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Hapur News: गंगा एक्सप्रेसवे का ट्रायल अभी दूर रेलिंग लगी नहीं, सर्विस रोड अधूरे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:42 PM IST
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Ganga Expressway trial run still underway, railings not installed, service roads incomplete
गंगा एक्सप्रेसवे पर अधूरा पड़ा निर्माण कार्य ।संवाद
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हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के ट्रायल की तिथि की घोषणा की चचाएं तेज है और कार्यदायी संस्था ने भी 99 फीसदी काम पूरा होने का दावा किया है। लेकिन हकीकत कुछ और है। गंगा एक्सप्रेसवे का कई स्थानों पर निर्माण अधूरा है। रेलिंग और सर्विस रोड के साथ अन्य कार्य भी अधूरे हैं।
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ऐसे में ट्रायल का समय आगे बढ़ाया जा सकता है। यदि आधी-अधूरी तैयारियों के साथ ट्रायल किया तो खतरनाक साबित हो सकता है। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी के गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। दो माह से गंगा एक्सप्रेसवे पर ट्रायल शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
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पहले चरण में हापुड़ से बदायूं तक ट्रायल होना है। इसके लिए सभी इंटरचेंज, टोल, लाइट और डिवाइडर सभी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। अधिकारियों का दावा है कि गंगा एक्सप्रेसवे का अधिकतर कार्य पूरा है।
सर्विस रोड पर फिलहाल काफी काम अधूरा : मेरठ से गंगा एक्सप्रेसवे के कार्य को देखा जाए तो यहां पर अधिकतर कार्य पूरा हो गया है। लेकिन सिंभावली और गढ़ क्षेत्र में सर्विस रोड पर काफी कार्य किया जाना बाकी है। कई जगह तो सर्विस रोड का निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
यहां पर हाईवे की मुख्य सड़क का कुछ हिस्सा भी अधूरा है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर मुख्य मार्ग की रेलिंग नहीं लगी है और फिलहाल खंभे लगाने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना हैकि जब तक इन खामियों को दूर नहीं किया जा सकता, इस पर ट्रायल शुरू किया जाना खतरे से खाली नहीं है।

जल्दबाजी की तो गलत कदम उठाएंगे चालक
सेवानिवृत्त अभियंता एसके सक्सेना ने बताया कि सर्विस रोड चालू नहीं होने पर लोग नीचे उतरने के लिए गलत रास्तों का चुनाव करेंगे। अफरातफरी में यू टर्न, रॉग साइड चलने की स्थिति पैदा होगी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी।
इसके अलावा रेलिंग न होने से भी दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा ही बना रहेगा। इसके लिए सरफेस, डिवाइडर व संकेतकों की स्थिति, उतार-चढ़ाव आदि सब देखा जाता है। इन खामियों को दूर किए बिना ट्रायल संभव नहीं है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति अधिक रहेगी। ऐसे में अधूरे निर्माण कार्यों के बीच ट्रायल भी नहीं कराया जा सकता है। यूपीडा भी ऐसे में किसी जल्दी में नहीं दिख रहा है।
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