{"_id":"6a53f82891062799130bcecd","slug":"scam-involving-1284-crore-implicates-73-panchayats-gonda-news-c-100-1-gon1003-162094-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: 12.84 करोड़ के घपले की आंच 73 पंचायतों तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: 12.84 करोड़ के घपले की आंच 73 पंचायतों तक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। जिले की 73 ग्राम पंचायतों में सरकारी खजाने से खर्च 12.84 करोड़ रुपये पर पांच साल से सवाल खड़े हैं। गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ऑडिट आपत्तियां फाइलों में दबी रहीं और जिम्मेदार हिसाब देने से बचते रहे। अब पंचायतीराज समिति ने मामला तलब किया है तो तत्कालीन प्रधानों और सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
वित्तीय वर्ष 2019-20 का मामला परसपुर और करनैलगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायतों से जुड़ा है। अभिलेख के मुताबिक 73 पंचायतों में 12 करोड़ 84 लाख 95 हजार 946 रुपये की राशि से संबंधित ऑडिट प्रस्तर अब तक लंबित हैं। इनमें सरकारी धन के खर्च को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आपत्तियां दर्ज हैं।
सबसे बड़ी आपत्ति परसपुर ब्लॉक की पसका ग्राम पंचायत में 81.75 लाख रुपये की है। परसपुर ग्राम पंचायत में 75.85 लाख और बहुवनमदार में 58.84 लाख रुपये से जुड़े ऑडिट प्रस्तर लंबित हैं। खरगुपुर में 49.27 लाख और बेलमत्थर में 46.43 लाख रुपये के खर्च पर भी सवाल हैं।
विज्ञापन
ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए कई बार पत्राचार और बैठकें हुईं, लेकिन पांच साल में अधिकांश मामले जस के तस रहे। विभागीय पत्र के मुताबिक, हीरापुर कमियार के एक प्रस्तर को छोड़कर अन्य मामले अब भी लंबित हैं।
अब 14 जुलाई को पंचायतीराज समिति की बैठक में पुराना हिसाब खुलेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी जीडी जैन ने तत्कालीन प्रधानों और सचिवों से सत्यापित अभिलेख और अनुपालन आख्या तलब की है। जवाब और अभिलेख न देने पर विभागीय व विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2019-20 का मामला परसपुर और करनैलगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायतों से जुड़ा है। अभिलेख के मुताबिक 73 पंचायतों में 12 करोड़ 84 लाख 95 हजार 946 रुपये की राशि से संबंधित ऑडिट प्रस्तर अब तक लंबित हैं। इनमें सरकारी धन के खर्च को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आपत्तियां दर्ज हैं।
विज्ञापन
सबसे बड़ी आपत्ति परसपुर ब्लॉक की पसका ग्राम पंचायत में 81.75 लाख रुपये की है। परसपुर ग्राम पंचायत में 75.85 लाख और बहुवनमदार में 58.84 लाख रुपये से जुड़े ऑडिट प्रस्तर लंबित हैं। खरगुपुर में 49.27 लाख और बेलमत्थर में 46.43 लाख रुपये के खर्च पर भी सवाल हैं।
विज्ञापन
ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए कई बार पत्राचार और बैठकें हुईं, लेकिन पांच साल में अधिकांश मामले जस के तस रहे। विभागीय पत्र के मुताबिक, हीरापुर कमियार के एक प्रस्तर को छोड़कर अन्य मामले अब भी लंबित हैं।
अब 14 जुलाई को पंचायतीराज समिति की बैठक में पुराना हिसाब खुलेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी जीडी जैन ने तत्कालीन प्रधानों और सचिवों से सत्यापित अभिलेख और अनुपालन आख्या तलब की है। जवाब और अभिलेख न देने पर विभागीय व विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।