{"_id":"6a6cef4c1c7f72bc4908ea27","slug":"a-medical-camp-was-set-up-but-there-was-neither-drinking-water-nor-seating-arrangements-hamirpur-news-c-223-1-sknp1030-143255-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: लगा दिया मेडिकल कैंप...पीने का पानी न बैठने की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: लगा दिया मेडिकल कैंप...पीने का पानी न बैठने की सुविधा
विज्ञापन
फोटो 31 एचएएमपी 27- बीआरसी केंद्र में अपने दिव्यांग बच्चों के साथ बैठे टीम का इंतजार करते अभिभा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- डेढ़ घंटे देरी से पहुंची मेडिकल टीम, घंटों परेशान रहे अभिभावक व बच्चे
फोटो 31 एचएएमपी 27- बीआरसी केंद्र में अपने दिव्यांग बच्चों के साथ बैठे टीम का इंतजार करते अभिभावक। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 28- कैंप में दिव्यांग बच्चों का परीक्षण करती जनपद स्तरीय मेडिकल टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मुस्करा (हमीरपुर)। दिव्यांग बच्चों के लिए शुक्रवार को बीआरसी केंद्र में मेडिकल एसेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया। कैंप की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग अपने दिव्यांग बच्चों को लेकर बीआरसी केंद्र पहुंचे, लेकिन मेडिकल टीम निर्धारित समय से डेढ़ घंटे देरी से पहुंची। वहीं, केंद्र पर पेयजल सहित बैठने तक की व्यवस्था न होने से अभिभावकों को पेड़ की छांव पर बैठकर घंटों परेशान होना पड़ा।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को मेडिकल एसेसमेंट कैंप की लाइव पड़ताल की तो अव्यवस्थाओं का मकड़जाल देखने को मिला। सूचना पर केंद्र पहुंचे अभिभावक अपने दिव्यांग बच्चों को लेकर सुबह 10 से 11:30 बजे तक डेढ़ घंटे गर्मी में बैठे मेडिकल टीम का इंतजार करते नजर आए। अभिभावकों ने कैंप की अव्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। वहीं, डेढ़ घंटा देरी से पहुंची टीम ने 12:30 बजे के बाद कैंप में बच्चों का परीक्षण शुरू किया। बीआरसी हाॅल में बच्चों को पंखों की हवा तक नसीब नहीं हुई।
-- -- -- -- -- -
फोटो 31 एचएएमपी 29- शिवचरन।
न बैठने की उचित व्यवस्था और न पीने का पानी
उनको 11 बजे के पहले कैंप में उपस्थित होने की सूचना दी गई थी। वह अपनी दिव्यांग बेटी को लेकर ठीक 11 बजे बीआरसी आ गए, लेकिन यहां कहीं भी बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और न ही पेयजल की व्यवस्था है। मेडिकल टीम का अभी अता-पता नहीं है।
विज्ञापन
- शिवचरन, महेवा।
-- -- -- -- -- --
फोटो 31 एचएएमपी 30- सुखदेव।
दो घंटे से मेडिकल टीम का इंतजार
करीब दो घंटे से मेडिकल टीम का इंतजार कर रहे हैं। उनका बेटा पूर्ण रूप से मानसिक व शारीरिक दिव्यांग है। कैंप में दिव्यांग बच्चों के लिए कोई भी मूलभूत सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। गर्मी से राहत के लिए पेड़ों की छाया में बच्चों को लेकर बैठे हैं।
- सुखदेव, भरखरी।
-- -- -- -- -- -
40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग बच्चों के बनेंगे प्रमाणपत्र
दिव्यांग बच्चों के विशेष अध्यापक मयंक ने बताया कि जनपद स्तरीय मेडिकल बोर्ड के द्वारा दिव्यांग बच्चों का परीक्षण किया जाना है। इसमें तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आना सुनिश्चित है। जो छात्र-छात्राएं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग पाए जाएंगे, उन्हें मेडिकल प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। व्यवस्थाओं के बारे में खंड शिक्षाधिकारी ही बता पाएंगे।
-- -- -- -- -- --
उच्च परीक्षण के लिए पांच बच्चों को किया गया रेफर
जिला समन्वयक अनूप पांडे ने बताया कि मेडिकल टीम में जिला अस्पताल के आर्थो सर्जन डॉ. ब्रह्म प्रकाश, ईएनटी सर्जन डॉ. विकास यादव और नेत्र सर्जन डॉ. एके सिंह द्वारा 35 बच्चों का मेडिकल परीक्षण किया गया। इनमें नौ बच्चे दिव्यांग घोषित किए गए हैं। सभी को दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। वहीं, पांच बच्चों को जिला अस्पताल उच्च परीक्षण के लिए रेफर किया गया है। कैंप का समय 11 बजे से था, लेकिन मुख्यालय से आते समय वाहन खराब हो जाने के चलते टीम समय से नहीं पहुंच सकी है।
