UP: 12वीं में फेल होने पर गोंडा-सुल्तानपुर में दो परीक्षार्थियों ने दी जान, 10वीं में असफल छात्र ने खाया जहर
यूपी के गोंडा और सुल्तानपुर में परीक्षा परिणाम आने के बाद इंटर की दो परीक्षार्थियों ने जहर खाकर जान दे दी। वहीं, सीतापुर में हाईस्कूल के छात्र ने फेल होने पर जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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यूपी के गोंडा में तुलसीपुर क्षेत्र के लालनगर सिपहिया गांव में बृहस्पतिवार रात अंकुश विश्वकर्मा उर्फ साजन ने पेड़ की डाल से फंदे से लटककर जान दे दी। शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी हुई। इस घटना से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि अंकुश, ताल्लुकदार सिंह इंटर कॉलेज, लौकहवा में इंटरमीडिएट का छात्र था। परिजनों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को घोषित यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में वे लगातार दूसरी बार असफल हो गया था। इसी बात को लेकर वह पिछले कुछ समय से तनाव में था और परिणाम आने के बाद काफी उदास हो गया था।
अंकुश ने किसी तरह की परेशानी जाहिर नहीं की
परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात सभी ने साथ बैठकर भोजन किया था। अंकुश भी सामान्य दिखाई दे रहा था और किसी तरह की परेशानी जाहिर नहीं की। इसके बाद सभी लोग सोने चले गए। लेकिन शुक्रवार सुबह जब घर के लोग उठे तो अंकुश घर में नहीं मिला।
खोजबीन के दौरान जब नजर घर के पास लगे बेल के पेड़ पर गई, तो वहां उसका शव लटका देख परिवार के लोगों के होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे गांव में मातम फैल गया। प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह ने बताया कि छात्र के मौत की जानकारी हुई है। परीक्षा परिणाम से जाेड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल परिजन भी ज्यादा कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अंकुश के पिता हरिशंकर विश्वकर्मा समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार अंकुश शांत स्वभाव का और पढ़ाई में रुचि रखने वाला छात्र था। किसी ने यह नहीं सोचा था कि परीक्षा परिणाम का दबाव उसे इतना तोड़ देगा। गांव के राजेश ने बताया कि वह अपने दोस्तों और परिवार के साथ सामान्य व्यवहार करता था, लेकिन अंदर ही अंदर वह तनाव से जूझ रहा था। अंकुश की दो बहनों की शादी हो चुकी है और वह अपनी ससुराल में हैं। तीन भाई मोतीलाल, धर्मेंद्र और रवि मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं।
मानसिक रोग विभाग के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश पांडेय ने कहा कि असफलता को लेकर परिवार और समाज का सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि छात्र खुद को अकेला महसूस न करें। ऐसे समय में अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए और उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए, ताकि वे किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचार से दूर रह सकें।
परीक्षा परिणाम से आहत इंटर की छात्रा ने दी जान
सुल्तानपुर में नेवरी मनोरथपुर गांव में इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम में उम्मीद से कम अंक आने से आहत छात्रा अंशिका वर्मा (18) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बृहस्पतिवार रात लगभग 8 बजे हुई इस घटना से परिवार में चीख-पुकार मच गई।
गांव निवासी अमर बहादुर वर्मा की पुत्री अंशिका वर्मा इंटरमीडिएट की छात्रा थी। बृहस्पतिवार शाम को घोषित हुए परीक्षा परिणाम में उसे 66.8 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए, जो उसकी अपेक्षा से कम थे। परीक्षा परिणाम से वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। परिजनों के मुताबिक, परिणाम आने के बाद से अंशिका काफी उदास और चिंतित रहने लगी थी। रात करीब आठ बजे घर के टीन शेड में लगी बल्ली के सहारे दुपट्टे के फंदे से उसका शव लटका मिला।
थानाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर ली है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, अंशिका तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। पिता अमर बहादुर वर्मा खेती-बाड़ी करते हैं। अंशिका की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
असफल होने पर छात्र ने खाया विषाक्त, इलाज जारी
सीतापुर में यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में लगातार दो बार असफल होने के कारण पचेहरा मजरा नौनेरी निवासी एक छात्र ने बृहस्पतिवार रात विषाक्त पदार्थ का खा लिया। परिजनों के मुताबिक, फेल होने के चलते उसने यह कदम उठाया है। परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी नहीं दी है, छात्र का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।पचेहरा के मजरा नौनेरी निवासी विकास (18) ढोलईकलां स्थित एक इंटर कॉलेज का छात्र है। दादी जयंत्री के अनुसार विकास पिछले वर्ष हाईस्कूल में पढ़ रहा था। फेल होने पर वह इस वर्ष भी हाईस्कूल परीक्षा में शामिल हुआ था। बृहस्पतिवार को परीक्षाफल घोषित होने पर इस बार भी परीक्षा में वह असफल हो गया।
परिणाम से आहत होकर रात में छात्र ने घर में रखा विषाक्त पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। परिजन छात्र को लेकर सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज चल रहा है। छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही है।
दादी के अनुसार, पिछले वर्ष असफल होने के चलते विकास इस बार भी मानसिक दबाव में था। इस बार भी असफल होने के बाद उसने यह कदम उठा लिया। थानाध्यक्ष बलवंत शाही ने बताया कि परिजनों ने फिलहाल पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है।

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