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Hamirpur News: महिलाएं चला रहीं उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:41 AM IST
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फोटो24 एचएएमपी 20- नर्सरी में पौधे देखता किसान, साथ में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। स्रोतः वि
- फोटो : संवाद
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हमीरपुर। राजकीय शाकभाजी प्रक्षेत्र पौथिया स्थित नवनिर्मित हाईटेक नर्सरी का संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं। पहले दौर में महिलाओं ने गुणवत्तायुक्त शाकभाजी की 10 हजार पौध तैयार की है, इसकी बिक्री भी शुरू कर दी है। अब तक 700 पौध किसान खरीद ले गए। पहले दौर में विभाग की ओर से बीज मुहैया कराया गया।
जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने बताया कि नवनिर्मित हाईटेक नर्सरी में गुणवत्तायुक्त शाकभाजी पौधों की बिक्री शुरू कर दी गई है। यह नर्सरी ओमशांति स्वयं सहायता समूह पौथिया के सहयोग से संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टमाटर, पत्तागोभी, खीरा, तरोई, मिर्च, लौकी, कद्दू, बैंगन, खरबूजा और तरबूज समेत अन्य जिंसों की लगभग 10 हजार पौध तैयार की गई। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार इन पौधों को दो रुपये प्रति पौध की दर से प्राप्त कर सकते हैं।
किसान अपने स्वयं के बीजों से पौध तैयार कराना चाहते हैं तो इसके लिए एक रुपये प्रति पौध की दर से शुल्क देना होगा। शनिवार को भी स्वयं सहायता समूह की दीपा ने बताया कि 200 पौधों की बिक्री हुई है। अब तक 700 पौध बिक चुकी है। स्वयं सहायता समूह बिक्री का 20 फीसदी विभाग को देगा। हाईटेक नर्सरी में देखरेख पूरी तरह से विभाग की ही है। स्वयं सहायता समूह को पौध तैयार करने के लिए खाद बीज देना होगा और इसके एवज में उसे बिक्री का 80 फीसदी हिस्सा मिलेगा। 20 फीसदी पैसा विभाग के खाते में जाएगा।
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जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने बताया कि नवनिर्मित हाईटेक नर्सरी में गुणवत्तायुक्त शाकभाजी पौधों की बिक्री शुरू कर दी गई है। यह नर्सरी ओमशांति स्वयं सहायता समूह पौथिया के सहयोग से संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टमाटर, पत्तागोभी, खीरा, तरोई, मिर्च, लौकी, कद्दू, बैंगन, खरबूजा और तरबूज समेत अन्य जिंसों की लगभग 10 हजार पौध तैयार की गई। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार इन पौधों को दो रुपये प्रति पौध की दर से प्राप्त कर सकते हैं।
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किसान अपने स्वयं के बीजों से पौध तैयार कराना चाहते हैं तो इसके लिए एक रुपये प्रति पौध की दर से शुल्क देना होगा। शनिवार को भी स्वयं सहायता समूह की दीपा ने बताया कि 200 पौधों की बिक्री हुई है। अब तक 700 पौध बिक चुकी है। स्वयं सहायता समूह बिक्री का 20 फीसदी विभाग को देगा। हाईटेक नर्सरी में देखरेख पूरी तरह से विभाग की ही है। स्वयं सहायता समूह को पौध तैयार करने के लिए खाद बीज देना होगा और इसके एवज में उसे बिक्री का 80 फीसदी हिस्सा मिलेगा। 20 फीसदी पैसा विभाग के खाते में जाएगा।
