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Hamirpur News: रबी व खरीफ सीजन में 6413 आवेदन मिले फर्जी
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हमीरपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा में फर्जीवाड़ा करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। जनपद में रबी व खरीफ सीजन में 6,413 आवेदन फर्जी पाए गए। इन्हें निरस्त करक दिया गया है।
राठ क्षेत्र में फसल बीमा में फर्जीवाड़े पर तीन सितंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मौदहा बांध, बंजर जमीन, नाला, रास्ता, वन विभाग की भूमि, बीहड़, सरकारी भूमि के गाटों पर फसल दिखाकर किसान फसल बीमा में बड़ा घोटाला किया गया था। राठ के रौरो व सरीला के देवखरी, ममना, इस्लामपुर व धौहलबुजुर्ग में फसल बीमा में फर्जीवाड़े की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी घनश्याम मीणा से की गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम राठ अभिमन्यु कुमार, एसडीएम न्यायिक विकास यादव ने मामले की जांच की थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई थी।
चकबंदी लेखपाल अनुराग सिंह व अक्षय कुमार शर्मा ने राठ कोतवाली में एक जनसेवा केंद्र संचालक, मुस्करा खुर्द के देवनारायण, वीरसिंह, राजेंद्र सिंह, भवानीदीन, बरुआ के कौशल, जराखर के अवधेश, नौरंगा के दीपक सिंह, बरहरा के बीरेंद्र, मनकेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। धांधली सामने आने के बाद प्रशासन सतर्कता से जांच कर रहा है। 2025 में फसल बीमा के लिए मिले आवेदनों का कृषि व राजस्व विभाग ने नए सिरे से सत्यापन किया। रबी 2025-26 में 2934 व खरीफ 2025-26 में 3479 आवेदन फर्जी पाए गए जिन्हें रद्द कर दिया गया है।
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बांध में फसल दिखा कर दिया था बीमा
फसल बीमा घोटाले में एसडीएम न्यायिक अभिषेक कुमार की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। जांच में पाया गया था कि राठ के रौरो क्षेत्र में मौदहा बांध के कई गाटा फसली दिखाकर बीमा कर दिया गया था। इसका कुल क्षेत्रफल 102 हेक्टेयर है। इसके अलावा नाला, बंजर, बीहड़, आबादी आदि खातों में दर्ज गाटे भी बीमा कंपनियों की सूची में दर्ज हैं जिनका कुल रकबा 21 हेक्टेयर है। कुल 526 हेक्टेयर रकवे पर बीमित किसान और खतौनी में दर्ज खातेदार अलग-अलग मिले थे। रौरो गांव में कृषि भूमि 687 हेक्टेयर है और बीमा कंपनी ने 822.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल का बीमा कर दिया था।
राठ क्षेत्र में फसल बीमा में फर्जीवाड़े पर तीन सितंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मौदहा बांध, बंजर जमीन, नाला, रास्ता, वन विभाग की भूमि, बीहड़, सरकारी भूमि के गाटों पर फसल दिखाकर किसान फसल बीमा में बड़ा घोटाला किया गया था। राठ के रौरो व सरीला के देवखरी, ममना, इस्लामपुर व धौहलबुजुर्ग में फसल बीमा में फर्जीवाड़े की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी घनश्याम मीणा से की गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम राठ अभिमन्यु कुमार, एसडीएम न्यायिक विकास यादव ने मामले की जांच की थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई थी।
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चकबंदी लेखपाल अनुराग सिंह व अक्षय कुमार शर्मा ने राठ कोतवाली में एक जनसेवा केंद्र संचालक, मुस्करा खुर्द के देवनारायण, वीरसिंह, राजेंद्र सिंह, भवानीदीन, बरुआ के कौशल, जराखर के अवधेश, नौरंगा के दीपक सिंह, बरहरा के बीरेंद्र, मनकेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। धांधली सामने आने के बाद प्रशासन सतर्कता से जांच कर रहा है। 2025 में फसल बीमा के लिए मिले आवेदनों का कृषि व राजस्व विभाग ने नए सिरे से सत्यापन किया। रबी 2025-26 में 2934 व खरीफ 2025-26 में 3479 आवेदन फर्जी पाए गए जिन्हें रद्द कर दिया गया है।
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फसल बीमा घोटाले में एसडीएम न्यायिक अभिषेक कुमार की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। जांच में पाया गया था कि राठ के रौरो क्षेत्र में मौदहा बांध के कई गाटा फसली दिखाकर बीमा कर दिया गया था। इसका कुल क्षेत्रफल 102 हेक्टेयर है। इसके अलावा नाला, बंजर, बीहड़, आबादी आदि खातों में दर्ज गाटे भी बीमा कंपनियों की सूची में दर्ज हैं जिनका कुल रकबा 21 हेक्टेयर है। कुल 526 हेक्टेयर रकवे पर बीमित किसान और खतौनी में दर्ज खातेदार अलग-अलग मिले थे। रौरो गांव में कृषि भूमि 687 हेक्टेयर है और बीमा कंपनी ने 822.60 हेक्टेयर क्षेत्रफल का बीमा कर दिया था।