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Hapur News: बेमौमस बारिश से गेहूं की फसल पर संकट, बढ़ी चिंता
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गांव दस्तोई रोड पर खेत में गेंहू की फसल काटती महिला। संवाद
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हापुड़। बेमौसम बारिश ने गेहूं उत्पादक किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बारिश के साथ तेज हवा के चलते खेतों में गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग रुक गई है। दो दिन और मौसम खराब रहने का अनुमान है। ऐसे में गेहूं की फसल को भारी नुकसान की भी संभावना है।
जिले में 42 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में गेहूं की बुवाई की गई है। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है। किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी है लेकिन मंगलवार को दिनभर बरसात और आसमान में बादल छाए रहने से किसानों को बीच में ही फसल की कटाई रोकनी पड़ी।
किसानों का कहना है कि जो फसल कट चुकी है, उस पर बरसात से ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। यदि तेज हवाएं भी साथ चलती हैं तो फसल गिरने से गेहूं की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा। आलू के गिरते दाम से पहले ही किसान बर्बाद हो चुके हैं। अब गेहूं कटाई के दौरान बेमौसम बरसात किसानों की चिंता का सबब बनी है।
इस मौसम में बारिश से सरसों और आलू के खाली हुए खेतों में गन्ने की बुवाई भी प्रभावित हो गई है। आम के बोर को बारिश से नुकसान की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि इस मौसम की बारिश फसलों के लिए अभिशाप है।
न्यूनतम तापमान में दो डिग्री गिरावट
मंगलवार को बरसात होने से न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरकर 17 डिग्री रह गया है। जबकि अधिकतम तापमान में भी दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया। अभी तापमान में और गिरावट की संभावना है।
बीमा कंपनी को भी करें सूचित
गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है वह बीमा कंपनियों को सूचित करें। ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। इस मौसम में बरसात से गेहूं की फसल को नुकसान की संभावना है।
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जिले में 42 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में गेहूं की बुवाई की गई है। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है। किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी है लेकिन मंगलवार को दिनभर बरसात और आसमान में बादल छाए रहने से किसानों को बीच में ही फसल की कटाई रोकनी पड़ी।
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किसानों का कहना है कि जो फसल कट चुकी है, उस पर बरसात से ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। यदि तेज हवाएं भी साथ चलती हैं तो फसल गिरने से गेहूं की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा। आलू के गिरते दाम से पहले ही किसान बर्बाद हो चुके हैं। अब गेहूं कटाई के दौरान बेमौसम बरसात किसानों की चिंता का सबब बनी है।
इस मौसम में बारिश से सरसों और आलू के खाली हुए खेतों में गन्ने की बुवाई भी प्रभावित हो गई है। आम के बोर को बारिश से नुकसान की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि इस मौसम की बारिश फसलों के लिए अभिशाप है।
न्यूनतम तापमान में दो डिग्री गिरावट
मंगलवार को बरसात होने से न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरकर 17 डिग्री रह गया है। जबकि अधिकतम तापमान में भी दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया। अभी तापमान में और गिरावट की संभावना है।
बीमा कंपनी को भी करें सूचित
गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है वह बीमा कंपनियों को सूचित करें। ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। इस मौसम में बरसात से गेहूं की फसल को नुकसान की संभावना है।

गांव दस्तोई रोड पर खेत में गेंहू की फसल काटती महिला। संवाद