-- -- -- -- -- --
वर्जन:
दिव्यांग बच्चों के लिए लगाया गया कैंप जिला समन्वयक द्वारा आयोजित है। इसकी पूरी व्यवस्था उन्हीं के द्वारा की गई है। इस समय वह एक बैठक में हैं, इससे अधिक उनके पास इस संबंध में कोई और जानकारी नहीं है।
- रामगोपाल वर्मा, खंड शिक्षाधिकारी मुस्करा।
विज्ञापन
फोटो 31 एचएएमपी 27- बीआरसी केंद्र में अपने दिव्यांग बच्चों के साथ बैठे टीम का इंतजार करते अभिभावक। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 28- कैंप में दिव्यांग बच्चों का परीक्षण करती जनपद स्तरीय मेडिकल टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मुस्करा (हमीरपुर)। दिव्यांग बच्चों के लिए शुक्रवार को बीआरसी केंद्र में मेडिकल एसेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया। कैंप की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग अपने दिव्यांग बच्चों को लेकर बीआरसी केंद्र पहुंचे, लेकिन मेडिकल टीम निर्धारित समय से डेढ़ घंटे देरी से पहुंची। वहीं, केंद्र पर पेयजल सहित बैठने तक की व्यवस्था न होने से अभिभावकों को पेड़ की छांव पर बैठकर घंटों परेशान होना पड़ा।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को मेडिकल एसेसमेंट कैंप की लाइव पड़ताल की तो अव्यवस्थाओं का मकड़जाल देखने को मिला। सूचना पर केंद्र पहुंचे अभिभावक अपने दिव्यांग बच्चों को लेकर सुबह 10 से 11:30 बजे तक डेढ़ घंटे गर्मी में बैठे मेडिकल टीम का इंतजार करते नजर आए। अभिभावकों ने कैंप की अव्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। वहीं, डेढ़ घंटा देरी से पहुंची टीम ने 12:30 बजे के बाद कैंप में बच्चों का परीक्षण शुरू किया। बीआरसी हाॅल में बच्चों को पंखों की हवा तक नसीब नहीं हुई।
विज्ञापन
फोटो 31 एचएएमपी 29- शिवचरन।
न बैठने की उचित व्यवस्था और न पीने का पानी
उनको 11 बजे के पहले कैंप में उपस्थित होने की सूचना दी गई थी। वह अपनी दिव्यांग बेटी को लेकर ठीक 11 बजे बीआरसी आ गए, लेकिन यहां कहीं भी बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और न ही पेयजल की व्यवस्था है। मेडिकल टीम का अभी अता-पता नहीं है।
विज्ञापन
- शिवचरन, महेवा।
फोटो 31 एचएएमपी 30- सुखदेव।
दो घंटे से मेडिकल टीम का इंतजार
करीब दो घंटे से मेडिकल टीम का इंतजार कर रहे हैं। उनका बेटा पूर्ण रूप से मानसिक व शारीरिक दिव्यांग है। कैंप में दिव्यांग बच्चों के लिए कोई भी मूलभूत सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। गर्मी से राहत के लिए पेड़ों की छाया में बच्चों को लेकर बैठे हैं।
- सुखदेव, भरखरी।
40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग बच्चों के बनेंगे प्रमाणपत्र
दिव्यांग बच्चों के विशेष अध्यापक मयंक ने बताया कि जनपद स्तरीय मेडिकल बोर्ड के द्वारा दिव्यांग बच्चों का परीक्षण किया जाना है। इसमें तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आना सुनिश्चित है। जो छात्र-छात्राएं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग पाए जाएंगे, उन्हें मेडिकल प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। व्यवस्थाओं के बारे में खंड शिक्षाधिकारी ही बता पाएंगे।
उच्च परीक्षण के लिए पांच बच्चों को किया गया रेफर
जिला समन्वयक अनूप पांडे ने बताया कि मेडिकल टीम में जिला अस्पताल के आर्थो सर्जन डॉ. ब्रह्म प्रकाश, ईएनटी सर्जन डॉ. विकास यादव और नेत्र सर्जन डॉ. एके सिंह द्वारा 35 बच्चों का मेडिकल परीक्षण किया गया। इनमें नौ बच्चे दिव्यांग घोषित किए गए हैं। सभी को दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। वहीं, पांच बच्चों को जिला अस्पताल उच्च परीक्षण के लिए रेफर किया गया है। कैंप का समय 11 बजे से था, लेकिन मुख्यालय से आते समय वाहन खराब हो जाने के चलते टीम समय से नहीं पहुंच सकी है।
वर्जन:
दिव्यांग बच्चों के लिए लगाया गया कैंप जिला समन्वयक द्वारा आयोजित है। इसकी पूरी व्यवस्था उन्हीं के द्वारा की गई है। इस समय वह एक बैठक में हैं, इससे अधिक उनके पास इस संबंध में कोई और जानकारी नहीं है।
- रामगोपाल वर्मा, खंड शिक्षाधिकारी मुस्करा।

फोटो 31 एचएएमपी 27- बीआरसी केंद्र में अपने दिव्यांग बच्चों के साथ बैठे टीम का इंतजार करते अभिभा