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Hapur News: टोल मारपीट मामले में गिरफ्तारी न होने से भड़के अधिवक्ता, तहसील चौपले पर लगाया जाम
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तहसील चौराहे पर जाम लगाने के बाद कोतवाल को ज्ञापन देते अधिवक्ता। संवाद
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हापुड़। थाना हाफिजपुर क्षेत्र के कुराना टोल प्लाजा पर 28 मार्च की रात अधिवक्ता से साथ हुई मारपीट व लूट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सोमवार को अधिवक्ता भड़क उठे। अधिवक्ताओं ने तहसील चौराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। मानव श्रृंखला बनाकर सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान अधिवक्ताओं की पुलिसकर्मियों से भी नोकझोंक हुई। तहसील चौराहे पर जाम लगने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आरोपियों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद अधिवक्ता शांत हुए और सदर कोतवाल विनोद पाण्डेय को ज्ञापन सौंपकर कचहरी लौट गए।
क्या था मामला
हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नवादा व सचिव रवि कुमार ने बताया कि गांव हरसिंगपुर निवासी शंकरलाल सैनी हापुड़ कचहरी में अधिवक्ता हैं। 28 मार्च की रात करीब 11 बजे वह अपने कार चालक हरेंद्र के साथ आगरा से लौट रहे थे। उनकी कार पर फास्ट टैग लगा हुआ था। कुराना टोल प्लाजा पर पहुंचे तो यहां गुलावठी की तरफ से आने वाले वाहनों की लाइन को रोका गया था। टोल कर्मियों ने उनकी कार को भी निकलने नहीं दिया।
विरोध करने पर टोल कर्मियों ने उनके व उनके कार चालक के साथ मारपीट की। इसके बाद टोलकर्मी उन्हें रिकॉर्ड रुम में ले गए और जान से मारने की नियत से उनके गले में पड़े कपड़े उनका गला दबाने का प्रयास किया और उनकी जेब में रखी 13 सौ रुपये की नकदी लूट ली। इतना ही नहीं आरोपियों ने उनके कार चालक को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित भी किया था। इस संबंध में 30 मार्च को पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई।
गिरफ्तारी न होने पर भड़का गुस्सा
अधिवक्ता से मारपीट व लूट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे सैंकड़ों की संख्या में अधिवक्ता तहसील चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। कुछ अधिवक्ता मानव शृंखला बनाकर सड़क पर धरने पर ही बैठ गए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने किसी भी वाहन को तहसील चौराहे से गुजरने नहीं दिया। इस दौरान तहसील चौराहे के चारों तरफ यातायात बाधित हो गया। वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जिससे लोगों को गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इतना ही नहीं प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं की पुलिसकर्मियों से जमकर नोकझोंक भी हुई। करीब आधा घंटे तक हंगामा जारी रहा। मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे नगर कोतवाल विनोद पाण्डेय को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने मामले में आरोपियों पर नियमानुसार कार्रवाई का अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए और कोतवाल को ज्ञापन सौंप दिया। इसके बाद सीओ सदर वरुण मिश्रा भी यहां पहुंच गए। सीओ ने अधिवक्ताओं को बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले टोल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
काफी देर में सामान्य हुई जाम की स्थिति
अधिवक्ताओं ने करीब आधा घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान तहसील चौपले और मेरठ तिराहे के आसपास की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम खुलने के बाद भी यहां स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग गया। ज्ञापन देने वाले अधिवक्ताओं में सचिव रवि कुमार, नरेश कौशिक, सुयश शर्मा, भोपाल सिसौदिया, मोनू कुमार, संजय कंसल, अमित कौशिक आदि शामिल रहे।
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क्या था मामला
हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नवादा व सचिव रवि कुमार ने बताया कि गांव हरसिंगपुर निवासी शंकरलाल सैनी हापुड़ कचहरी में अधिवक्ता हैं। 28 मार्च की रात करीब 11 बजे वह अपने कार चालक हरेंद्र के साथ आगरा से लौट रहे थे। उनकी कार पर फास्ट टैग लगा हुआ था। कुराना टोल प्लाजा पर पहुंचे तो यहां गुलावठी की तरफ से आने वाले वाहनों की लाइन को रोका गया था। टोल कर्मियों ने उनकी कार को भी निकलने नहीं दिया।
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विरोध करने पर टोल कर्मियों ने उनके व उनके कार चालक के साथ मारपीट की। इसके बाद टोलकर्मी उन्हें रिकॉर्ड रुम में ले गए और जान से मारने की नियत से उनके गले में पड़े कपड़े उनका गला दबाने का प्रयास किया और उनकी जेब में रखी 13 सौ रुपये की नकदी लूट ली। इतना ही नहीं आरोपियों ने उनके कार चालक को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित भी किया था। इस संबंध में 30 मार्च को पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई।
गिरफ्तारी न होने पर भड़का गुस्सा
अधिवक्ता से मारपीट व लूट के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे सैंकड़ों की संख्या में अधिवक्ता तहसील चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। कुछ अधिवक्ता मानव शृंखला बनाकर सड़क पर धरने पर ही बैठ गए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने किसी भी वाहन को तहसील चौराहे से गुजरने नहीं दिया। इस दौरान तहसील चौराहे के चारों तरफ यातायात बाधित हो गया। वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जिससे लोगों को गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इतना ही नहीं प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं की पुलिसकर्मियों से जमकर नोकझोंक भी हुई। करीब आधा घंटे तक हंगामा जारी रहा। मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे नगर कोतवाल विनोद पाण्डेय को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने मामले में आरोपियों पर नियमानुसार कार्रवाई का अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए और कोतवाल को ज्ञापन सौंप दिया। इसके बाद सीओ सदर वरुण मिश्रा भी यहां पहुंच गए। सीओ ने अधिवक्ताओं को बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले टोल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
काफी देर में सामान्य हुई जाम की स्थिति
अधिवक्ताओं ने करीब आधा घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान तहसील चौपले और मेरठ तिराहे के आसपास की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम खुलने के बाद भी यहां स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग गया। ज्ञापन देने वाले अधिवक्ताओं में सचिव रवि कुमार, नरेश कौशिक, सुयश शर्मा, भोपाल सिसौदिया, मोनू कुमार, संजय कंसल, अमित कौशिक आदि शामिल रहे।

तहसील चौराहे पर जाम लगाने के बाद कोतवाल को ज्ञापन देते अधिवक्ता। संवाद

तहसील चौराहे पर जाम लगाने के बाद कोतवाल को ज्ञापन देते अधिवक्ता। संवाद

तहसील चौराहे पर जाम लगाने के बाद कोतवाल को ज्ञापन देते अधिवक्ता। संवाद

तहसील चौराहे पर जाम लगाने के बाद कोतवाल को ज्ञापन देते अधिवक्ता। संवाद