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Hapur News: लग रहीं लंबी-लंबी लाइनें, रेस्तां, होटल और ठेलों पर प्रयोग हो रहा घरेलू सिलिंडर
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गैस सिलिंडर की बुकिंग कराने के लिए खिड़की पर लगी लोगों की भीड़। संवाद
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हापुड़। नगर और आसपास के क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलिंडर को लेकर एजेंसियों व गोदामों पर लंबी-लंबी कतारें लगी रही हैं। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी मुश्किल से सिलिंडर मिल पा रहा है। मोबाइल फोन पर डिलीवरी का मैसेज आ जाता है, लेकिन घर तक सिलिंडर नहीं पहुंच रहा है। इस कारण गैस एजेंसियों के लोग चक्कर काटकर परेशान हैं। घंटों लाइन में लगने के बाद भी इन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर होटल, रेस्तां और चाट-पकौड़ी के ठेलों पर खुलेआम घरेलू सिलिंडर का प्रयोग हो रहा है।
कई ठेलों पर दो से तीन सिलिंडर एक बार में प्रयोग हो रहे हैं। इस कारण घरेलू सिलिंडर की खपत बढ़ रही है। इससे लोगों में नाराजगी भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्लों में कई परिवारों के पास दो से तीन कनेक्शन हैं, जबकि उनका परिवार छोटा है। ऐसे लोग सिलिंडर को दोगुना दाम में ब्लैक कर रहे हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी के संचालक और कर्मचारी भी मिलकर अपने पास से बुकिंग करके सिलिंडरों को ब्लैक कर रहे हैं।
जिले में नौ लाख कनेक्शन धारक
जिला पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में करीब नौ लाख एलपीजी कनेक्शन धारक हैं। इनमें से करीब 35 प्रतिशत कनेक्शन धारक ऐसे हैं, जो हर महीने गैस सिलिंडर लेते ही नहीं थे। मार्च में युद्ध के बाद अचानक लोगों ने गैस सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग की तो मैसेज आया कि फरवरी के अंत या मार्च के प्रथम सप्ताह की तारीखों में सिलिंडर की डिलीवरी हो चुकी है, जबकि उपभोक्ता को सिलिंडर मिला ही नहीं था। कंपनियों ने अपना स्टॉक पूरा करने के लिए यह खेल किया। किल्लत के बाद 15 की जगह 25 दिन में बुकिंग हो रही है। लोगों का पुराना सिलिंडर खत्म हो चुका है। यही कारण है कि लोग सिलिंडर की मांग को लेकर लगातार गैस एजेंसी और गोदामों पर पहुंच रहे हैं। वहीं, जिले में संबंधित कंपनियों के अधिकारी जिला पूर्ति विभाग को भी जनवरी, फरवरी और मार्च में अब तक कितने गैस सिलिंडर की बिक्री हुई है। इसका कोई डाटा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। ऐसे में खपत बढ़ी है या घटी है। इसकी जानकारी छुपाई जा रही है। इससे सिलिंडर के ब्लैक होने की पूरी संभावनाएं हैं।
सीन एक : पुराना बाजार में तंदूर में हो रहा सिलिंडर का प्रयोग
पुराना बाजार स्थित एक होटल के तंदूर में घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग हो रहा था। होटल के अंदर भी अन्य घरेलू सिलिंडर रखे हुए थे, जबकि नियमानुसार होटल के कार्य के लिए कमर्शियल सिलिंडर का प्रयोग होना चाहिए। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सीन दो : ठेले पर प्रयोग हो रहे तीन घरेलू सिलिंडर
