदुली स्थित 132 केवीए से खरगूपुर उपकेंद्र को आने वाली 33 हजार की विद्युत लाइन शनिवार रात अचानक फेल हो गई। इससे आईपीडीएस टाउन, साउथ, गोकरननाथ शिवाला, पृथ्वीनाथ, बिशुनापुर और देवतहा फीडर की करीब एक लाख आबादी तीन घंटे तक अंधेरे में रही। बिजली ठप होने से लोग भीषण गर्मी में हाथ के पंखों से राहत पाने का प्रयास करते रहे। कर्मचारियों की भारी मशक्कत के बाद आपूर्ति सुचारू हो सकी। अवर अभियंता रवि वर्मा ने बताया कि लाइन में आई खराबी को ठीक कराकर रात में ही बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई थी।
कटौती से उपभोक्ता हो रहे बेहाल
गोंडा। भीषण गर्मी के बीच दिन में तेज धूप और रात में अघोषित बिजली कटौती ने गोंडा जिले के लाखों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार बिजली की आवाजाही से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। घरों में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हैं।
जिले में 4.50 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। गर्मी से पहले विभाग ने निर्बाध आपूर्ति का दावा किया था, पर मौजूदा हालात विपरीत हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार, शहर में प्रतिदिन तीन से पांच घंटे तक अघोषित कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर के अंबेडकर चौराहा, आवास विकास काॅलोनी, पूरे शिवाबख्तावर, इटियाथोक, बेलसर, तरबगंज, कटरा बाजार और आर्यनगर के करीब 80 फीसदी विद्युत उपकेंद्र क्षमता से अधिक लोड पर चल रहे हैं। पावर ट्रांसफार्मरों को ओवरहीट होने से बचाने के लिए पानी का छिड़काव और कूलर लगाए जा रहे हैं।
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ग्रामीण रामजग जायसवाल ने बताया कि अवर अभियंता फोन नहीं उठाते हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने शनिवार देर शाम प्रदर्शन कर आक्रोश जताया और तत्काल दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। लोगों का कहना है कि बिजली न होने से मोबाइल चार्ज करना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो वे आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में दीनानाथ, सुभाष, गुरदयाल, शिवभवन, रामजनक, रोशनलाल निषाद आदि शामिल रहे। उमरिया विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता अजय गुप्त ने बताया कि जल्द आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
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उसरैना में एक सप्ताह से नहीं आ रही बिजली
कटरा बाजार। ग्रामीण उपकेंद्र के परसिया रानी फीडर से जुड़े उसरैना गांव में बिजली आपूर्ति एक सप्ताह से पटरी से उतरी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि 18 घंटे की जगह मुश्किल से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। करीब 100 घरों के 500 लोग परेशान हैं। ग्रामीण लखन लाल शुक्ल ने बताया कि बिजली संकट से पेयजल व खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
बताया कि लाइनमैन ने जगह-जगह हल्के तारों से फ्यूज बांधकर हाईटेंशन लाइन की व्यवस्था खराब कर दी है। महापारा से उसरैना तक करीब तीन किलोमीटर लंबी लाइन के नीचे लगे पेड़ों की दो वर्षों से छंटाई नहीं हुई है। इससे फॉल्ट व दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लाइनमैन अवैध वसूली के चलते निर्बाध बिजली नहीं दे रहे हैं। जेई फोन नहीं उठाते हैं। पिछले महीने कुछ उपभोक्ताओं से बिल जमा कराने के नाम पर रुपये लिए गए, लेकिन रसीद नहीं दी गई। आपूर्ति सुचारु न होने पर ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उपखंड अधिकारी राम कैलाश सिंह यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। जांच कर आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
तीन घंटे अंधेरे में रहे एक लाख लोग
खरगूपुर। इटियाथोक के बेंदुली स्थित 132 केवीए से खरगूपुर उपकेंद्र को आने वाली 33 हजार की विद्युत लाइन शनिवार रात अचानक फेल हो गई। इससे आईपीडीएस टाउन, साउथ, गोकरननाथ शिवाला, पृथ्वीनाथ, बिशुनापुर और देवतहा फीडर की करीब एक लाख आबादी तीन घंटे तक अंधेरे में रही। बिजली ठप होने से लोग भीषण गर्मी में हाथ के पंखों से राहत पाने का प्रयास करते रहे। कर्मचारियों की भारी मशक्कत के बाद आपूर्ति सुचारू हो सकी। अवर अभियंता रवि वर्मा ने बताया कि लाइन में आई खराबी को ठीक कराकर रात में ही बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई थी।
कटौती से उपभोक्ता हो रहे बेहाल
गोंडा। भीषण गर्मी के बीच दिन में तेज धूप और रात में अघोषित बिजली कटौती ने गोंडा जिले के लाखों उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार बिजली की आवाजाही से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। घरों में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हैं।
जिले में 4.50 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। गर्मी से पहले विभाग ने निर्बाध आपूर्ति का दावा किया था, पर मौजूदा हालात विपरीत हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार, शहर में प्रतिदिन तीन से पांच घंटे तक अघोषित कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर के अंबेडकर चौराहा, आवास विकास काॅलोनी, पूरे शिवाबख्तावर, इटियाथोक, बेलसर, तरबगंज, कटरा बाजार और आर्यनगर के करीब 80 फीसदी विद्युत उपकेंद्र क्षमता से अधिक लोड पर चल रहे हैं। पावर ट्रांसफार्मरों को ओवरहीट होने से बचाने के लिए पानी का छिड़काव और कूलर लगाए जा रहे हैं।