{"_id":"6a3d711227ec8c0418059b3e","slug":"two-convicts-sentenced-to-four-years-each-under-the-scst-act-hamirpur-news-c-223-1-ham1013-141806-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: एससी\/एसटी एक्ट में दो दोषियों को चार-चार साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: एससी/एसटी एक्ट में दो दोषियों को चार-चार साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। एससी/एसटी एक्ट विशेष न्यायाधीश रणवीर सिंह ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने 16 साल पुराने दलित उत्पीड़न मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। दोनों को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने दोषियों पर विभिन्न धाराओं में जुर्माना भी लगाया है। पीड़ित को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया गया है।
यह घटना जरिया थाना क्षेत्र के परछा गांव में 19 जून 2010 को हुई थी। प्रागीलाल के पुत्र राजेश से जयप्रकाश और ठाकुरदास ने शराब लाने के लिए कहा था। राजेश के इन्कार करने पर उसकी पिटाई की गई। जब प्रागीलाल शिकायत करने जा रहे थे तो जयप्रकाश ने उन्हें रोका और धमकी देते हुए हमला किया। आरोपी उन्हें मारते-पीटते हुए गांव तक ले आया और जान से मारने की धमकी दी। गांव के प्रकाश ने हस्तक्षेप कर प्रागीलाल को बचाया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया था।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। दोषियों को एससी/एसटी एक्ट के तहत चार-चार वर्ष का सश्रम कारावास की सजा और चार-चार हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। धारा 324 में तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड दिया गया। धारा 323 में एक-एक वर्ष की सजा के साथ एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगा। धारा 504 और 506 में दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास व चार-चार हजार रुपये की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह घटना जरिया थाना क्षेत्र के परछा गांव में 19 जून 2010 को हुई थी। प्रागीलाल के पुत्र राजेश से जयप्रकाश और ठाकुरदास ने शराब लाने के लिए कहा था। राजेश के इन्कार करने पर उसकी पिटाई की गई। जब प्रागीलाल शिकायत करने जा रहे थे तो जयप्रकाश ने उन्हें रोका और धमकी देते हुए हमला किया। आरोपी उन्हें मारते-पीटते हुए गांव तक ले आया और जान से मारने की धमकी दी। गांव के प्रकाश ने हस्तक्षेप कर प्रागीलाल को बचाया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया था।
विज्ञापन
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। दोषियों को एससी/एसटी एक्ट के तहत चार-चार वर्ष का सश्रम कारावास की सजा और चार-चार हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। धारा 324 में तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड दिया गया। धारा 323 में एक-एक वर्ष की सजा के साथ एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगा। धारा 504 और 506 में दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास व चार-चार हजार रुपये की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन