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Hapur News: डीएम के आदेश के बाद भी कांवड़ मार्गों की हालत गंभीर, कैसे निकलेंगे कांवड़िए
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सिंभावली क्षेत्र में जर्जर कांवड़ यात्रा मार्ग। संवाद
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सिंभावली। सावन माह की कांवड़ यात्रा का समय नजदीक आते ही प्रशासनिक तैयारियों की पोल खुलती नजर आ रही है। क्षेत्र के प्रमुख कांवड़ मार्गों की हालत बेहद खराब बनी हुई है। नवादा नहर पटरी सहित कई रास्ते जगह-जगह टूटे हुए हैं, जबकि मार्गों पर धूल और मिट्टी की मोटी परत जमी हुई है। ऐसे में हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले हजारों शिवभक्तों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
बता दें कि 30 जुलाई से सावन माह प्रारंभ होगा। क्षेत्र में हर वर्ष सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िए अनूपपुर डिबाई, बुकलाना, बिरसिंहपुर, नहर पटरी से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं और विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं, लेकिन इस बार मार्गों की बदहाल स्थिति श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा दोनों पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन में लगे भारी डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। डंपरों से गिरने वाली मिट्टी और रेत ने मार्गों को धूल से भर दिया है।
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इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि डीएम द्वारा कांवड़ यात्रा से पहले मार्गों की मरम्मत और साफ-सफाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सड़कें दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही हैं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले मार्गों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, धूल और गंदगी की सफाई कराई जाए तथा अवैध खनन में लगे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि शिकायत के आधार संबंधित सड़क के मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
बता दें कि 30 जुलाई से सावन माह प्रारंभ होगा। क्षेत्र में हर वर्ष सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िए अनूपपुर डिबाई, बुकलाना, बिरसिंहपुर, नहर पटरी से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं और विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं, लेकिन इस बार मार्गों की बदहाल स्थिति श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा दोनों पर सवाल खड़े कर रही है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन में लगे भारी डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। डंपरों से गिरने वाली मिट्टी और रेत ने मार्गों को धूल से भर दिया है।
इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि डीएम द्वारा कांवड़ यात्रा से पहले मार्गों की मरम्मत और साफ-सफाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सड़कें दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही हैं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले मार्गों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, धूल और गंदगी की सफाई कराई जाए तथा अवैध खनन में लगे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि शिकायत के आधार संबंधित सड़क के मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।