मीनाक्षी रोड पर एक ठेले पर तीन घरेलू सिलिंडर का प्रयोग एक साथ चल रहा था। सिलिंडर के बारे में जानकारी करने पर एक कर्मचारी ने बताया कि दो सिलिंडर डेढ़ गुना दाम में पड़ोसियों से ब्लैक में लिए हैं। एक सिलिंडर घर का है। इन दिनों कंपनियों से एक 14.5 किलोग्राम वाला सिलिंडर 920 रुपये में मिल रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि बुधवार को बीपीसीएल की तरफ से कुछ कमर्शियल सिलिंडर जिले में एजेंसियों पर आए हैं। कंपनियों से जनवरी, फरवरी और मार्च में अब तक हुई घरेलू गैस सिलिंडर की खपत का डाटा मांगा गया है, लेकिन यह उपलब्ध नहीं हो सका है। कोई भी सिलिंडर को ब्लैक करेगा तो उसके खलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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कई ठेलों पर दो से तीन सिलिंडर एक बार में प्रयोग हो रहे हैं। इस कारण घरेलू सिलिंडर की खपत बढ़ रही है। इससे लोगों में नाराजगी भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्लों में कई परिवारों के पास दो से तीन कनेक्शन हैं, जबकि उनका परिवार छोटा है। ऐसे लोग सिलिंडर को दोगुना दाम में ब्लैक कर रहे हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी के संचालक और कर्मचारी भी मिलकर अपने पास से बुकिंग करके सिलिंडरों को ब्लैक कर रहे हैं।
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जिले में नौ लाख कनेक्शन धारक
जिला पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में करीब नौ लाख एलपीजी कनेक्शन धारक हैं। इनमें से करीब 35 प्रतिशत कनेक्शन धारक ऐसे हैं, जो हर महीने गैस सिलिंडर लेते ही नहीं थे। मार्च में युद्ध के बाद अचानक लोगों ने गैस सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग की तो मैसेज आया कि फरवरी के अंत या मार्च के प्रथम सप्ताह की तारीखों में सिलिंडर की डिलीवरी हो चुकी है, जबकि उपभोक्ता को सिलिंडर मिला ही नहीं था। कंपनियों ने अपना स्टॉक पूरा करने के लिए यह खेल किया। किल्लत के बाद 15 की जगह 25 दिन में बुकिंग हो रही है। लोगों का पुराना सिलिंडर खत्म हो चुका है। यही कारण है कि लोग सिलिंडर की मांग को लेकर लगातार गैस एजेंसी और गोदामों पर पहुंच रहे हैं। वहीं, जिले में संबंधित कंपनियों के अधिकारी जिला पूर्ति विभाग को भी जनवरी, फरवरी और मार्च में अब तक कितने गैस सिलिंडर की बिक्री हुई है। इसका कोई डाटा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। ऐसे में खपत बढ़ी है या घटी है। इसकी जानकारी छुपाई जा रही है। इससे सिलिंडर के ब्लैक होने की पूरी संभावनाएं हैं।
सीन एक : पुराना बाजार में तंदूर में हो रहा सिलिंडर का प्रयोग
पुराना बाजार स्थित एक होटल के तंदूर में घरेलू गैस सिलिंडर का प्रयोग हो रहा था। होटल के अंदर भी अन्य घरेलू सिलिंडर रखे हुए थे, जबकि नियमानुसार होटल के कार्य के लिए कमर्शियल सिलिंडर का प्रयोग होना चाहिए। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सीन दो : ठेले पर प्रयोग हो रहे तीन घरेलू सिलिंडर
मीनाक्षी रोड पर एक ठेले पर तीन घरेलू सिलिंडर का प्रयोग एक साथ चल रहा था। सिलिंडर के बारे में जानकारी करने पर एक कर्मचारी ने बताया कि दो सिलिंडर डेढ़ गुना दाम में पड़ोसियों से ब्लैक में लिए हैं। एक सिलिंडर घर का है। इन दिनों कंपनियों से एक 14.5 किलोग्राम वाला सिलिंडर 920 रुपये में मिल रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि बुधवार को बीपीसीएल की तरफ से कुछ कमर्शियल सिलिंडर जिले में एजेंसियों पर आए हैं। कंपनियों से जनवरी, फरवरी और मार्च में अब तक हुई घरेलू गैस सिलिंडर की खपत का डाटा मांगा गया है, लेकिन यह उपलब्ध नहीं हो सका है। कोई भी सिलिंडर को ब्लैक करेगा तो उसके खलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।

गैस सिलिंडर की बुकिंग कराने के लिए खिड़की पर लगी लोगों की भीड़। संवाद

गैस सिलिंडर की बुकिंग कराने के लिए खिड़की पर लगी लोगों की भीड़। संवाद