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Hamirpur News: मौदहा बांध की सेहत की हो रही जांच, दुरुस्त किए जा रहे गेट
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फोटो 17 एचएएमपी 14- बांध पर काम करती टीम। स्रोत- विभाग
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हमीरपुर। मौदहा बांध की सुरक्षा और मजबूती का परीक्षण विशेषज्ञों की टीम कर रही है। बांध के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दूसरी तरफ गेटों का मरम्मत कार्य भी तेजी से चल रहा है।
बिरमा नदी पर बने बांध की सुरक्षा को लेकर शासन व प्रशासन गंभीर है। शासन से अनुमति मिलने के बाद से लगातार काम किया जा रहा है। बांध को खाली कराने के बाद काम शुरू किया गया है। बांध के अधिकारियों के मुताबिक गेटों की तकनीकी खामियों को दूर करने और उन्हें पूरी तरह दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड कानपुर की मैकेनिकल टीम गेटों पर काम कर रही है।
बताया जा रहा है कि पानी के बहाव को रोकना अहम होता है। जंग-रोधी पेंटिंग, रबड़ सील की जांच और रिप्लेसमेंट, हाइड्रोलिक सिस्टम की सर्विसिंग की जाती है। इसके लिए पूरे एक माह का समय टीम को दिया गया था। 15 मई से शुरू हुआ काम 15 जून 2026 तक पूरा होना है।इसके बाद बांध में पानी भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बारिश के मौसम से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। इन कार्यों में करीब 80 लाख रुपये का बजट खर्च होना अनुमानित है।
खरीफ फसल को भी मिलेगा पानी
मौदहा बांध के अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार का कहना है कि बांध का निर्माण रबी फसल की सिंचाई के लिए किया गया था। इसके बावजूद खरीफ की फसल के लिए भी पानी दिया जाता है। चार हजार हेक्टेयर फसल की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। 15 जून के बाद बांध को भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। रबी फसल के लिए 23 हजार हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य है। हालांकि बीते वर्ष 26 हजार हेक्टेयर फसल सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहा है।
बिरमा नदी पर बने बांध की सुरक्षा को लेकर शासन व प्रशासन गंभीर है। शासन से अनुमति मिलने के बाद से लगातार काम किया जा रहा है। बांध को खाली कराने के बाद काम शुरू किया गया है। बांध के अधिकारियों के मुताबिक गेटों की तकनीकी खामियों को दूर करने और उन्हें पूरी तरह दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड कानपुर की मैकेनिकल टीम गेटों पर काम कर रही है।
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बताया जा रहा है कि पानी के बहाव को रोकना अहम होता है। जंग-रोधी पेंटिंग, रबड़ सील की जांच और रिप्लेसमेंट, हाइड्रोलिक सिस्टम की सर्विसिंग की जाती है। इसके लिए पूरे एक माह का समय टीम को दिया गया था। 15 मई से शुरू हुआ काम 15 जून 2026 तक पूरा होना है।इसके बाद बांध में पानी भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बारिश के मौसम से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। इन कार्यों में करीब 80 लाख रुपये का बजट खर्च होना अनुमानित है।
खरीफ फसल को भी मिलेगा पानी
मौदहा बांध के अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार का कहना है कि बांध का निर्माण रबी फसल की सिंचाई के लिए किया गया था। इसके बावजूद खरीफ की फसल के लिए भी पानी दिया जाता है। चार हजार हेक्टेयर फसल की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। 15 जून के बाद बांध को भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। रबी फसल के लिए 23 हजार हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य है। हालांकि बीते वर्ष 26 हजार हेक्टेयर फसल सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहा है।