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Hapur News: सिलिंडर के लिए खेतों से होकर लगानी पड़ रही दौड़, तीन घंटे अफरा-तफरी
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पिलखुवा के परतापुर रोड पर खेतों में सिलिंडर के लिए लगी लोगों की भीड़।संवाद
- फोटो : 1
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पिलखुवा। नगर में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर हालात बेकाबू हो रहे हैं। उपभोक्ता सिलिंडर पाने के लिए खेतों तक दौड़ने को मजबूर हैं और करीब तीन घंटे तक गोदाम और गाड़ी के बीच अफरातफरी का माहौल बना रहा। बुकिंग के बावजूद सिलिंडर न मिलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।
अशोक, राकेश, अमित, वृंदा और शशि ने बताया कि सिलिंडर की गाड़ी सामान्य तौर पर गोदाम पर खड़ी होती है, लेकिन इस बार भारी भीड़ के कारण गाड़ी को गोदाम से दूर खेतों की तरफ खड़ा कर दिया गया। इसके बाद लोग गोदाम और गाड़ी के बीच लगातार दौड़ते रहे। करीब तीन घंटे तक यही स्थिति बनी रही और किसी तरह सिलिंडर पाने की होड़ मची रही।
उपभोक्ताओं का कहना है कि वितरण व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। न कोई तय व्यवस्था है और न ही कोई नियंत्रण। लोग एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा। इससे घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
वहीं, भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि सभी गाड़ी चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर गैस वितरण नहीं किया जाएगा, लेकिन जब गाड़ी एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती है तो लोग सिलिंडर लेने के लिए उसे घेर लेते हैं। ऐसी स्थिति में वितरण हो सकता है, हालांकि अब तक इस तरह का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।
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अशोक, राकेश, अमित, वृंदा और शशि ने बताया कि सिलिंडर की गाड़ी सामान्य तौर पर गोदाम पर खड़ी होती है, लेकिन इस बार भारी भीड़ के कारण गाड़ी को गोदाम से दूर खेतों की तरफ खड़ा कर दिया गया। इसके बाद लोग गोदाम और गाड़ी के बीच लगातार दौड़ते रहे। करीब तीन घंटे तक यही स्थिति बनी रही और किसी तरह सिलिंडर पाने की होड़ मची रही।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि वितरण व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। न कोई तय व्यवस्था है और न ही कोई नियंत्रण। लोग एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा। इससे घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
वहीं, भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि सभी गाड़ी चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर गैस वितरण नहीं किया जाएगा, लेकिन जब गाड़ी एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती है तो लोग सिलिंडर लेने के लिए उसे घेर लेते हैं। ऐसी स्थिति में वितरण हो सकता है, हालांकि अब तक इस तरह का कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।